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Kurukshetra News: पिपली एसबीआई शाखा से 1.60 लाख का पशु किसान क्रेडिट लोन डिफॉल्ट
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कुरुक्षेत्र। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) पिपली शाखा ने पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड (पीकेसीसी) योजना के तहत दिए गए ऋण को न चुकाने पर ग्राहक शुभम कुमार के खिलाफ दायर वसूली मुकदमे जीता। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) आयुषी अरोड़ा की अदालत ने गोविंद माजरा गांव निवासी आरोपी शुभम कुमार की गैरहाजिरी में फैसला सुनाते हुए 1,75,088 रुपये चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही मुकदमे चलने के दौरान और भविष्य की ब्याज दर छह प्रतिशत ब्याज प्रति वर्ष लगाई गई है।
शुभम कुमार ने 12 जून 2021 को पशु पालन कार्य के लिए 1,60,000 रुपये का पीकेसीसी लोन मांगा था। बैंक ने 13 दिसंबर 2021 को लोन स्वीकृत कर दिया। शुभम कुमार ने हाइपोथेकेशन एग्रीमेंट समेत सभी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए लेकिन लोन लेने के बाद उन्होंने कोई किस्त नहीं चुकाई और न ही पशु आहार की खरीद के कोई बिल व रसीद पेश किए।
लोन खाता 16 फरवरी 2024 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित कर दिया गया। बैंक के कई बार याद दिलाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अंत में 15 मई 2024 को कानूनी नोटिस भेजा गया लेकिन वह भी वापस आ गया। प्रमाणित खाता विवरण के अनुसार 1,75,088 रुपये बकाया थे।
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अदालत ने पाया कि बैंक ने लोन आवेदन, पैन कार्ड, बीमा पॉलिसी, हाइपोथेकेशन एग्रीमेंट, लेटर ऑफ अरेंजमेंट और प्रमाणित स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट सहित मजबूत दस्तावेजी सबूत पेश किए। शुभम कुमार नोटिस के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए और 20 सितंबर 2024 को उनके खिलाफ एक्स-पार्टे कार्यवाही शुरू कर दी गई।
अदालत ने कहा कि बैंक का दावा बिना चुनौती के साबित हो गया है। इसलिए मुकदमा डिक्री कर दिया गया। शुभम कुमार को दो माह के अंदर पूरी राशि चुकाने का समय दिया गया है। यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो बैंक हाइपोथेकेटेड संपत्ति (पशुधन संबंधी संपार्श्विक) और अन्य संपत्तियों की नीलामी से राशि वसूल कर सकेगा। मुकदमे का खर्च भी शुभम कुमार पर लगाया गया है।
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शुभम कुमार ने 12 जून 2021 को पशु पालन कार्य के लिए 1,60,000 रुपये का पीकेसीसी लोन मांगा था। बैंक ने 13 दिसंबर 2021 को लोन स्वीकृत कर दिया। शुभम कुमार ने हाइपोथेकेशन एग्रीमेंट समेत सभी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए लेकिन लोन लेने के बाद उन्होंने कोई किस्त नहीं चुकाई और न ही पशु आहार की खरीद के कोई बिल व रसीद पेश किए।
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लोन खाता 16 फरवरी 2024 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित कर दिया गया। बैंक के कई बार याद दिलाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अंत में 15 मई 2024 को कानूनी नोटिस भेजा गया लेकिन वह भी वापस आ गया। प्रमाणित खाता विवरण के अनुसार 1,75,088 रुपये बकाया थे।
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अदालत ने पाया कि बैंक ने लोन आवेदन, पैन कार्ड, बीमा पॉलिसी, हाइपोथेकेशन एग्रीमेंट, लेटर ऑफ अरेंजमेंट और प्रमाणित स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट सहित मजबूत दस्तावेजी सबूत पेश किए। शुभम कुमार नोटिस के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए और 20 सितंबर 2024 को उनके खिलाफ एक्स-पार्टे कार्यवाही शुरू कर दी गई।
अदालत ने कहा कि बैंक का दावा बिना चुनौती के साबित हो गया है। इसलिए मुकदमा डिक्री कर दिया गया। शुभम कुमार को दो माह के अंदर पूरी राशि चुकाने का समय दिया गया है। यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो बैंक हाइपोथेकेटेड संपत्ति (पशुधन संबंधी संपार्श्विक) और अन्य संपत्तियों की नीलामी से राशि वसूल कर सकेगा। मुकदमे का खर्च भी शुभम कुमार पर लगाया गया है।