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मासिक फीस बढ़ाने के खिलाफ सड़क पर उतरे अभिभावक
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शाहाबाद में निजी स्कूलों के खिलाफ रोष जताते अभिभावक। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। निजी स्कूलों की मासिक फीस में बेहताशा वृद्धि के विरोध में सोमवार को अभिभावक सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में अभिभावक जगदीश चंद्र कालड़ा पार्क में एकत्रित हुए की ओर स्कूलों बढ़ाई गई फीस और महंगे दामों में बेची जा रही किताबों को लेकर रोष जताया। साथ ही फीस वृद्धि वापस नहीं लेने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
अभिभावक सुरेंद्र नागपाल, पवन मिगलानी, अमन कालड़ा, दीपू सचदेवा, संजीव सचदेवा, सुमेर सिंह मलिक, रामचरण, मनोहर सैनी, नेहा, मोनिका, कोमल ने कहा कि सरकार की तरफ से दाखिला फीस पर रोक लगाई गई है। निजी स्कूल दाखिले की फीस को मासिक फीस में जरिये निकाल रहे हैं। स्कूलों की ओर से मासिक फीस में पांच सौ से लेकर आठ सौ रुपये तक की वृद्धि की गई है। नियमों के मुताबिक मासिक फीस में सालाना दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन एक साथ आठ सौ रुपये तक वृद्धि होने से परिजनों पर आर्थिक बोझ बड़ेगा। इससे उनके घर का बजट बिगड़ जाएगा।
जिला प्रशासन व जिला शिक्षा विभाग को स्कूलों की इस मनमानी पर रोक लगानी चाहिए। जिन स्कूलों ने एक साथ पांच सौ से आठ सौ तक फीस में वृद्धि की है उनके खिलाफ कार्रवाई करके फीस कम करनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि एनसीईआरटी की जिन किताबों का रेट मात्र एक हजार रुपये तक है, वह उन्हें चार से पांच हजार रुपये में बेची जा रही है। अभिभावकों ने निर्णय लिया कि मंगलवार को वह एकत्रित होकर एसडीएम कपिल शर्मा व खंड शिक्षा अधिकारी से मिलेंगे। इसके बाद भी निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो वह लोग धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
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शाहाबाद। निजी स्कूलों की मासिक फीस में बेहताशा वृद्धि के विरोध में सोमवार को अभिभावक सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में अभिभावक जगदीश चंद्र कालड़ा पार्क में एकत्रित हुए की ओर स्कूलों बढ़ाई गई फीस और महंगे दामों में बेची जा रही किताबों को लेकर रोष जताया। साथ ही फीस वृद्धि वापस नहीं लेने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
अभिभावक सुरेंद्र नागपाल, पवन मिगलानी, अमन कालड़ा, दीपू सचदेवा, संजीव सचदेवा, सुमेर सिंह मलिक, रामचरण, मनोहर सैनी, नेहा, मोनिका, कोमल ने कहा कि सरकार की तरफ से दाखिला फीस पर रोक लगाई गई है। निजी स्कूल दाखिले की फीस को मासिक फीस में जरिये निकाल रहे हैं। स्कूलों की ओर से मासिक फीस में पांच सौ से लेकर आठ सौ रुपये तक की वृद्धि की गई है। नियमों के मुताबिक मासिक फीस में सालाना दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन एक साथ आठ सौ रुपये तक वृद्धि होने से परिजनों पर आर्थिक बोझ बड़ेगा। इससे उनके घर का बजट बिगड़ जाएगा।
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जिला प्रशासन व जिला शिक्षा विभाग को स्कूलों की इस मनमानी पर रोक लगानी चाहिए। जिन स्कूलों ने एक साथ पांच सौ से आठ सौ तक फीस में वृद्धि की है उनके खिलाफ कार्रवाई करके फीस कम करनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि एनसीईआरटी की जिन किताबों का रेट मात्र एक हजार रुपये तक है, वह उन्हें चार से पांच हजार रुपये में बेची जा रही है। अभिभावकों ने निर्णय लिया कि मंगलवार को वह एकत्रित होकर एसडीएम कपिल शर्मा व खंड शिक्षा अधिकारी से मिलेंगे। इसके बाद भी निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो वह लोग धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
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