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डॉ. हरिओम को पद्मश्री: 10000 किसानों, 500 वैज्ञानिकों, 60 से ज्यादा IAS को दे चुके प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण
Sat, 27 Jan 2024 10:13 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 27 Jan 2024 10:13 PM IST
सार
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती मॉडल के स्टेट कोआर्डिनेटर डॉ. हरिओम को पद्मश्री मिला है। उनको बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम। डॉ. हरिओम को पुरस्कृत करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पिछले करीब आठ साल के दौरान देशभर के 10 हजार से ज्यादा किसानों, 500 से ज्यादा कृषि वैज्ञानिकों व 100 से ज्यादा आईएएस अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दे चुके वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम हर किसान तक प्राकृतिक खेती को पहुंचाने में जुटे हैं।
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केंद्र सरकार ने उनके प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास के चलते ही पदमश्री पुरस्कार देने का एलान किया है, जिससे न केवल गुरुकुल कुरुक्षेत्र बल्कि पूरे जिलाभर में भी खुशी की लहर दौड़ गई। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उनके मान की घोषणा के बाद आज शनिवार को भी उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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बता दें कि डॉ. हरिओम चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक रहे हैं। 36 साल तक की सेवा में वे 28 साल तक कृषि शोध से जुड़े रहे तो वहीं एचएयू के कौल, जिला कैथल स्थित कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य भी रहे हैं। अपनी सेवाओं के पिछले पांच वर्षों में वे कृषि विज्ञान केंद्र कैथल व कुरुक्षेत्र मुखिया रहे।
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इस दौरान उन्होंने कड़े प्रयास कर किसानों को जागरूक किया और दोनों जिलों के पांच किसानों को जोनल अवाॅर्ड तक जिताने में कामयाब रहे। यही नहीं उन्हें जहां कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के प्रदेश स्तर पर प्रथम आने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल सम्मानित कर चुके हैं तो वहीं पूरे जाेन में कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र प्रथम रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी सम्मानित किए जा चुके हैं।
वर्ष 2016 से प्राकृतिक खेती से जुड़े
डाॅ. हरिओम एचएयू से बतौर वरिष्ठ वैज्ञानिक भले ही जनवरी 2019 में सेवानिवृत हो गए, लेकिन वे वर्ष 2016 से ही प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं। हालांकि उन्होंने पहले समयानुसार जैविक खेती पर भी खूब कार्य किया। सेवानिवृति के बाद वे गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की अगुवाई में गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती मॉडल से बतौर स्टेट कोर्डिनेटर जुड़े तो इस अब तक वे बेहद व्यापक स्तर पर किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक कर चुके हैं। यहां तक कि उनके द्वारा गुरुकुल कुरुक्षेत्र के ही प्रशिक्षण केंद्र पर विभिन्न प्रदेशों के किसानों के साथ-साथ अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों के अलावा नेपाल व श्रीलंका के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व वैज्ञानिकों को भी गूढ़ जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने ही पिछले दिनों पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल व मुख्यमंत्रियों को प्राकृतिक खेती के बारे में बारीकी से जानकारी दी थी।
हर किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े, यही लक्ष्य : डॉ. हरिओम
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हरिओम ने पदमश्री पुरस्कार के लिए चयन किए जाने पर आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका लक्ष्य है प्राकृतिक खेती से हर किसान जुड़े। एक गाय को रखकर 16 एकड़ तक की खेती किसान बिना लागत के करते हुए बड़ा मुनाफा कमा सकता है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के निर्देशन में गुरुकुल फार्म पर प्राकृतिक खेती को देख हर कोई हैरान है।