फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Paddy lying in the open in the mandi drenched in drizzle, farmers kept running in the mandis

बूंदाबांदी में भीगा मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 02:24 AM IST
विज्ञापन
Paddy lying in the open in the mandi drenched in drizzle, farmers kept running in the mandis
जिले में रविवार सुबह से शाम तक हुई बूंदाबांदी से अनाज मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। इस दौरान किसान अपने धान को बचाने के लिए तिरपाल और अन्य साधनों की व्यवस्था करने के लिए मंडियों में दौड़ते रहे।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार जिले में चार एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं थानेसर, लाडवा, इस्माईलाबाद सहित कई क्षेत्रों में दिनभर बूंदाबांदी जारी रही, लेकिन बारिश ने किसानों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। बूंदाबांदी से जहां धान की कटाई प्रभावित हुई, वहीं अनाज मंडियों में खरीद के लिए आई धान की ढेरियां भी खुले में पड़े होने के कारण भीगती रही। हालांकि किसानों और आढ़तियों ने धान को भीगने से बचाने के लिए ढेरियों को तिरपाल से तो ढका, लेकिन फिर भी हजारों क्विंटल धान भीग गया। मौसम विभाग ने सोमवार को भी 62 प्रतिशत बारिश होने की संभावना जताई है।
विज्ञापन

किसान अनिल कुमार, प्रदीप, अश्विनी, राजू जलबेहड़ा, दीपचंद ने बताया कि जैसे-तैसे करके किसानों ने धान की फसल तैयार की थी, लेकिन बूंदाबांदी ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसानों को अब इस बात की चिंता सता रही है कि अब एजेंसियां धान में नमी बताकर खरीद करेंगी। किसानों ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद किसानों ने धान कटाई का कार्य तेज कर दिया था। 70 प्रतिशत धान कटाई का कार्य पूरा भी कर लिया था। अब बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। उन्होंने बताया कि बारीक किस्म के धान बासमती व 1121 किस्म इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। बारिश का असर आगामी फसलों की बुवाई पर भी पड़ा है। आलू और सरसों सहित अन्य फसलों की बुवाई रुक गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिलेभर में अब तक 6 लाख 92 हजार 625 मीट्रिक टन धान की खरीद
जिल की अनाज मंडियों में 16 अक्तूबर तक 87375 किसानों की 6 लाख 92 हजार 625 मीट्रिक टन धान की खरीदी जा चुकी है। इनमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 531907 और हैफेड ने 160502 मीट्रिक टन धान खरीदा है और एजेंसियों की ओर से 4 लाख 44 हजार 292 एमटी धान का उठान किया जा चुका है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक की रिपोर्ट के आधार पर अजराना कलां मंडी में 4689, बाबैन मंडी में 44610 एमटी, भौर सैयदां में 2095 एमटी, चढूनी जाटान में 2257 एमटी, गुमथला गढू में 18540 एमटी, इस्माईलाबाद में 80703 एमटी, झांसा में 18352 एमटी, कुरुक्षेत्र मंडी में 134759 एमटी, लाडवा मंडी में 86041 एमटी, लुखी मंडी में 349 एमटी, मलिकपुर मंडी में 2764 एमटी, नलवी मंडी में 4123 एमटी, पिपली मंडी में 42444 एमटी, पिहोवा मंडी में 121031 एमटी, शाहाबाद मंडी में 106625 एमटी, ठोल मंडी में 20104 एमटी, थाना में 3189 एमटी धान की फसल खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है।
खरीद केंद्रों पर सुचारु रूप से चल रहा धान खरीद का कार्य
उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि जिले में खरीद केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। खरीद केंद्रों पर किसान अपनी फसलों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों व एसडीएम को निर्देश दिए गए है कि अपनी-अपनी मंडियों में मौके पर जाकर प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन करें।

बूंदाबांदी से ज्यादा नहीं नुकसान, हवा चली तो होगा नुकसान: डॉ. प्रदीप
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप मील का कहना है कि बूंदाबांदी से धान की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं है। क्वालिटी में थोड़ा फर्क जरूर आएगा, लेकिन बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने पर ज्यादा नुकसान होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed