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खुले में शौचमुक्त जिला बनाने पर उपायुक्त का सम्मान
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:12 AM IST
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा कुरुक्षेत्र जिले को खुले में शौच मुक्त होने पर उपायुक्त सुमेधा कटारिया को गुरूग्राम में आयोजित शक्ति सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर सम्मानित किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त धर्मवीर सिंह, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक सहित सभी समाजसेवी, धार्मिक संस्थाओं ने उपायुक्त को बधाई दी।
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उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने इस उपलब्धि को जिले के सभी आमजनों के सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर 2016 को जिला खुले में शौचमुक्त हो गया था। जिले को शौचमुक्त बनाने के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवी संस्थाओं व जिले के स्वच्छता सैनिकों का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि जिले को खुले से शौचमुक्त बनाने के लिए 100 दिनों में करीब 6 हजार शौचालय लोगों द्वारा अपने खर्च से बनाए गए जोकि बड़ी उपलब्धि है। अब यह कार्य लगातार जारी रहे इसके लिए भी सभी को साझा प्रयास करने होंगे।
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2013 में शुरू की थी मुहिम
उपायुक्त ने बताया कि 2013 में उन्हीं के प्रयासों से कुरुक्षेत्र को स्वच्छ बनाने की मुहिम शुरू की थी। उस समय करीब 300 गांव को निर्मल गांव की श्रेणी में शामिल किया गया था। परंतु लोगों ने इस कार्य में थोड़ी से अनदेखी की तो यह आंकड़ा काफी घट गया। 9 अगस्त 2016 तक जिले में केवल 67 गांव ही निर्मल गांव थे। परंतु सभी के प्रयासों से 6 दिसंबर 2016 तक पूरा जिला खुले में शौचमुक्त हो गया। इसके परिणामस्वरूप दिसंबर में ही शहरी विकास मंत्रालय द्वारा थानेसर नगरपरिषद के अध्यक्षा उमा सुधा को भी थानेसर नगरपरिषद के खुले में शौचमुक्त होने पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया था। अब जिले का ग्रामीण व शहरी क्षेत्र खुले से शौचमुक्त है। अब जिला कचरा प्रबंधन के लिए कार्य कर रहा है। कचरा प्रबंधन के बाद जिले का हर क्षेत्र गंदगी रहित होगा।
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