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Kurukshetra News: एनएच-44 खोलने के आदेश मिले, पर बैरिकेड्स तोड़ने में असफल रहा प्रशासन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:37 AM IST
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Orders were received to open NH-44, but the administration failed to break the barricades.
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कंक्रीट से सात फुट की पक्की दीवार तो बना दी, लेकिन उसे ध्वस्त करने में प्रशासन के पसीने छूट गए। प्रशासन उसे तोड़ने में असफल रहा। अब आज रविवार को हाईवे खुलने के आसार हैं। इससे पहले शनिवार दोपहर प्रशासन को हाईवे से मारकंडा नदी पर किए गए बंदोबस्त को हटाने के आदेश मिले, लेकिन देर शाम तक स्थानीय प्रशासन तक यह आदेश पहुंचे। इसके बाद प्रशासन ने एसडीआरएफ और पोकलेन मशीन से प्रमुख बैरिकेड्स को हटाने का जी-तोड़ प्रयास किया, मगर प्रशासन सफल नहीं हो पाया। अब प्रशासन सुबह जै-ब्रेकर मशीनों का प्रयोग करके हाईवे खोलने का प्रयास करेगा।
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उल्लेखनीय है कि मारकंडा नदी के पुल को बंद हुए 19 दिन बीत चुके हैं, जबकि प्रशासन दो दिन पहले दिल्ली-अंबाला साइड को पूरी तरह से खोल चुका है। प्रशासन ने पुल पर बनाई आरसीसी की दो दीवार में से एक को पोकलेन मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। उसके बाद प्रमुख बैरिकेड्स को हटाने के आदेश का इंतजार करता रहा। दरअसल सरकार ने मारकंडा नदी पर बने तीनों पुल पर बैरिकेड्स लगाने के आदेश दिए थे। उसके बाद अगर किसान शंभू बाॅर्डर के इंतजाम तोड़ने में सफल होते तो उन्हें मारकंडा नदी पर राेका जा सके। इससे पहले 26 फरवरी को पुलिस ने पहले नलवी ठोल पुल पर बने बैरिकेड्स को हटाया था। उसके बाद साहा लिंक रोड से बैरिकेड को हटाया। यहां बैरिकेड हटाने के बाद जाम की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को 27 फरवरी को नेशनल हाईवे का एक-चौथाई भाग और खोलना पड़ा।
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चंडीगढ़-पंजाब जाने वालों की मुश्किल नहीं हुई आसान
अभी भी शंभू और जीरकपुर में किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगे हैं। अगर मारकंडा नदी से बैरिकेड हटा भी दिए गए तो भी चंडीगढ़ और पंजाब जाने वाले वाहनों को वाया पंचकूला ही सफर करना पड़ेगा। वहीं शाहाबाद से बराड़ा रोड की हालत खस्ता है, लेकिन अभी वाहनों को मजबूरन बराड़ा साइड से दोसड़का-पंचकूला का रास्ता लेना पड़ रहा है। मारकंडा नदी के दोनों पुल से बैरिकेड्स हटने के बाद लोग साहा रोड आठ लेन का इस्तेमाल कर सकेंगे। उसके बाद साहा से पंचकूला का हाईवे पकड़कर सफर कर सकेंगे।
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बड़े वाहनों को होगा फायदा
अभी भी बड़े वाहनों को पिपली-लाडवा-रादौर का रास्ता लेना पड़ रहा है, जिसके बाद उन्हें नेशनल हाईवे 322 पर मिल्क माजरा में बेफालतू का टोल देना पड़ रहा है। शाहाबाद में बैरिकेड्स हटने के बाद वाहनों को पुलिस पिपली से डायवर्ट नहीं करेगी, बल्कि शाहाबाद में मारकंडा नदी क्रॉस करने के बाद साहा रोड से पंचकूला साइड डायवर्ट करेगी। यहां से निकलने के बाद वह अपना मिल्क माजरा में लगने वाला टोल बचा सकेंगे। उसके बाद उन्हें सिर्फ पंचकूला से पहले आने वाला टोल देना पड़ेगा।
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