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Kurukshetra News: बीमा कंपनी को 13.96 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का आदेश

Sat, 21 Feb 2026 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 21 Feb 2026 03:02 AM IST
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Order to pay additional Rs 13.96 lakh to insurance company
कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने चालक की दिल का दौरा पड़ने से हुई अचानक हुई मौत को काम के तनाव में हुई मौत माना है। इस आधार पर आयोग ने एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को मृतक के बेटे शिकायतकर्ता गुरजीत सिंह को 13,96,076 रुपये का अतिरिक्त मृत्यु लाभ भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने माना कि ट्रक चालक दीवान चंद लंबी दूरी की ड्राइविंग के कारण तनाव में थे। इसी वजह से उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई, जो आकस्मिक मृत्यु की श्रेणी में आता है।
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शिकायतकर्ता ने 24 मार्च 2022 को डीसीबी बैंक से लिए गए ट्रक लोन और इससे जुड़े एचडीएफसी लाइफ की जीवन बीमा पॉलिसी से संबंधित शिकायत दर्ज की। पॉलिसी के तहत आकस्मिक मृत्यु पर अतिरिक्त लाभ मिलना था। दीवान चंद ने 19 सितंबर 2019 को पॉलिसी के लिए 57 हजार चार रुपये 91 पैसे का प्रीमियम चुकाया था, जिसकी कवर राशि 18 लाख 93 हजार पांच रुपये थी।
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12 जनवरी 2021 को गुजरात में काम के दौरान ट्रक चलाते हुए दीवान चंद को हृदयाघात हुआ और उनकी मौत हो गई। उस समय बकाया लोन राशि लगभग 14,03,074 रुपये थी। एचडीएफसी लाइफ ने 13 अक्टूबर 2021 को बैंक को 13,96,076 रुपये का भुगतान किया, लेकिन अतिरिक्त लाभ नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मौत कार्यस्थल पर तनाव से हुई, इसलिए यह आकस्मिक थी और नौ महा तक बैंक ने उनसे मासिक 50,527 रुपये की ईएमआई वसूली, जिसकी कुल राशि 4,57,443 रुपये बनी।
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एचडीएफसी लाइफ ने दावा किया कि मौत प्राकृतिक थी, कोई सड़क दुर्घटना नहीं हुई, इसलिए अतिरिक्त लाभ देय नहीं। डीसीबी बैंक ने भी कहा कि ईएमआई और ब्याज समायोजित कर लिया गया और अब बकाया राशि शिकायतकर्ता से वसूलनी है।

आयोग ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनीं और साक्ष्यों का अध्ययन किया। शिकायतकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले मिसेज परम पाल सिंह बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, 2012 का हवाला दिया, जिसमें ट्रक ड्राइवर की लंबी दूरी की ड्राइविंग से हृदयाघात को आकस्मिक मृत्यु माना गया था, क्योंकि रोजगार की प्रकृति से सीधा संबंध था। आयोग ने इसी आधार पर फैसला दिया कि दीवान चंद की मौत आकस्मिक थी। आयोग ने आदेश में कहा कि एचडीएफसी लाइफ 45 दिनों में 13,96,076 रुपये शिकायतकर्ता को भुगतान करे। डीसीबी बैंक 4,57,443 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित 45 दिनों में लौटाए। बैंक 30 दिनों में ट्रक की एनओसी जारी करे। शिकायत 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च दिया जाए। संवाद
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