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पहली और दूसरी कक्षा को प्ले-वे स्कूल में अपग्रेड करने का विरोध
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नारेबाजी करतीं बाबैन ब्लॉक यूनियन की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं।
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। आंगनबाड़ी केंद्र को प्ले-वे स्कूल में अपग्रेड करने के सरकार के फैसले पर प्रदेश भर में विरोध जताया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के समर्थन में आए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी इस फैसले से पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होने की बात कही है। इसी कड़ी में बाबैन ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने नारेबाजी कर विरोध जताया।
प्ले-वे स्कूल की तैयारियों में जुटी सरकार की ओर से 17 जनवरी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को तहसील स्तर पर दस दिनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को संभालने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। प्रदेश की कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसका विरोध कर रही हैं तो कुछ प्रशिक्षण ले रही हैं। इसी बीच राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि जब प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक पहली व दूसरी कक्षा को पढ़ाने में समर्थ हैं तो उन्हें प्ले वे स्कूल में भेजकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।
गांव बरगट से आंगनबाड़ी वर्कर संतोष ने बताया कि वे आंगनबाड़ियों को प्ले वे में बदले जाने का विरोध करती हैं। इसलिए प्ले वे के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण का भी वह विरोध कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनकी सभी लंबित मांगें पूरी की जानी चाहिए। दर्शनी देवी ने बताया कि पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को आंगनबाड़ी के साथ जोड़ना गलत है। इन बच्चों को वर्कर कैसे पढ़ा पाएंगी। वहीं इन बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ेगा।
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आंगनबाड़ी वर्कर शकुंतला ने बताया कि प्ले-वे स्कूल में अधिकतम छह साल तक के बच्चे पढ़ते हैं। पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थी प्ले-वे में नहीं पढ़ाए जा सकते। इस दौरान खेल के माध्यम से शिक्षा देनी होती है। यही उन्हें प्रशिक्षण के दौरान भी सिखाया जाता है। वहींपहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा की आवश्यकता होती है। आंगनबाड़ी वर्कर गीता ने बताया कि उनका प्रदर्शन से ध्यान भटकाने व मुख्य मुद्दों को दबाने के लिए अब प्ले-वे स्कूल का तमाशा बनाया गया है। आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर को प्ले-वे स्कूल के लिए प्रशिक्षण देना गलत है। सबसे पहले जायज मांगों को मानना चाहिए।
अंधकारमय हो जाएगा बच्चों का भविष्य : सूबे सिंह
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रेस सचिव सूबे सिंह सुजान का कहना है कि यदि पहली व दूसरी कक्षा को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़कर प्ले-वे स्कूल के रूप में अपग्रेड किया गया तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। संघ इस फैसले का पुरजोर विरोध करता है। बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ न किया जाए।
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कुरुक्षेत्र। आंगनबाड़ी केंद्र को प्ले-वे स्कूल में अपग्रेड करने के सरकार के फैसले पर प्रदेश भर में विरोध जताया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के समर्थन में आए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी इस फैसले से पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होने की बात कही है। इसी कड़ी में बाबैन ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने नारेबाजी कर विरोध जताया।
प्ले-वे स्कूल की तैयारियों में जुटी सरकार की ओर से 17 जनवरी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को तहसील स्तर पर दस दिनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को संभालने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। प्रदेश की कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसका विरोध कर रही हैं तो कुछ प्रशिक्षण ले रही हैं। इसी बीच राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि जब प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक पहली व दूसरी कक्षा को पढ़ाने में समर्थ हैं तो उन्हें प्ले वे स्कूल में भेजकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।
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गांव बरगट से आंगनबाड़ी वर्कर संतोष ने बताया कि वे आंगनबाड़ियों को प्ले वे में बदले जाने का विरोध करती हैं। इसलिए प्ले वे के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण का भी वह विरोध कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनकी सभी लंबित मांगें पूरी की जानी चाहिए। दर्शनी देवी ने बताया कि पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को आंगनबाड़ी के साथ जोड़ना गलत है। इन बच्चों को वर्कर कैसे पढ़ा पाएंगी। वहीं इन बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ेगा।
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आंगनबाड़ी वर्कर शकुंतला ने बताया कि प्ले-वे स्कूल में अधिकतम छह साल तक के बच्चे पढ़ते हैं। पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थी प्ले-वे में नहीं पढ़ाए जा सकते। इस दौरान खेल के माध्यम से शिक्षा देनी होती है। यही उन्हें प्रशिक्षण के दौरान भी सिखाया जाता है। वहींपहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा की आवश्यकता होती है। आंगनबाड़ी वर्कर गीता ने बताया कि उनका प्रदर्शन से ध्यान भटकाने व मुख्य मुद्दों को दबाने के लिए अब प्ले-वे स्कूल का तमाशा बनाया गया है। आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर को प्ले-वे स्कूल के लिए प्रशिक्षण देना गलत है। सबसे पहले जायज मांगों को मानना चाहिए।
अंधकारमय हो जाएगा बच्चों का भविष्य : सूबे सिंह
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रेस सचिव सूबे सिंह सुजान का कहना है कि यदि पहली व दूसरी कक्षा को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़कर प्ले-वे स्कूल के रूप में अपग्रेड किया गया तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। संघ इस फैसले का पुरजोर विरोध करता है। बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ न किया जाए।