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Kurukshetra News: कमेटी के कार्यकाल में महज दो दिन बाकी, प्रदेश सरकार पर टिकी निगाहें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 04:49 AM IST
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Only two days left in the tenure of the committee, eyes fixed on the state government
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के गुरुघरों व अन्य सिख संस्थानों की संभाल 31 मई के बाद कौन करेगा, यह सवाल बना हुआ है। सिख संगत ही नहीं अन्य लोगों की भी अब इस पर नजरें टिकी हुई हैं। 31 मई को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी एडहॉक का 18 माह का कार्यकाल पूरा होने वाला है। महज दो दिन शेष रहने के बावजूद अभी न एचएसजीएमसी और न ही सरकार की ओर से अगला कोई कदम फिलहाल उठाया गया है। ऐसे में वर्तमान एडहॉक कमेटी के भविष्य को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है तो वहीं अपने-अपने स्तर पर कई अनुमान भी लगाए जाने लगे हैं। ज्यादा उम्मीद स्थायी कमेटी के चुनाव होने तक इसी कमेटी को जारी रखने की जताई जा रही है।
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भूपिंद्र असंध को दूसरी बार मिली थी प्रधानी
गत 28 मार्च को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एडहॉक) का तीसरी बार जनरल हाउस की बजट बैठक के दौरान गठन हुआ था। इसमें जत्थेदार भूपिंद्र सिंह असंध को सर्वसम्मति से दूसरी बार प्रधान चुना गया था जबकि इस दौरान महासचिव पद से रमणीक सिंह मान की छुट्टी कर दी गई थी। उनकी जगह सुखविंदर सिंह मंडेबर को मौका दिया गया था।
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महंत कर्मजीत के प्रधान बनने के विरोध में उतर आए थे दादूवाल
22 दिसंबर 2022 को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी एडहॉक बनाई गई थी। जिला सचिवालय में प्रशासन की देखरेख में बनाई गई इस कमेटी के प्रधान की जिम्मेदारी महंत कर्मजीत सिंह यमुनानगर को दी गई थी, जिसके विरोध में संत बलजीत सिंह दादूवाल उतर आए थे तो वहीं दीदार सिंह नलवी ने भी विरोध जताया था। दादूवाल बैठक छोड़कर निकल गए थे। यही नहीं 14 अगस्त 2023 को अंबाला के श्री पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में बैठक के दौरान हुए विवाद के चलते प्रधान महंत करमजीत सिंह व महासचिव गुरविंद्र सिंह धमीजा ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद छह सितंबर को प्रदेश सरकार ने जत्थेदार भूपिंद्र सिंह असंध को प्रधान पद की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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छह मार्च को तय कर दिए गए थे चुनाव
स्थायी कमेटी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्यक्रम भी तय कर दिया था और इसी वर्ष छह मार्च को चुनाव होने थे। वोट बनाए जाने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन स्कूली परीक्षाओं के चलते यह चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। उसके बाद आज तक दोबारा कार्यक्रम तय नहीं हो पाया है।


भूपिंद्र असंध बोले, जब तक अगला कदम नहीं चलती रहेगी कमेटी
कमेटी के प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध का कहना है कि पूर्व की हुड्डा सरकार के दौरान कमेटी बनाई गई थी, जो आठ साल चलती रही थी। अब भी जब तक अगला कदम नहीं उठाया जाता यह कमेटी चलती रहेगी। प्रदेश सरकार जब भी चुनाव कराएगी हम तैयार हैं। कमेटी बेहतर कार्य कर रही है और कई अहम कदम भी उठाए हैं।



उठापटक भरे रहे कमेटी के 18 माह : मान
कमेटी में महासचिव के तौर पर अहम भूमिका निभा चुके सिख नेता रमणीक सिंह मान का कहना है कि कमेटी के शुरू से लेकर अब तक के 18 माह उठापठक भरे रहे हैं। अच्छा समय भी रहा, जिस दौरान धर्म प्रचार लहर भी बढ़ी। छोटे साहिबजादों की शहादत को सात दिन तक पहली बार मनाया गया तो गुरुद्वारा 10वीं पातशाही नाडा साहिब में 98 देशों में लाइव टेलिकास्ट किया जाने लगा वहीं इसके साथ ही गिरावट भी देखी गई। अब सरकार पर निर्भर है कि नई कमेटी एडहॉक बनाए या स्थायी कमेटी के लिए चुनाव कराए। स्थायी कमेटी के लिए जल्द चुनाव कराए जाने चाहिए।
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