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Kurukshetra News: हिसार सफेदा वैरायटी के एक पेड़ पर हो रही है 50 किलो अमरुद की पैदावार
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कुुरुक्षेत्र। मेले में हिसार सफेदा वैरायटी का अमरुद दिखाते कर्मी।
कुरुक्षेत्र। हिसार सफेदा वैरायटी के एक पेड़ से 50 किलो अमरूद की पैदावार प्राप्त हो रही है। यह पैदावार पांच साल का पेड़ होने पर मिलती है। इस वैरायटी की खेती करने वाले किसान मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। अहम पहलू यह है कि एक अमरूद का वजन 180 ग्राम तक भी हो सकता है। इस हिसार सफेदा वैरायटी की एक लाख पौध हर साल लाडवा और भूना फल केंद्र से सेल की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की तरफ से ब्रहमसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में लगाई गई राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में बागवानी विभाग की तरफ से विशेष स्टॉल लगाया गया है। इस स्टॉल पर हिसार सफेदा वैरायटी के साथ-साथ किन्नू, संतरा आदि फलों के अलावा घरौंडा सब्जी केंद्र की सब्जियों को भी रखा गया है। यहां पर हिसार सफेदा वैरायटी के अमरूदों को विशेष तौर पर लोग पसंद कर रहे हैं और इसकी पौध की मांग भी कर रहे है। बागवानी विभाग से विशेषज्ञ डाॅ. अशोक कुमार का कहना है कि बागवानी विभाग की तरफ से लाडवा और भूना फल केंद्र में नए वैरायटी के फलों को तैयार किया जाता है और भूना में विशेष तौर पर अमरूद की वैरायटी पर काम किया जाता है।
उन्होंने कहा कि हिसार सफेदा अमरूद के एक लाख पौधे हर साल बेची जाती है, यह पौध उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल, उतराखंड, पंजाब और हरियाणा के राज्यों से लोग खरीद कर लेकर जाते है। इस वैरायटी का पौधा दूसरे साल में ही फल देना शुरू कर देता है और दूसरे साल में एक पौधे पर 10 किलो अमरूद की पैदावार ली जा सकती है। इस वैरायटी के पौधे की उम्र पांच साल होने पर एक पेड़ से 50 किलो तक फल की पैदावार ली जा सकती है। इस वैरायटी की खेती करने से किसान मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। एक एकड़ में 15 फीट की दूरी पर पौधा लगाना चाहिए। इस वैरायटी का अमरूद 180 ग्राम तक हो सकता है। इसलिए किसानों को फसल विविधिकरण के तहत अमरूद की खेती की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की तरफ से ब्रहमसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में लगाई गई राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में बागवानी विभाग की तरफ से विशेष स्टॉल लगाया गया है। इस स्टॉल पर हिसार सफेदा वैरायटी के साथ-साथ किन्नू, संतरा आदि फलों के अलावा घरौंडा सब्जी केंद्र की सब्जियों को भी रखा गया है। यहां पर हिसार सफेदा वैरायटी के अमरूदों को विशेष तौर पर लोग पसंद कर रहे हैं और इसकी पौध की मांग भी कर रहे है। बागवानी विभाग से विशेषज्ञ डाॅ. अशोक कुमार का कहना है कि बागवानी विभाग की तरफ से लाडवा और भूना फल केंद्र में नए वैरायटी के फलों को तैयार किया जाता है और भूना में विशेष तौर पर अमरूद की वैरायटी पर काम किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि हिसार सफेदा अमरूद के एक लाख पौधे हर साल बेची जाती है, यह पौध उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल, उतराखंड, पंजाब और हरियाणा के राज्यों से लोग खरीद कर लेकर जाते है। इस वैरायटी का पौधा दूसरे साल में ही फल देना शुरू कर देता है और दूसरे साल में एक पौधे पर 10 किलो अमरूद की पैदावार ली जा सकती है। इस वैरायटी के पौधे की उम्र पांच साल होने पर एक पेड़ से 50 किलो तक फल की पैदावार ली जा सकती है। इस वैरायटी की खेती करने से किसान मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। एक एकड़ में 15 फीट की दूरी पर पौधा लगाना चाहिए। इस वैरायटी का अमरूद 180 ग्राम तक हो सकता है। इसलिए किसानों को फसल विविधिकरण के तहत अमरूद की खेती की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
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