{"_id":"6586eb415db338759009a956","slug":"on-the-lines-of-brij-bus-service-will-start-soon-to-visit-the-pilgrimage-sites-of-48-kos-2023-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: बृज की तर्ज पर 48 कोस के तीर्थों का भ्रमण करवाने के लिए जल्द शुरू होगी बस सेवा, जानें क्या है तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: बृज की तर्ज पर 48 कोस के तीर्थों का भ्रमण करवाने के लिए जल्द शुरू होगी बस सेवा, जानें क्या है तैयारी
Sat, 23 Dec 2023 07:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 23 Dec 2023 07:44 PM IST
सार
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित 48 कोस तीर्थ सम्मलेन में मुख्यमंत्री ने घोषणा की है। सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण का कार्य जारी है। अभी और तीर्थों के जुड़ने की संभावना है।
विज्ञापन
तीर्थ सम्मेलन में संबोधित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के 164 तीर्थों की सूची में सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण के पश्चात 18 नए तीर्थों को जोड़ा गया है, जिससे अब इस भूमि के तीर्थों की कुल संख्या 182 हो चुकी है। तीर्थों के सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण का यह कार्य अभी जारी है और निकट भविष्य में इस सूची में और भी तीर्थों के जुड़ने की संभावना है।
विज्ञापन
ऐसे में ब्रज भूमि की 84 कोसी यात्रा की तर्ज पर 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि में स्थित तीर्थों की यात्रा शुरू की जाएगी। यहां पर इन तीर्थों को जोड़ने के लिए बसें भी चलाई जाएंगी, जिनमें गाइड भी मौजूद रहेंगे जो यात्रियों को इन स्थलों की महत्ता से अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित 48 कोस तीर्थ सम्मेलन के दौरान उपस्थित साधु-संतों एवं अन्य प्रबुद्ध लोगों को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा और धार्मिक स्थल हरिद्वार से जोड़ने के लिए इन मार्गों पर ट्रेन चलाई गई है। उन्होंने कुरुक्षेत्र, ज्योतिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में सरकार द्वारा करवाए गए धार्मिक विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि निश्चित तौर पर जल्द ही कुरुक्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान मिलेगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने 48 कोस क्षेत्र में आने वाले तीर्थों से कलश के माध्यम से लाई गई मिट्टी को पवित्र बताते हुए नमन किया और कहा कि ये सभी तीर्थ स्थल प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने भगवद गीता और 48 कोस तीर्थों के पास होने को एक अनूठा संगम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन तीर्थों को विकसित कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 और 2018 में 48 कोस की परिक्रमा में स्थित अनेक तीर्थों पर जाकर उनके दर्शन किए और उनके विकास की घोषणाएं भी की। इनमें 27 विकास कार्यों की लागत लगभग 36 करोड़ रुपये बनती है। इनमें से 23 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। 27 में से 15 कार्य पूरे हो चुके हैं, छह पर काम चल रहा है और शेष छह पर भी काम शुरू हो गया है।
इनके अलावा पिछले चार साल में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को 64 विकास कार्यों के लिए 51 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से लगभग 28 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इसमें से 15 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं तथा 20 कार्य पूरे हो चुके हैं और 27 पर काम चल रहा है। इस मौके पर विधायक सुभाष सुधा ,गीता ज्ञान संस्थानम के अध्यक्ष स्वामी ज्ञानानंद, विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश के अलावा अन्य साधु-संत तथा गणमान्य लोग उपस्थित थे।