किसानों ने सुनाई व्यथा तो कृषि मंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास
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अनाज मंडी में शनिवार को पहुंचे राज्य कृषि मंत्री को देख दो दिन से मंडी में अपनी फसल की बिकवाली का इंतजार कर रहे किसानों के सब्र का बांध टूट गया। किसानों ने इस दौरान राज्यमंत्री को साफ कहा कि उनकी फसल की मंडी में बेकद्री हो रही है। हालात ये हैं कि दो दिन से मंडी में धान की कोई खरीद नहीं हो पाई है। सरकारी अधिकारी समर्थन मूल्य से भी कम कीमत लगा रहे हैं, ऐसे में वे कहां जाएं। सरकारी अधिकारी उनकी सुनवाई ही नहीं कर रहे हैं। इस पर राज्य मंत्री ने किसानों के सामने ही मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को तलब किया और उन्हें साफ कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी साथ ही किसानों को भी आगाह किया कि वह अपनी फसल कम दाम पर कतई न बेचें। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने तय किया है कि किसान सरकारी खरीद एजेंसी पर ही अपनी फसल को निर्धारित मूल्य पर बेचे।
राज्य कृषि मंत्री ओपी धनखड़ फसलों की सरकारी खरीद को लेकर जांच के लिए शनिवार दोपहर में कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों की फसल में नमी का जायजा लिया और साथ ही किसानों से खरीद को लेकर सवाल जवाब किए। वहीं, दो दिन से बिकवाली का इंतजार कर रहे खुले आसमान के नीचे पड़े किसानों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने राज्य मंत्री के सामने सारी कहानी कहना शुरू कर दिया।
किसानों ने इस दौरान राज्यमंत्री के सामने सरकारी खरीद की पोल खोलते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी उनकी फसल के औने-पौने दाम लगा रहे हैं। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1450 रुपए तय किया है, लेकिन अधिकारी उनकी फसल का 1200-1250 रुपए प्रति क्विंटल लगा रहे हैं। ऐसे में किसान पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। किसानों की हालत बहुत अच्छी नहीं है। 20-20 हजार रुपए से ज्यादा प्रति एकड़ का खर्चा आ रहा है। मंडियों और प्राइवेट शैलरों में जाकर जांच कर लो, काफी मात्रा में बाहर से चावल आ रहा है। निजी शैलरों में बाहर के चावल के ट्रकों की लाइनें लगी हुई हैं।
एक-एक दाने की करवाऊंगा खरीद
किसानों द्वारा सुनाई गई बातों पर राज्य कृषि मंत्री ने तुरंत मार्केटिंग कमेटी के अधिकारियों को तलब किया और उनकी क्लास लगाते हुए साफ कहा कि किसी भी किसान की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही उन्होंने किसानों को भी सलाह दी कि वे अपनी फसल को औने- पौने दामों पर कतई न बेचें और साथ ही कहा कि जो समर्थन मूल्य तय है उसी के आधार पर सरकारी खरीद एजेंसी को अपनी फसल बेचें। उन्होंने मंडी में चार अलग अलग ढेरियों पर जाकर जांच की। यहां उल्लेखनीय है कि पहले किसान आढ़ती के मार्फत ही अपनी फसल बेचते रहे हैं।
आडोमॉस जरूर ले लेना, मच्छरों से बचाएगी
किसानों ने आरोप लगाया कि वे दो दिन से मंडी में पड़े हैं, लेकिन खरीद नहीं हो रही तो इस पर कृषि मंत्री ने साफ कहा कि कोई बात नहीं एक दिन बाद खरीद हो जाएगी, लेकिन साथ ही मच्छरों से बचने की सलाह देते हुए ओडोमॉस खरीदने की सलाह भी दे डाली। उन्होंने कहा कि ओडोमॉस मच्छरों से बचाने के काम आएगी और स्वास्थ्य बचाने के काम आएगी।