फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Offered milk, Gangajal, cannabis, datura, belpatra to Lord Shiva, Kurukshetra

भगवान शिव को दूध, गंगाजल, भांग, धतूरा, बेलपत्र किया अर्पित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 02:18 AM IST
विज्ञापन
Offered milk, Gangajal, cannabis, datura, belpatra to Lord Shiva, Kurukshetra
सावन के दूसरे सोमवार को दुखभंजन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। सावन के दूसरे सोमवार श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया।ऐतिहासिक स्थाणेश्वर महादेव, कालेश्वर महादेव, ब्रह्मसरोवर स्थित सर्वेश्वर महादेव, प्रसिद्ध दुख भंजन मंदिर, संगमेश्वर महादेव, पृथ्वेश्वर महादेव बड़ा शिवालय, आशुतोष महादेव, पशुपति नाथ महादेव सहित सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, भांग, धतूरा, फूल, फल व इत्र से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। कतार में लगे श्रद्धालुओं ने ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव, हर-हर गंगे, बम-बम भोले नाम का जाप किया।
स्थाणेश्वर महादेव मंदिर के महंत बंसी पुरी ने बताया कि वैसे तो सावन का हर दिन भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण है। सोमवार विशेष दिन होता है। भगवान शिव मात्र एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। शिव की पूजा अर्चना करने से उनके भक्त को कभी अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता है, क्योंकि भगवान शिव स्वयं महाकाल है। वहीं संगमेश्वर महादेव मंदिर के सचिव महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि श्रावण के प्रत्येक दिन मंदिर में सुबह 11 हजार बिल्वपत्रों से भगवान शिव की पूजा अर्चना की जा रही है। वहीं दीमक की बांबी से लाई गई मिट्टी से निर्मित पार्थेश्वर शिवलिंग का रोजाना रुद्राभिषेक करके अरुणा संगम तीर्थ में विसर्जन किया जाता है।
विज्ञापन

सर्वप्रथम भगवान राम ने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए पार्थेश्वर शिवलिंग का निर्माण किया था। आज वह स्थान ज्योर्तिलिंग रामेश्वरम के नाम से सुप्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष पूजा अर्चना की जाती है। राहु को अधिदेवता काल और केतु को प्रत्यधि देवता सर्प माना गया है। कुंडली में कालसर्प दोष होने से व्यक्ति को छोटी-छोटी सफलताओं के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed