{"_id":"67f184589d2860705b0a5001","slug":"nutrition-fortnight-organized-from-8th-to-22nd-april-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-133818-2025-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पोषण पखवाड़ा का आयोजन आठ से 22 अप्रैल तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पोषण पखवाड़ा का आयोजन आठ से 22 अप्रैल तक
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पोषण अभियान के तहत आठ से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें आयुष विभाग, शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग की अहम भूमिका होगी। मुख्यालय द्वारा भेजे गए गतिविधि-वार कैलेंडर को सभी संबंधित विभागों के साथ साझा किया गया है, और निर्धारित समय पर सभी गतिविधियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने दी।
उन्होंने आशा कर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का सही समय पर पंजीकरण हो और डिलीवरी के बाद तक उनकी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। आंगनबाड़ी और आशा कर्मी गर्भवती महिलाओं के डाटा को समय पर दर्ज करें और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी महिला रजिस्ट्रेशन से वंचित न रहे। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि जिले में होने वाली डिलीवरी और रजिस्टर्ड एमटीपी (गर्भपात) सेंटरों पर होने वाले मामलों का नियमित रूप से विश्लेषण किया जाए। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में लिंगानुपात में सुधार लाना प्राथमिक उद्देश्य है और इसके लिए सख्त निगरानी जरूरी है। जिन पीएचसी सेंटरों पर मेडिकल ऑफिसर्स (एमओएस) ने सराहनीय कार्य किया है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और सम्मानित किया जाए, ताकि वे भविष्य में भी पूरे जोश और समर्पण के साथ कार्य करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने आशा कर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का सही समय पर पंजीकरण हो और डिलीवरी के बाद तक उनकी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। आंगनबाड़ी और आशा कर्मी गर्भवती महिलाओं के डाटा को समय पर दर्ज करें और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी महिला रजिस्ट्रेशन से वंचित न रहे। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाई जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिले में होने वाली डिलीवरी और रजिस्टर्ड एमटीपी (गर्भपात) सेंटरों पर होने वाले मामलों का नियमित रूप से विश्लेषण किया जाए। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में लिंगानुपात में सुधार लाना प्राथमिक उद्देश्य है और इसके लिए सख्त निगरानी जरूरी है। जिन पीएचसी सेंटरों पर मेडिकल ऑफिसर्स (एमओएस) ने सराहनीय कार्य किया है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और सम्मानित किया जाए, ताकि वे भविष्य में भी पूरे जोश और समर्पण के साथ कार्य करें।
विज्ञापन