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मानसिक दबाव में रहती है नर्सें, काम पर भी पड़ रहा असर : विनीता बांगड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:26 AM IST
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Nurses are under mental stress; work is also being affected: Vinita Bangar
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ और पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया के बीच चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन की राज्य प्रधान विनीता बांगड़ अचानक अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ से न सिर्फ मुलाकात की बल्कि 29 मई की घटना पर उनका पूरा पक्ष सुना। प्रकरण के बीच पहली बार प्रधान यहां इनसे मिलने के लिए पहुंची थी।
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विनीता बांगड़ ने कहा कि किसी की भी मनमानी नहीं चलने देंगे। अब तक भी घटना का जिम्मेदार नर्सों को समझा जा रहा है, ये कहीं से भी उचित नहीं है। उनका कहना है कि बैठक के दौरान कई नर्सों ने अपनी पीड़ा बताई साथ ही वे भावुक हो गईं। पिछले कई दिनों से चल रहे घटनाक्रम का नर्सिंग स्टाफ पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है और इसका असर उनके काम पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बात शायद किसी को मालूम हो कि उस मासूम नाबालिग को रात को डॉक्टर के पास ले जाने वाली सबसे पहले नर्सिंग स्टाफ की सदस्य थी, जिसको उसने देर रात इस घटना के बारे में बताया था।
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वहीं बैठक के दौरान नर्सों ने प्रधान को बताया कि हालिया घटनाओं के बाद उन्हें समाज में गलत नजरिए से देखा जा रहा है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक टिप्पणियों के कारण कई नर्सें मानसिक तनाव से गुजर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस पूरे मामले को लेकर नर्सिंग स्टाफ को कटघरे में खड़ा किया गया, वहीं पीड़ित नाबालिग को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। जिसके बाद उस बच्ची के परिजन उसको अपने घर ले गए। घटना के 14 दिन बाद बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिली है।
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29 मई को दिन के दो बजे बाद हुई, पूरा फ्लोर था खाली
प्रधान विनीता बांगड़ ने कहां कि 29 मई की घटना है। उस दिन अस्पताल में राज्य सरकार का प्रोग्राम चला हुआ था। जिस कारण सारा स्टाफ प्रोग्राम में व्यस्त था। यह घटना दिन के दो बजे के बाद ही हुई है। उस समय ओपीडी का पूरा फ्लोर खाली था। आखिर क्या कारण थे कि डॉ. शैली इतनी देर तक ओपीडी लेते थे। क्यों कभी किसी ने उनको नहीं रोका, सबसे बड़ा सवाल ही यही है।





पीड़िता को मिली अस्पताल के छुट्टी : पीएमओ
एलएनजेपी अस्पताल की पीएमओ डॉ साराह अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता को छुट्टी मिल चुकी है। अब बच्ची की हालत पहले से काफी सुधार है। डॉक्टरों की सलाह पर उसको छुट्टी मिली है जिसके बाद उस बच्ची को उसके माता अपने घर ले गए हैं।


अभी तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर : एसएचओ
इस मामले में एसएचओ सुरेंद्र सिद्दू ने बताया कि अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस मामले में जांच जारी है।
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