{"_id":"69b9c065fe5af4f1a502f0a3","slug":"now-the-fight-between-jhinda-and-daduwal-has-come-on-the-streets-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-151745-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: अब सड़क पर आई झींडा व दादूवाल की लड़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: अब सड़क पर आई झींडा व दादूवाल की लड़ाई
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश झींडा व बलजीत सिंह दादूवाल के बीच चल रही लड़ाई अब सड़क पर आ गई है। पंजाब के पटियाला में जगदीश सिंह झींडा ने दादूवाल पर रास्ता रोककर हमला करने का आरोप लगाया है जबकि दादूवाल ने इन आरोपों को खारिज किया है। दोनों पक्षों की ओर से मामला पंजाब पुलिस तक पहुंच गया है।
झींडा बुधवार को गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं नाडा साहिब पंचकुला के मैनेजर की सेवा संभाल रहे एडिशनल सेक्रेटरी परमजीत सिंह शेरगढ़ की रिश्तेदारी में अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाए कि अंतिम अरदास के दौरान हरियाणा कमेटी के नामजद सदस्य बलजीत सिंह दादूवाल अपने संबोधन में हरियाणा कमेटी के प्रबंधन के बारे में गलत बयानबाजी करने लगे जिसका उन्होंने विरोध किया और वे वहां से उठ कर आने लगे तो संगत ने उन्हें रोक लिया।
अंतिम अरदास के बाद जब वे वहां से निकले तो बलजीत सिंह दादूवाल ने दो गाड़ी एक रास्ते पर और एक गाड़ी दूसरे रास्ते पर लगा कर रेकी की, ताकि जिस भी रास्ते से गाड़ी निकले, उसी रास्ते पर घेर लिया जाए। उन्होंने बताया कि इसके बाद दादूवाल ने अपने काफिले सहित उनका पीछा किया। करीब 3 से 4 किलोमीटर तक पीछा करते हुए बीच रास्ते में उन्होंने अपनी गाड़ी उनकी गाड़ी के आगे लगा दी और रास्ता रोक लिया।
विज्ञापन
इसके बाद दादूवाल ने अपने हथियारबंद साथियों को हिदायत दी कि वे झींडा को गोली मार दें। जब हथियारबंद साथियों की ओर से मुझ पर गोली नहीं चलाई गई, तो दादूवाल गाड़ी से उतरे और पिस्तौल अपने हाथ में ले ली। इसके बाद मेरी गाड़ी के चालक ने मौका देखकर गाड़ी को चला दिया और दादूवाल ने मेरी गाड़ी की खिड़की का हेंडल पकड़कर उसे खोलने का प्रयास किया लेकिन गाड़ी चलने की वजह से हेंडल टूट गया। इस दौरान ड्यूटी कर रहे हरियाणा पुलिस के सुरक्षा कर्मचारी ने भी हमलावर गुट से बचाव का प्रयास किया।
झींडा ने कहा कि गुरु साहिब की कृपा के चलते आज उनकी जान बच गई है लेकिन बलजीत सिंह दादूवाल से उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस बारे में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जो सदस्य मौके पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि हमारे आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं की किसी की गाड़ी रोककर उसे मारने की कोशिश की जाए।
विज्ञापन
झींडा बुधवार को गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं नाडा साहिब पंचकुला के मैनेजर की सेवा संभाल रहे एडिशनल सेक्रेटरी परमजीत सिंह शेरगढ़ की रिश्तेदारी में अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाए कि अंतिम अरदास के दौरान हरियाणा कमेटी के नामजद सदस्य बलजीत सिंह दादूवाल अपने संबोधन में हरियाणा कमेटी के प्रबंधन के बारे में गलत बयानबाजी करने लगे जिसका उन्होंने विरोध किया और वे वहां से उठ कर आने लगे तो संगत ने उन्हें रोक लिया।
विज्ञापन
अंतिम अरदास के बाद जब वे वहां से निकले तो बलजीत सिंह दादूवाल ने दो गाड़ी एक रास्ते पर और एक गाड़ी दूसरे रास्ते पर लगा कर रेकी की, ताकि जिस भी रास्ते से गाड़ी निकले, उसी रास्ते पर घेर लिया जाए। उन्होंने बताया कि इसके बाद दादूवाल ने अपने काफिले सहित उनका पीछा किया। करीब 3 से 4 किलोमीटर तक पीछा करते हुए बीच रास्ते में उन्होंने अपनी गाड़ी उनकी गाड़ी के आगे लगा दी और रास्ता रोक लिया।
विज्ञापन
इसके बाद दादूवाल ने अपने हथियारबंद साथियों को हिदायत दी कि वे झींडा को गोली मार दें। जब हथियारबंद साथियों की ओर से मुझ पर गोली नहीं चलाई गई, तो दादूवाल गाड़ी से उतरे और पिस्तौल अपने हाथ में ले ली। इसके बाद मेरी गाड़ी के चालक ने मौका देखकर गाड़ी को चला दिया और दादूवाल ने मेरी गाड़ी की खिड़की का हेंडल पकड़कर उसे खोलने का प्रयास किया लेकिन गाड़ी चलने की वजह से हेंडल टूट गया। इस दौरान ड्यूटी कर रहे हरियाणा पुलिस के सुरक्षा कर्मचारी ने भी हमलावर गुट से बचाव का प्रयास किया।
झींडा ने कहा कि गुरु साहिब की कृपा के चलते आज उनकी जान बच गई है लेकिन बलजीत सिंह दादूवाल से उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस बारे में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जो सदस्य मौके पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि हमारे आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं की किसी की गाड़ी रोककर उसे मारने की कोशिश की जाए।