कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय एवं आयुष मंत्रालय के भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी फार्माकोपिया आयोग (पीसीआईएमएंडएच) के बीच स्थापना दिवस पर रविवार को समझौता ज्ञापन हुआ। ये एमओयू विश्वविद्यालय के रिसर्च इनोवेशन विभाग के निदेशक डॉ. अनिल शर्मा की मौजूदगी में साझा किया गया।
डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि ये समझौता बीएएमएस, एमडी, पीएचडी और संकाय सदस्यों के शैक्षणिक और अनुसंधान को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। ये समझौता कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के नेतृत्व के चलते हुआ है, जिसका भविष्य में विद्यार्थियों को बहुत अधिक लाभ प्राप्त होगा। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में ड्रग्स टेस्टिंग के लिए यह आयुष मंत्रालय की मुख्य लैब है, जहां पर आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता के मानक निर्धारित किए जाते हैं, जिसके लिए वहां पर सभी तरह की आधुनिक मशीनरी उपलब्ध है, जिसका उपयोग आयुष विश्वविद्यालय के शोधार्थी कर सकेंगे। इसके साथ ड्रग उपयुक्त मानकों अनुसार कैसे तैयार की जाए इसका भी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को दिया जाएगा।