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Kurukshetra News: अब नमी की आड़ में नहीं लगाया जाएगा कट, किसान, मिलर्स व प्रशासन के बीच बनी सहमति
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शाहाबाद। बातचीत करते किसान यूनियन के पदाधिकारी व राइस मिलर्स। विज्ञप्ति
शाहाबाद। धान में नमी को लेकर लगाए जा रहे कट पर किसान, राइस मिलर्स एवं प्रशासन में सहमति बन गई है। मार्केट कमेटी कार्यालय में सचिव कृष्ण कुमार मलिक की अगुवाई में संयुक्त प्रेसवार्ता की गई। इसमें किसानों की तरफ से भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह मामू माजरा, प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस एवं ब्लॉक प्रधान हरकेश खानपुर सम्मिलित हुए, वहीं राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान सुमित अग्रवाल, अंकित बंसल एवं अभय वधवा ने भी शिरकत की।
बातचीत करते हुए मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार धान की फसल का 17 प्रतिशत की नमी तक का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि 17 प्रतिशत नमी तक की फसल पर कोई आढ़ती अथवा कोई भी राइस मिलर किसी तरह का कोई पेमेंट कट नहीं लगाएगा। सचिव ने कहा कि सरकार द्वारा तय धान के 2320 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से किसान को उसकी फसल की पूरी कीमत दी जाएगी।
अगर कोई भी आढ़ती अथवा राइस मिलर नमी की आड़ में किसान को पेमेंट कट लगाएगा तो उसके खिलाफ न केवल लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी अपितु मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। सचिव ने किसानों को पेमेंट कट लगाने अथवा कट की मांग करने वालों के खिलाफ लिखित में शिकायत देने की बात कही। उपस्थित राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी मार्केट कमेटी के सचिव की बात पर पूर्णतः सहमति जताई। इस अवसर पर मार्केट कमेटी के लेखाकार जितेंद्र कुमार, मंडी सुपरवाइजर हरिंदर सिंह, रणवीर सिंह एवं नीलामी अभिलेखक सुनील कुमार भी उपस्थित थे।
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बातचीत करते हुए मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार धान की फसल का 17 प्रतिशत की नमी तक का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि 17 प्रतिशत नमी तक की फसल पर कोई आढ़ती अथवा कोई भी राइस मिलर किसी तरह का कोई पेमेंट कट नहीं लगाएगा। सचिव ने कहा कि सरकार द्वारा तय धान के 2320 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से किसान को उसकी फसल की पूरी कीमत दी जाएगी।
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अगर कोई भी आढ़ती अथवा राइस मिलर नमी की आड़ में किसान को पेमेंट कट लगाएगा तो उसके खिलाफ न केवल लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी अपितु मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। सचिव ने किसानों को पेमेंट कट लगाने अथवा कट की मांग करने वालों के खिलाफ लिखित में शिकायत देने की बात कही। उपस्थित राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी मार्केट कमेटी के सचिव की बात पर पूर्णतः सहमति जताई। इस अवसर पर मार्केट कमेटी के लेखाकार जितेंद्र कुमार, मंडी सुपरवाइजर हरिंदर सिंह, रणवीर सिंह एवं नीलामी अभिलेखक सुनील कुमार भी उपस्थित थे।
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