फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Not enough water for bathing, acharman and tarpan in pilgrimage

Kurukshetra News: तीर्थ में स्नान, आचमन और तर्पण के लिए पर्याप्त जल नहीं

Tue, 17 Sep 2024 06:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 17 Sep 2024 06:52 AM IST
विज्ञापन
Not enough water for bathing, acharman and tarpan in pilgrimage
सुनील धीमान
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। पितृ पक्ष आज से शुरू होने जा रहा है। पितृ पक्ष में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने पितरों की सद्गति की कामना के लिए पिंडदान, गति कर्म व पूजा-अर्चना करने के लिए पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर आएंगे लेकिन तीर्थ में स्नान, आचमन व तर्पण के लिए पर्याप्त जल ही नहीं है। इससे पुरोहित वर्ग में प्रशासन के खिलाफ रोष है। वहीं प्रशासन की ओर से तीर्थ में दो दिन में ताजा जल भरने का दावा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्राची तीर्थ पर सिंचाई विभाग की ओर से पिछले कई दिन से एक पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस पुल के निर्माण के कारण विभाग ने तीर्थ तक जा रहे जल प्रवाह को रोका हुआ है। तीर्थ तक ताजा जल न पहुंचने से उसमें पहले से जमा पानी दूषित हो गया। इससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध आने लगी है। सिर्फ रेलिंग के अंदर जल रह गया है, जिसमें गंदगी व काई की भरमार थी। इसलिए प्रशासन ने इस गंदगी को बाहर निकलवाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

उधर, श्रद्धालु सोमवार से ही तीर्थ पर जुटना शुरू हो गए हैं लेकिन तीर्थ में पर्याप्त जल न मिलने से उनकी भावनाएं भी आहत हो रही है। श्रद्धालु यही सोच रहे हैं कि बगैर जल के पितृ के लिए स्नान, आचमन व तर्पण कैसे होगा? इस स्थिति में श्रद्धालुओं को दूषित जल में ही तर्पण करने को मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



पिहोवा में पिंडदान का महत्व
तीर्थ पुरोहित परवेश कौशिक ने बताया कि सरस्वती तीर्थ को आध गयाजी की संज्ञा दी गई है। विश्व में केवल पिहोवा के सरस्वती तीर्थ की वेदी किसी दूसरे तीर्थ गयाजी पर विद्यमान है। पुराणों के अनुसार, जिस तरह हरिद्वार में अस्थि विसर्जन, कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण स्नान, कपाल मोचन में ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए विख्यात है, उसी प्रकार सरस्वती तीर्थ (पिहोवा), फल्गु तीर्थ (फरल) और गयाजी पितृ मोक्ष के लिए प्रसिद्ध है। किसी भी तीर्थ पर श्राद्ध कर्म करने के पूर्व पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर पिंडदान करना अनिवार्य है। यहां पिंडदान किए बगैर गयाजी में किया कर्म व्यर्थ है।


आस्था पर कुठाराघात : विनोद,
तीर्थ पुरोहित विनोद पचौली ने बताया कि पितृ पक्ष आज से शुरू हो जाएगा लेकिन तीर्थ में पर्याप्त जल ही नहीं है। यह श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात है। साल भर से प्रशासन ने तीर्थ पर साफ-सफाई के लिए कोई गतिविधि नहीं चलाई, मगर पितृ पक्ष शुरू होने से दो-तीन दिन पहले प्रशासन को सफाई की याद आई है। प्रशासन को एक महीना पहले यह कार्य संपन्न करना चाहिए था ताकि अब किसी श्रद्धालु को स्नान व तर्पण के लिए परेशानी नहीं होती


ट्यूबवेल से भरा जाएगा तीर्थ में जल
पिहोवा पालिका अध्यक्ष आशीष चक्रपाणि ने बताया कि तीर्थ पर लगे ट्यूबवेल की मरम्मत करा दी गई है। सफाई का कार्य करीब-करीब पूरा हो चुका है। जल्द ही ट्यूबवेल से जल में ताजा जल भर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी। इसके लिए छोटे तालाब में स्नान व तर्पण का प्रबंध करेंगे।



दो दिन बाद छोड़ा जाएगा जल
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद तंवर ने बताया कि तीर्थ पर पुल के निर्माण का कार्य दो दिन में पूरा हो जाएगा। उसके बाद तीर्थ में जल प्रवाह करा दिया जाएगा। एक दिन में ही जल तीर्थ तक पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed