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Kurukshetra News: कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शंभू व खनौरी बॉर्डर पर किसानों का धरना हटाने व किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ वीरवार को बड़ी संख्या में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के सदस्य सड़क पर उतर आए। एसकेएम के आह्वान पर किसानों व विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने सेक्टर दो ताऊ देवीलाल पार्क में बैठक की। इसके बाद किसान नेता रतन मान व सुरेश कौथ के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए सीएम आवास पर पहुंचे।
जहां करीब दो घंटे तक मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसानों व अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला भी जलाया। विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
सीएम आवास पर प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने पंजाब में गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की और कहा, केंद्र सरकार द्वारा 25 नवंबर 2024 को जारी की गई कृषि विपणन राष्ट्रीय नीति को लेकर हरियाणा विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर वापस किया जाए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बिजली कानून और स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने, आईएमटी रोजकमेव में किसानों की जमीनों का अधिग्रहण के संबंध में पूरा मुआवजा देने, प्रदेश के कई जिलों से गुजरने वाले हाईटेंशन लाइनों में किसानों को उनकी मांगों के अनुरूप उचित मुआवजा दिए जाने, जबरन लाइन दबाने के काम पर रोक लगाने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश अनुसार खरीद की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग की गई।
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प्रदर्शनकारियों ने किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को रद्द करने, कृषि और किसानों व मजदूरों का सशक्तीकरण किए जाने, खरीफ 2024 में सूखा राहत कोष के जिन किसानों को पैसे नहीं मिले उनके जल्द जारी किए जाने, पराली प्रबंधन और डीएसआर से धान लगाने की सहायता राशि जारी करने, पिछले फसल खराबे के मुआवजे और लंबित बीमा क्लेम जारी करने, किसान मजदूरों को कर्ज मुक्त किया करने, बिजली के लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, सहकारी सोसाइटियों में किसानों के नए खाते खोलने व कृषि ऋण उपलब्ध करवाने की भी मांग की गई। उन्होंने कहा कि अगर लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर किसान मजदूर एकता, भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ सुमिल दलाल, रणवीर मलिक, राज कुमार, रोहताश कुमार, रवि आजाद, मांगे राम मलिक, सुखविंदर, आजाद पांलवा व अन्य जिलों से आए हुए किसान व महिलाएं भी मौजूद रहीं।
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कुरुक्षेत्र। शंभू व खनौरी बॉर्डर पर किसानों का धरना हटाने व किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ वीरवार को बड़ी संख्या में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के सदस्य सड़क पर उतर आए। एसकेएम के आह्वान पर किसानों व विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने सेक्टर दो ताऊ देवीलाल पार्क में बैठक की। इसके बाद किसान नेता रतन मान व सुरेश कौथ के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए सीएम आवास पर पहुंचे।
जहां करीब दो घंटे तक मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसानों व अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला भी जलाया। विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
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सीएम आवास पर प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने पंजाब में गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की और कहा, केंद्र सरकार द्वारा 25 नवंबर 2024 को जारी की गई कृषि विपणन राष्ट्रीय नीति को लेकर हरियाणा विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर वापस किया जाए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बिजली कानून और स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने, आईएमटी रोजकमेव में किसानों की जमीनों का अधिग्रहण के संबंध में पूरा मुआवजा देने, प्रदेश के कई जिलों से गुजरने वाले हाईटेंशन लाइनों में किसानों को उनकी मांगों के अनुरूप उचित मुआवजा दिए जाने, जबरन लाइन दबाने के काम पर रोक लगाने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश अनुसार खरीद की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग की गई।
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प्रदर्शनकारियों ने किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को रद्द करने, कृषि और किसानों व मजदूरों का सशक्तीकरण किए जाने, खरीफ 2024 में सूखा राहत कोष के जिन किसानों को पैसे नहीं मिले उनके जल्द जारी किए जाने, पराली प्रबंधन और डीएसआर से धान लगाने की सहायता राशि जारी करने, पिछले फसल खराबे के मुआवजे और लंबित बीमा क्लेम जारी करने, किसान मजदूरों को कर्ज मुक्त किया करने, बिजली के लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, सहकारी सोसाइटियों में किसानों के नए खाते खोलने व कृषि ऋण उपलब्ध करवाने की भी मांग की गई। उन्होंने कहा कि अगर लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर किसान मजदूर एकता, भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ सुमिल दलाल, रणवीर मलिक, राज कुमार, रोहताश कुमार, रवि आजाद, मांगे राम मलिक, सुखविंदर, आजाद पांलवा व अन्य जिलों से आए हुए किसान व महिलाएं भी मौजूद रहीं।