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गोशालाओं में नहीं जगह, शहर कैसे होगा कैटल फ्री
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शहर की सड़कों व कॉलोनियों में एक बार फिर से बेसहारा गोवंशों की संख्या बढ़ चुकी है। शहर में अलग-अलग जगह इन दिनों करीब 300 बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। दिनरात यह गोवंश सड़कों पर बैठा रहता है, जिस कारण हादसे भी हो रहे हैं। गोशालाओं में जगह न होने पर शहर को कैटल फ्री करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश से संबंधित शिकायतें आए दिन नगर परिषद के पास पहुंच रही हैं। नप द्वारा इन्हें पकड़ने के लिए दो टीमों का भी गठन किया गया है, लेकिन टीम के द्वारा इन पकड़े गए गोवंश को कहा छोड़ा जाए यह गंभीर समस्या है।
जिले में 27 गोशालाएं चल रही है, जिनमें से 25 के अंदर क्षमता से ज्यादा गोवंश पहले से ही मौजूद है। ऐसे में यहां और ज्यादा गोवंश को रख पाना मुमकिन नहीं है। इन गोशालाओं में मौजूदा समय में 10 हजार से ज्यादा गोवंश को रखा हुआ है। शहर में इन दिनों पिपली से थर्ड गेट तक, सलारपुर रोड, सेक्टर-2, 7, 5 व 13, पिहोवा रोड, कैथल रोड, झांसा रोड, थर्ड गेट से लेकर पिपली, मुख्य बाजार, पुराना बस अड्डा, सेक्टर-13, वार्ड 26, 27, 29 व अन्य कई जगहों पर गोवंश घूम रहा है।
गोशाला एसोसिएशन कि जिला प्रधान जितेंद्र पाल शर्मा ने प्रशासन को चाहिए कि हर गांव में एक छोटी गोशाला बनाई जाए। ताकि ग्रामीणों द्वारा छोड़े गए गोवंश को उसमें रखा जा सके। गांव में ज्यादा बड़ी गोशाला न खोलकर सिर्फ 50 गोवंश के क्षमता वाली गोशाला भी खोल दी जाएगी तो उससे भी काम हो जाएगा। फिर गोवंश को सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। गोशाला में गोवंश की संख्या कम होने पर ठीक से उनकी देखभाल भी की जा सकेगी।
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नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंद्र बिश्नोई ने कहा कि नप द्वारा बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए नप द्वारा टीमें गठित की हुई हैं, जो समय-समय पर गोवंश को पकड़ती भी रहती है, लेकिन गोशालाओं में क्षमता से ज्यादा गोवंश भर जाने से वहां से संचालकों ने भी अपनी हाथ खड़े कर दिए हैं। गोवंश का क्या करें यह बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सनातन धर्म गोशाला, थानेसर बाजार-150
महादेव गोशाला- 270
बजरंगबली गोशाला- 400
कृष्ण कृपा गोशाला- 400
कृष्ण कृपा गोशाला, बगथला- 150
बाबा मस्तनाथ गोशाला, ज्योतिसर- 450 0मारकंडा गोशाला, शाहाबाद- 400
कृष्ण कृपा गोशाला, शाहाबाद-400
कृष्ण कृपा गोशाला, लाडवा-700
अखंड हनुमान गोशाला, मथाना- 500
गोवर्धन धर्मशाला, मथाना- 1200
पिपली स्थित गोवंश चिकित्सालय- 170
त्योड़ा स्थित गोशाला- 450
बालाजी गोशाला, पलवल-70
श्याम गोशाला, अमीन- 800
कृष्ण कृपा गोशाला, पिहोवा- 1500
महादेव गोशाला, पिहोवा- 150
रुग्ण गोशाला, पिहोवा- 150
थाना गांव स्थित गोशाला- 600
गांव बाखली स्थित गोशाला- 80
अजराना कलां स्थित गोशाला- 150
22.कान्हा गोशाला, बारना- 500
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जिले में 27 गोशालाएं चल रही है, जिनमें से 25 के अंदर क्षमता से ज्यादा गोवंश पहले से ही मौजूद है। ऐसे में यहां और ज्यादा गोवंश को रख पाना मुमकिन नहीं है। इन गोशालाओं में मौजूदा समय में 10 हजार से ज्यादा गोवंश को रखा हुआ है। शहर में इन दिनों पिपली से थर्ड गेट तक, सलारपुर रोड, सेक्टर-2, 7, 5 व 13, पिहोवा रोड, कैथल रोड, झांसा रोड, थर्ड गेट से लेकर पिपली, मुख्य बाजार, पुराना बस अड्डा, सेक्टर-13, वार्ड 26, 27, 29 व अन्य कई जगहों पर गोवंश घूम रहा है।
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गोशाला एसोसिएशन कि जिला प्रधान जितेंद्र पाल शर्मा ने प्रशासन को चाहिए कि हर गांव में एक छोटी गोशाला बनाई जाए। ताकि ग्रामीणों द्वारा छोड़े गए गोवंश को उसमें रखा जा सके। गांव में ज्यादा बड़ी गोशाला न खोलकर सिर्फ 50 गोवंश के क्षमता वाली गोशाला भी खोल दी जाएगी तो उससे भी काम हो जाएगा। फिर गोवंश को सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। गोशाला में गोवंश की संख्या कम होने पर ठीक से उनकी देखभाल भी की जा सकेगी।
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नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंद्र बिश्नोई ने कहा कि नप द्वारा बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए नप द्वारा टीमें गठित की हुई हैं, जो समय-समय पर गोवंश को पकड़ती भी रहती है, लेकिन गोशालाओं में क्षमता से ज्यादा गोवंश भर जाने से वहां से संचालकों ने भी अपनी हाथ खड़े कर दिए हैं। गोवंश का क्या करें यह बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सनातन धर्म गोशाला, थानेसर बाजार-150
महादेव गोशाला- 270
बजरंगबली गोशाला- 400
कृष्ण कृपा गोशाला- 400
कृष्ण कृपा गोशाला, बगथला- 150
बाबा मस्तनाथ गोशाला, ज्योतिसर- 450 0मारकंडा गोशाला, शाहाबाद- 400
कृष्ण कृपा गोशाला, शाहाबाद-400
कृष्ण कृपा गोशाला, लाडवा-700
अखंड हनुमान गोशाला, मथाना- 500
गोवर्धन धर्मशाला, मथाना- 1200
पिपली स्थित गोवंश चिकित्सालय- 170
त्योड़ा स्थित गोशाला- 450
बालाजी गोशाला, पलवल-70
श्याम गोशाला, अमीन- 800
कृष्ण कृपा गोशाला, पिहोवा- 1500
महादेव गोशाला, पिहोवा- 150
रुग्ण गोशाला, पिहोवा- 150
थाना गांव स्थित गोशाला- 600
गांव बाखली स्थित गोशाला- 80
अजराना कलां स्थित गोशाला- 150
22.कान्हा गोशाला, बारना- 500