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NIT कुरुक्षेत्र का 20वां दीक्षांत समारोह: उपराष्ट्रपति CP राधाकृष्णन बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे, CM सैनी भी मौजूद

Sun, 30 Nov 2025 01:49 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 30 Nov 2025 01:49 PM IST
सार

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के 20वें दीक्षांत समारोह में आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।

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NIT Kurukshetra's 20th convocation: Vice President CP Radhakrishnan arrived as the chief guest
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन - फोटो : संवाद

विस्तार

एनआईटी कुरुक्षेत्र में शनिवार को 20वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों को नई उपलब्धियों के लिए बधाई दी और उन्हें देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

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मंच पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की अध्यक्ष डॉ. तेजस्विनी अनंत, और संस्थान के निदेशक प्रो. बी.वी. रमना रेड्डी भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए तकनीकी शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया।
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समारोह के दौरान डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। परिसर में पारंपरिक वेशभूषा पहने विद्यार्थियों का जोश देखते ही बनता था। मंच से छात्रों की सफलता की कहानियों का सम्मान किया गया तो वहीं अभिभावकों के चेहरे भी गर्व से चमक उठे। कार्यक्रम अभी जारी है और संस्था परिसर में उत्साह व उपलब्धि का माहौल बना हुआ है।

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एनआईटी के 20वें दीक्षांत समारोह में आकर गर्व की अनुभूति हो रही- सीएम

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज एनआईटी कुरुक्षेत्र के 20वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल प्रो. असीम घोष का हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने संबोधन में कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र जैसे संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी तथा इंजीनियरिंग प्रतिभाओं को तैयार करने का प्रमुख केंद्र हैं। इस दीक्षांत समारोह में आने पर मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है।”उन्होंने कहा कि यहां से निकले छात्र दुनिया के हर कोने में अपनी मेहनत और कौशल का डंका बजा रहे हैं और आगे भी बजाते रहेंगे।

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले राज्य में केवल 29 सरकारी तकनीकी शिक्षण संस्थान थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 44 हो चुकी है। नायब सैनी ने कहा कि नई प्रौद्योगिकी के विकास और प्रसार में एनआईटी कुरुक्षेत्र जैसे संस्थान राज्य और देश को लगातार सहयोग दे रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

तेजी से बदल रही दुनिया में गीता संदेश की सार्थकता और भी अधिक : सीपी राधाकृष्णन

तेजी से बदल रही दुनिया में पांच हजार साल से भी पहले भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र की धरा पर दिया गया गीता का संदेश की सार्थकता और भी अधिक है। गीता की शास्वत प्रेरणा से हमें पूरी मानवता के कल्याण का संकल्प लेना चाहिए। यह आह्वान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया।

वे आज यहां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर में आयोजित अखिल भारतीय देव स्थानम सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। उन्होंने अपना पूरा संबोधन अंग्रेजी में ही दिया, जिसे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की छात्रा द्वारा साथ ही हिंदी में अनुमोदित किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सैनी व देश के 64 देव स्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

इस दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की राह भी गीता संदेश से निकलती है। गीता हमें सिखाती है कि सफलता से अंहकारी नहीं होना चाहिए और असफलता से कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। गीता हमें जीवन जीना सिखाती है और यह कुरुक्षेत्र व हरियाणा ही नहीं पूरी मानवता के लिए शास्वत है। हमें अपने सांस्कृतिक से लेकर व्यक्तिगत कर्तव्यों में भी गीता को धारण करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने उस समय व हालात का भी जिक्र किया जब महाभारत युद्व के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के कुरुक्षेत्र की धरा पर गीता का अमर संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि एक तरफ कोरवों की सेना थी तो दूसरी और पांडव खड़े थे। कम संख्या में होने के बावजूद पांडवों की जीत हुई, जो अधर्म पर धर्म की जीत थी। भगवान श्रीकृष्ण ने युद्व के हालात के बीच यही सार्थक संदेश देना था, जिसकी आज के समय में भी वैसी ही जरूरत है।

संतों ने ही संस्कृति के बीज बोए : मुख्यमंत्री
देव स्थानम सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति के साथ ही आगे बढ़ सकता है। देव स्थानों से ही लोगों को जीवन जीने की राह मिलती है। ये स्थान हमारी संस्कृति के संवाहक है। इन्हीं स्थानों ने हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देव स्थानम सम्मेलन सांस्कृतिक यात्रा को और आगे बढ़ाने में कारगर साबित होगा। यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन की अहम कड़ी बन चुका है और यहां से निकलने वाला संदेश पूरी दुनिया में जाएगा।

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