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नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने किया भारत इजरायल उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र का दौरा
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Nepal delegation visits India Israel Sub Tropical Fruit Center
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। नेपाल में इजराइल के राजदूत हानान गोदेर की अध्यक्षता में प्रतिष्ठित साना किसान विकास बैंक के पदाधिकारी लाडवा के उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र पहुंचे। यहां केंद्र संचालक एवं उद्यान उपनिदेशक डॉ. बिल्लू यादव ने अध्यक्ष खेम प्रसाद पाठक, प्रमुख कार्यकारी अधिकारी शिव राम प्रसाद कोइराला, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी नबराज सिमखड़ा, झालेंद्र भट्टराई व अन्य तीन सदस्य प्रतिनिधिमंडल को केंद्र का भ्रमण कराया। डॉ. बिल्लू यादव ने परियोजना के स्थापना के प्रमुख उद्देश्य एवं वर्तमान में केंद्र द्वारा चलाई जा रही किसान कल्याणकारी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि स्थापना के समय से ही यह केंद्र किसानों को प्रशिक्षण के माध्यम से परंपरागत कृषि के स्थान पर फसलों का विविधीकरण अपनाकर उनकी आय में वृद्धि करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्व व्याप्त कोरोना महामारी के दौरान भी केंद्र द्वारा गतिविधियों को नहीं रुकने दिया गया। वर्चुअल सेमिनार, वेबिनार एवं कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए गए। प्रतिनिधि मंडल ने केंद्र में स्थापित विभिन्न फल प्रदर्शन स्थलों का दौरा किया गया। इस दौरान उनके द्वारा केंद्र द्वारा की उन्नत तकनीक अपनाकर कृषि के आधुनिकीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों द्वारा इस केंद्र पर अपनाई जा रही तकनीक विशेष तौर पर पुराने आम के पेड़ के जीर्णोद्धार, आम में गुच्छा गुच्छा रोकथाम, लीची व चीकू में चंदवा प्रबंधन तकनीक, आड़ू और आलूबुखारा में उच्च घनत्व पौधरोपण के विषय में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान केंद्र पर नर्सरी प्रबंधन का कार्य देख रही अधिकारी शिवानी द्वारा सभी सदस्यों को नर्सरी में पौधे तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली रोपण सामग्री, अलग-अलग पौधों के लिए सबसे सफल ग्राफ्टिंग विधि, देसी फुटाव को हटाने, निर्धारित समय पर सिंचाई एवं उर्वरकों के प्रयोग एवं नर्सरी प्रबंधन से संबंधित तकनीकों के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि स्थापना के समय से ही यह केंद्र किसानों को प्रशिक्षण के माध्यम से परंपरागत कृषि के स्थान पर फसलों का विविधीकरण अपनाकर उनकी आय में वृद्धि करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्व व्याप्त कोरोना महामारी के दौरान भी केंद्र द्वारा गतिविधियों को नहीं रुकने दिया गया। वर्चुअल सेमिनार, वेबिनार एवं कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए गए। प्रतिनिधि मंडल ने केंद्र में स्थापित विभिन्न फल प्रदर्शन स्थलों का दौरा किया गया। इस दौरान उनके द्वारा केंद्र द्वारा की उन्नत तकनीक अपनाकर कृषि के आधुनिकीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों द्वारा इस केंद्र पर अपनाई जा रही तकनीक विशेष तौर पर पुराने आम के पेड़ के जीर्णोद्धार, आम में गुच्छा गुच्छा रोकथाम, लीची व चीकू में चंदवा प्रबंधन तकनीक, आड़ू और आलूबुखारा में उच्च घनत्व पौधरोपण के विषय में जानकारी प्राप्त की।
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इस दौरान केंद्र पर नर्सरी प्रबंधन का कार्य देख रही अधिकारी शिवानी द्वारा सभी सदस्यों को नर्सरी में पौधे तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली रोपण सामग्री, अलग-अलग पौधों के लिए सबसे सफल ग्राफ्टिंग विधि, देसी फुटाव को हटाने, निर्धारित समय पर सिंचाई एवं उर्वरकों के प्रयोग एवं नर्सरी प्रबंधन से संबंधित तकनीकों के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
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