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किसानों की आय बढ़ाने में कारगर साबित होगी प्राकृतिक खेती
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक कृषि फार्म को देखते उत्तर प्रदेश के पशुधनमंत्री
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देव्रवत का प्राकृतिक कृषि मॉडल अद्भुत है और किसानों की आय को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगा। पशुधन मंत्री शुक्रवार को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक कृषि फार्म, अत्याधुनिक गोशाला, जीवामृत, घन जीवामृत निर्माण केंद्र सहित अन्य प्रकल्पों का अवलोकन करने पहुंचे हुए थे।
उन्होंने कहा कि गन्ना का क्षेत्र न होते हुए भी गुरुकुल के फार्म पर गन्ना की विभिन्न किस्में उच्च गुणवत्ता और बंपर पैदावार के साथ उगाई जा रही है, यह किसी करिश्में से कम नहीं है जो रसायनिक खेती में कभी संभव नहीं हो सकता। यह प्राकृतिक खेती से ही हो पाया है। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, मुख्य अधिष्ठाता राधाकृष्ण आर्य, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य सहित मंत्री के साथ विशेष सचिव देवेंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. अरविंद कुमार मुख्य कार्यकारी अधिकारी पशुधन विकास परिषद, डॉ. गौरव सिंह, डॉ. वीके त्रिपाठी, प्राकृतिक खेती के स्टेट एडवाइजर डॉ. हरिओम मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष आग्रह पर गत दिनों राज्यपाल आचार्य देवव्रत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ गये थे।
वहां प्राकृतिक खेती एवं देशी गाय के संवर्धन और नस्ल सुधार पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के मध्य मंत्रणा हुई जिसके बाद योगी आदित्यनाथ ने कृषि और पशुधन विभाग के मंत्रियों को गुरुकुल का दौरा करने के लिए यहां भेजा। इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह यहां पहुंचे। गुरुकुल के प्राकृतिक फार्म पर ड्रेगन फ्रूट, सदाबहार आम, अमरूद, लीची, अखरोट और सेब के बाग को देख मंत्री भी अचरज में पड़ गये, क्योंकि सेब तो हिमाचल, कश्मीर जैसे ठंडे इलाकों में ही होते हैं। अब प्राकृतिक कृषि मॉडल से अब जल्द ही हरियाणा में भी सेब का उत्पादन हो सकेगा।
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इसी प्रकार गन्ने की उच्च गुणवत्ता वाली सीओ 239 और सीओजे 85 किस्मों की 500 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार गुरुकुल के फार्म पर हो रही है, जिसे सुनकर कहा कि फसल का अवलोकन करने के उपरान्त यह स्पष्ट है कि गुरुकुल के फार्म पर प्राकृतिक कृषि से 450 से 500 क्विंटल प्रति एकड़ तक गन्ना की पैदावार ली जा सकती है, जब बिना किसी खाद, पेस्टीसाइड और दवाइयों पर खर्च के इतनी अच्छी पैदावार होगी तो किसान तो मालामाल हो जाएगा।
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उन्होंने कहा कि गन्ना का क्षेत्र न होते हुए भी गुरुकुल के फार्म पर गन्ना की विभिन्न किस्में उच्च गुणवत्ता और बंपर पैदावार के साथ उगाई जा रही है, यह किसी करिश्में से कम नहीं है जो रसायनिक खेती में कभी संभव नहीं हो सकता। यह प्राकृतिक खेती से ही हो पाया है। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग, मुख्य अधिष्ठाता राधाकृष्ण आर्य, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य सहित मंत्री के साथ विशेष सचिव देवेंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. अरविंद कुमार मुख्य कार्यकारी अधिकारी पशुधन विकास परिषद, डॉ. गौरव सिंह, डॉ. वीके त्रिपाठी, प्राकृतिक खेती के स्टेट एडवाइजर डॉ. हरिओम मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष आग्रह पर गत दिनों राज्यपाल आचार्य देवव्रत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ गये थे।
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वहां प्राकृतिक खेती एवं देशी गाय के संवर्धन और नस्ल सुधार पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के मध्य मंत्रणा हुई जिसके बाद योगी आदित्यनाथ ने कृषि और पशुधन विभाग के मंत्रियों को गुरुकुल का दौरा करने के लिए यहां भेजा। इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह यहां पहुंचे। गुरुकुल के प्राकृतिक फार्म पर ड्रेगन फ्रूट, सदाबहार आम, अमरूद, लीची, अखरोट और सेब के बाग को देख मंत्री भी अचरज में पड़ गये, क्योंकि सेब तो हिमाचल, कश्मीर जैसे ठंडे इलाकों में ही होते हैं। अब प्राकृतिक कृषि मॉडल से अब जल्द ही हरियाणा में भी सेब का उत्पादन हो सकेगा।
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इसी प्रकार गन्ने की उच्च गुणवत्ता वाली सीओ 239 और सीओजे 85 किस्मों की 500 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार गुरुकुल के फार्म पर हो रही है, जिसे सुनकर कहा कि फसल का अवलोकन करने के उपरान्त यह स्पष्ट है कि गुरुकुल के फार्म पर प्राकृतिक कृषि से 450 से 500 क्विंटल प्रति एकड़ तक गन्ना की पैदावार ली जा सकती है, जब बिना किसी खाद, पेस्टीसाइड और दवाइयों पर खर्च के इतनी अच्छी पैदावार होगी तो किसान तो मालामाल हो जाएगा।