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Kurukshetra News: स्योंसर जंगल में नक्षत्र वाटिका सरस्वती की पहल शुरू
Wed, 20 May 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 20 May 2026 01:40 AM IST
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पिहोवा। नक्षत्र वाटिका के बारे मे जानकारी देते हुए धुम्मन सिंह किरमच। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सरस्वती बोर्ड व फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने नक्षत्र वाटिका सरस्वती की पहल शुरू की है। इस वाटिका में सभी 27 नक्षत्रों के पौधों को रोपित किया गया है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के नक्षत्र के अनुसार तय किए गए पौधों की जानकारी को युवाओं व अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। आने वाले समय में सरस्वती स्योंसर जंगल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
पिछले वन महोत्सव में सरस्वती बोर्ड के प्रयासों से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सरस्वती बोर्ड व स्योंसर जंगल में नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन किया गया था। सरस्वती नदी बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने कहा कि वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर काम किया और इस जंगलों में रेस्ट हाउस के नजदीक एक बहुत ही सुंदर नक्षत्र वाटिका का निर्माण किया गया है, जिसमें एक-एक नक्षत्र के हिसाब से ही पेड़ लगाए गए हैं। इनका वैज्ञानिक भी और आध्यात्मिक तौर पर भी इन पेड़ों का वर्णन यहां पर किया गया है। उन्होंने कहा कि अब बोर्ड व वन विभाग सेमी सफारी चलाने की एक योजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें सरस्वती बोर्ड के अधिकारी व वाइल्ड लाइफ के पीसीसीएफ नवदीप सिंह व डीएफओ वीरेंद्र गिल व अन्य अधिकारी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि इस जंगल संग्रह में सरस्वती बोर्ड का उद्देश्य विभिन्न तरह के पशु पक्षियों को दिखाना है, ताकि जो बच्चे आजकल मोबाइल की दुनिया में घूम हो गए हैं, उनको एक प्राकृतिक स्वरूप में लेकर जाना है। इसके बारे में जानकारी लें और ग्रहों की चाल भी इस नक्षत्र वाटिका से इस पेड़ का आपके जीवन में क्या प्रभाव है, ये भी बताया जाएगा। इस तरह की नक्षत्र वाटिका सरस्वती बोर्ड वाइल्ड लाइफ के साथ मिलकर कुरुक्षेत्र-कैथल पर यमुनानगर के आदिबद्री जंगल में भी बनाने की तैयारी कर रहा है। इस अवसर पर एक्सईएन सरस्वती डिवीजन मंडल अध्यक्ष सुखबीर ईसाख, मंडल अध्यक्ष प्रिंस मंगला, मन की बात प्रमुख हन्नु चक्रपाणि सहित अन्य मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। सरस्वती बोर्ड व फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने नक्षत्र वाटिका सरस्वती की पहल शुरू की है। इस वाटिका में सभी 27 नक्षत्रों के पौधों को रोपित किया गया है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के नक्षत्र के अनुसार तय किए गए पौधों की जानकारी को युवाओं व अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। आने वाले समय में सरस्वती स्योंसर जंगल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
पिछले वन महोत्सव में सरस्वती बोर्ड के प्रयासों से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सरस्वती बोर्ड व स्योंसर जंगल में नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन किया गया था। सरस्वती नदी बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने कहा कि वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर काम किया और इस जंगलों में रेस्ट हाउस के नजदीक एक बहुत ही सुंदर नक्षत्र वाटिका का निर्माण किया गया है, जिसमें एक-एक नक्षत्र के हिसाब से ही पेड़ लगाए गए हैं। इनका वैज्ञानिक भी और आध्यात्मिक तौर पर भी इन पेड़ों का वर्णन यहां पर किया गया है। उन्होंने कहा कि अब बोर्ड व वन विभाग सेमी सफारी चलाने की एक योजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें सरस्वती बोर्ड के अधिकारी व वाइल्ड लाइफ के पीसीसीएफ नवदीप सिंह व डीएफओ वीरेंद्र गिल व अन्य अधिकारी शामिल हुए।
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उन्होंने कहा कि इस जंगल संग्रह में सरस्वती बोर्ड का उद्देश्य विभिन्न तरह के पशु पक्षियों को दिखाना है, ताकि जो बच्चे आजकल मोबाइल की दुनिया में घूम हो गए हैं, उनको एक प्राकृतिक स्वरूप में लेकर जाना है। इसके बारे में जानकारी लें और ग्रहों की चाल भी इस नक्षत्र वाटिका से इस पेड़ का आपके जीवन में क्या प्रभाव है, ये भी बताया जाएगा। इस तरह की नक्षत्र वाटिका सरस्वती बोर्ड वाइल्ड लाइफ के साथ मिलकर कुरुक्षेत्र-कैथल पर यमुनानगर के आदिबद्री जंगल में भी बनाने की तैयारी कर रहा है। इस अवसर पर एक्सईएन सरस्वती डिवीजन मंडल अध्यक्ष सुखबीर ईसाख, मंडल अध्यक्ष प्रिंस मंगला, मन की बात प्रमुख हन्नु चक्रपाणि सहित अन्य मौजूद रहे।
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पिहोवा। नक्षत्र वाटिका के बारे मे जानकारी देते हुए धुम्मन सिंह किरमच। स्वयं