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Kurukshetra News: पहले दिन नहीं हो पाई सरसों खरीद, बायोमैट्रिक सत्यापन में आई मुश्किल

Sun, 29 Mar 2026 03:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sun, 29 Mar 2026 03:25 AM IST
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Mustard procurement failed on the first day, as biometric verification became difficult.
बाबैन। अनाजमंडी में लाई गई सरसों की फसल को सुखाते श्रमिक। संवाद 
कुरुक्षेत्र। जिले में शनिवार को सरकारी तौर पर सरसों की खरीद शुरू हो गई। पहले ही दिन प्रशासन नए नियमों में उलझा रहा। इस दौरान प्रशासन बायोमेट्रिक सत्यापन तक नहीं करवा पाया जबकि पोर्टल पर रही खामियों को ही दुरुस्त किया जाता रहा। वहीं दावा किया गया कि अगले एक-दो दिन में ही खरीद सुचारू कर ली जाएगी।
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सभी केंद्रों पर आवक न होने या फिर तय मापदंड अनुसार सरसों सूखी न होने का दावा अधिकारियों की ओर से किया जाता रहा जबकि अन्य केंद्रों के साथ-साथ इस्माईलबाद केंद्र पर करीब 500 क्विंटल सरसों की आवक हुई लेकिन एजेंसी से खरीद के लिए टीम ही नहीं पहुंची। इससे किसानों में मायूसी बनी रही। दर्जनों किसानों का मोबाइल एप के माध्यम से गेट पर खड़े कर्मियों ने गेट पास तो जारी किए लेकिन बायोमेट्रिक केंद्र पर सत्यापन नहीं हो पाया, जिस कारण किसान फसल बेचने से वंचित रह गए।
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पिछले करीब 20 दिन से सभी केंद्रों पर सरसों की आवक जारी है, जहां अभी तक निजी व्यापारी ही मनमाने दाम पर खरीद करते रहे। किसान कईं दिनों से सरकारी खरीद शुरू करने की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार ने शनिवार से यह शुरू की, जिसके बावजूद पर्याप्त व्यवस्था नहीं बन पाई, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। डीएम हैफेड शमशेर सिंह का कहना है कि नए नियमों के तहत सरसों खरीद की जानी है। पहले दिन बायोमेट्रिक सत्यापन में कुछ परेशानी रही। अगले एक -दो दिन में व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। किसानों को सरसों सूखा कर ही तय मापदंड अनुसार लानी चाहिए।
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प्राइवेट खरीददारों को समर्थन मूल्य से कम दामों पर बेचनी पड़ी
इस्माईलबाद।



अनाज मंडी में शनिवार को बिकवाली के लिए सरसों तो आई लेकिन खरीद एजेंसी की तरफ से कोई भी अधिकारी व कर्मचारी सरसों की खरीद के लिए मंडी में नहीं पहुंचा। जिससे किसानों को अपनी सरसों प्राइवेट खरीदारों को समर्थन मूल्य से कम दामों पर बेचनी पड़ी। किसान राम रत्न, सौरव, अमनदीप सिंह ने बताया कि अनाज मंडी में करीब 500 क्विंटल सरसों बिकवाली के लिए पहुंची हुई है लेकिन खरीद के लिए एजेंसी का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा जिसके चलते किसानों को मायूस ही घर लौटना पड़ रहा है या फिर कुछ किसानों ने समर्थन मूल्य से कम दामों पर अपना सरसों प्राइवेट खरीदारों को बेचना पड़ा। उधर मार्केट कमेटी सचिव अंकुर ठकराल का कहना है कि पोर्टल पर किसानों का डाटा शो न होने के कारण खरीद का कार्य शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जल्द ही तकनीकी दिक्कत दूर होते ही सरसों की खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।



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निजी व्यापारी उठा रहे फायदा



किसान प्रदीप, मनदीप का कहना था कि सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपये निर्धारित किया हुआ है। लेकिन प्राइवेट खरीददार 6000 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल तक ही खरीद रहे हैं। जिससे किसानों को करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार फसल चक्र अपनाने को लेकर किसानों को जागरूक कर रही है वहीं दूसरी और समय पर फसलें न खरीद कर किसानों को परेशान करने पर लगी हुई है।


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बाबैन केंद्र पर भी पहुंची सरसों, गेट पास भी काटे



बाबैन। अनाज मंडी में पहले दिन मंडी में सरसों लेकर पहुंचे पांच से छह किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गेट पास काटे गए, लेकिन फसल बिक न सकी। मार्केट कमेटी सचिव गुरमीत सैनी ने बताया कि मंडी में सरसों की फसल की खरीद के लिए इस बार कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरसों की सरकारी खरीद भी शुरू कर दी जाएगी। संवाद

बाबैन। अनाजमंडी में लाई गई सरसों की फसल को सुखाते श्रमिक। संवाद 

बाबैन। अनाजमंडी में लाई गई सरसों की फसल को सुखाते श्रमिक। संवाद 

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