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Kurukshetra News: एलएनजेपी अस्पताल में जल्द मिलने लगेगी एमआरआई की सुविधा, नहीं भटकेंगे मरीज
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कुरुक्षेत्र। जिले के एलएनजेपी अस्पताल में जल्द ही मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी। इस सुविधा के उपलब्ध होने पर मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। इससे जिला कुरुक्षेत्र समेत कैथल और यमुनानगर के 35 लाख नागरिक लाभान्वित होंगे। अभी मरीजों को शरीर के विभिन्न अंगों की एमआरआई कराने के लिए निजी अस्पताल में जेब ढीली करनी पड़ रही है। इसके लिए निजी अस्पताल पांच हजार से 15 हजार रुपये तक वसूल करते हैं, जबकि एलएनजेपी अस्पताल की ओर से योजना के अंतर्गत आने वाले पात्रों को पंचकूला रेफर किया जाता है। अस्पताल की तरफ से एक बार में छह मरीजों को एमआरआई के लिए अपनी गाड़ी में पंचकूला भेजा जाता है, हालांकि इसके लिए मरीज से किसी तरह का कोई खर्च नहीं लिया जाता है, मगर उनको इंतजार जरूर करना पड़ता है।
उधर, अस्पताल में एमआरआई मशीन इंस्टॉल करने और सुविधा देने के लिए विभाग पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका है। अब जल्द ही विभाग की टीम अस्पताल का जायजा लेने आएगी। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अस्पताल में करीब ढाई करोड़ रुपये की एमआरआई मशीन इंस्टॉल कराई जाएगी। इस सब में एक महीने का समय लग सकता है। अभी अस्पताल में मणिपाल हेल्थ मैप (एमएचएम) की ओर से कंप्यूटराइज्ड एक्सियल टोमोग्राफी (सीटी स्कैन) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रतिदिन हो रहे 30 सीटी स्कैन : विकास शर्मा
एमएचएम के केंद्र प्रबंधक विकास शर्मा ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन करीब 30 लोगों का सीटी स्कैन होता है। अस्पताल में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध होने पर कैथल व यमुनानगर के मरीज लाभान्वित होंगे, क्योंकि अभी भी एमआरआई के लिए उनको एलएनजेपी रेफर किया जाता है। यहां से उनको पंचकूला भेजा जाता है।
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मशीन के लिए चयनित कर दी जगह : डॉ. सुखबीर सिंह
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना उनका लक्ष्य है। अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए जगह का चयन किया गया है। मरीजों को एक छत के नीचे ही एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
इस आधार पर काम करती हैं सीटी स्कैन व एमआरआई मशीन
-सीटी स्कैन : यह एक्सरे का ही एक रूप है। यह शरीर के अंगों के चित्र को दिखाता है, जिसमें सैकड़ों चित्र लिए जा सकते हैं।
-एमआरआई : इस तकनीक में चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों की सहायता से शरीर के अंगों एवं उनकी कोशिकाओं का स्पष्ट एवं विस्तृत चित्र बनाया जाता है।
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उधर, अस्पताल में एमआरआई मशीन इंस्टॉल करने और सुविधा देने के लिए विभाग पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका है। अब जल्द ही विभाग की टीम अस्पताल का जायजा लेने आएगी। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अस्पताल में करीब ढाई करोड़ रुपये की एमआरआई मशीन इंस्टॉल कराई जाएगी। इस सब में एक महीने का समय लग सकता है। अभी अस्पताल में मणिपाल हेल्थ मैप (एमएचएम) की ओर से कंप्यूटराइज्ड एक्सियल टोमोग्राफी (सीटी स्कैन) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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प्रतिदिन हो रहे 30 सीटी स्कैन : विकास शर्मा
एमएचएम के केंद्र प्रबंधक विकास शर्मा ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन करीब 30 लोगों का सीटी स्कैन होता है। अस्पताल में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध होने पर कैथल व यमुनानगर के मरीज लाभान्वित होंगे, क्योंकि अभी भी एमआरआई के लिए उनको एलएनजेपी रेफर किया जाता है। यहां से उनको पंचकूला भेजा जाता है।
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मशीन के लिए चयनित कर दी जगह : डॉ. सुखबीर सिंह
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना उनका लक्ष्य है। अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए जगह का चयन किया गया है। मरीजों को एक छत के नीचे ही एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
इस आधार पर काम करती हैं सीटी स्कैन व एमआरआई मशीन
-सीटी स्कैन : यह एक्सरे का ही एक रूप है। यह शरीर के अंगों के चित्र को दिखाता है, जिसमें सैकड़ों चित्र लिए जा सकते हैं।
-एमआरआई : इस तकनीक में चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों की सहायता से शरीर के अंगों एवं उनकी कोशिकाओं का स्पष्ट एवं विस्तृत चित्र बनाया जाता है।