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Kurukshetra News: प्रत्येक जिले में ईएसआईसी अस्पताल बनाने की योजना पर सांसद ने लोकसभा सत्र में रखी मांग
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कुरुक्षेत्र। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार विभाग द्वारा कारखानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिक/कर्मचारी ईएसआईसी सदस्यों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए 100 बेड का अस्पताल बनाने की योजना बनाई गई है। पंचकूला, सोनीपत, हिसार, रोहतक, अंबाला, सिरसा, करनाल में ईएसआईसी की अभी तक केवल डिस्पेंसरी खुली है, लेकिन कोई बड़ा अस्पताल नहीं है, जिस कारण ईएसआईसी कार्ड धारकों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए फरीदाबाद ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।
सांसद नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को लोकसभा सत्र के दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्री भारत सरकार से ईएसआईसी अस्पताल बनाने की योजना की वर्तमान स्थिति को लेकर हाउस के सामने अपनी मांग रखी। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि ईएसआईसी कार्ड धारकों को उनके जिलों में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके, इसको लेकर यह योजना बनाई गई है। इसके साथ-साथ फरीदाबाद मेडिकल कॉलेज पर मरीजों का काफी दबाव रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत सिटी स्कैन, एमआरआई व अन्य जांच प्रक्रिया में होती है। यहीं स्थिति ऑपरेशन के मरीजों को होती है। मरीजों को ऑपरेशन के लिए कई बार 6-6 महीनों का इंतजार करना पड़ता है। इसे देखते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने प्रदेश के जिलों में 100-100 बैड के अस्पताल बनाने की योजना तैयार की है। इनमें मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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सांसद नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को लोकसभा सत्र के दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्री भारत सरकार से ईएसआईसी अस्पताल बनाने की योजना की वर्तमान स्थिति को लेकर हाउस के सामने अपनी मांग रखी। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि ईएसआईसी कार्ड धारकों को उनके जिलों में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके, इसको लेकर यह योजना बनाई गई है। इसके साथ-साथ फरीदाबाद मेडिकल कॉलेज पर मरीजों का काफी दबाव रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत सिटी स्कैन, एमआरआई व अन्य जांच प्रक्रिया में होती है। यहीं स्थिति ऑपरेशन के मरीजों को होती है। मरीजों को ऑपरेशन के लिए कई बार 6-6 महीनों का इंतजार करना पड़ता है। इसे देखते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने प्रदेश के जिलों में 100-100 बैड के अस्पताल बनाने की योजना तैयार की है। इनमें मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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