फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   More than five thousand children from 13 states took the examination, Kurukshetra

13 राज्यों से आए पांच हजार से ज्यादा बच्चों ने दी परीक्षा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 01:21 AM IST
विज्ञापन
More than five thousand children from 13 states took the examination, Kurukshetra
गुरुकुल कुरुक्षेत्र में प्रवेश परीक्षा देते विद्यार्थी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में गुरुकुल शिक्षा उत्सव के तहत पांचवीं, छठी व 11वीं कक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। प्रवेश परीक्षा में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 13 राज्यों से पांच हजार से ज्यादा बच्चे शामिल हुए। दूसरे चरण में सातवीं, आठवीं और नौंवी कक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा 27 मार्च को होगी।
गुरुकुल के निदेशक एवं प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष में गुरुकुल कुरुक्षेत्र ही एकमात्र ऐसा संस्थान जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ पुरातन संस्कारों की अमूल्य धरोहर प्रदान की जाती है। यहां सेवा, सुरक्षा, शिक्षा और संस्कार के ध्येय वाक्य के अनुरूप छात्रों का सर्वांगीण विकास किया जाता है।
विज्ञापन

यहां के बच्चे शिक्षा के साथ खेलों में भी अग्रणी रहते हैं। प्रवेश परीक्षा में गुरुकुल परिसर में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आज प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चे को गुरुकुल कुरुक्षेत्र में प्रवेश दिलाना चाहता है, क्योंकि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस संस्थान में उनके बच्चों का वर्तमान और भविष्य सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राज्यपाल आचार्य देवव्रत (गुजरात) के ओएसडी डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने कहा कि गुरुकुल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कुछ मौकापरस्त लोग अपने बंद पड़े हुए संस्थानों पर गुरुकुल का नाम लगाकर उन्हें भरमाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों से अभिभावकों को सचेत रहने की जरूरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र, चमनवाटिका कन्या गुरुकुल अंबाला, गुरुकुल नीलोखेड़ी और गुरुकुल ज्योतिसर के अलावा गुरुकुल के नाम से चलने वाले किसी भी शिक्षण संस्थान से गुरुकुल कुरुक्षेत्र प्रबंधन का कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने बताया जिन छात्रों का गुरुकुल में प्रवेश नहीं होता, उनके लिए आचार्य देवव्रत ने गुरुकुलों की एक श्रृंखला आरंभ की है। संभव है कि आने वाले समय में इस श्रृंखला में गुरुकुलों का निर्माण कर बच्चों को संस्कार के साथ उत्तम शिक्षा दिलाने की अभिभावकों की भावना को पूर्ण किया जा सके। इस मौके पर कुलवंत सिंह सैनी, राधाकृष्ण आर्य, सह प्राचार्य शमशेर सिंह, मुख्य संरक्षक संजीव आर्य, गुरुकुल नीलोखेड़ी के प्राचार्य अर्जुन आर्य, गुरुकुल ज्योतिसर के प्राचार्य सतबीर आर्य आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed