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Kurukshetra News: 11 हजार से ज्यादा किसानों ने किया आवेदन
Tue, 16 Sep 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 16 Sep 2025 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिछले दिनों आई बाढ़ व जलभराव के चलते करीब 76 हजार एकड़ फसल में नुकसान की सूचना प्रशासन के पास पहुंची है। इसके चलते करीब 11 हजार 800 किसानों ने मुआवजे के लिए ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया है।
प्रशासन ने इस नुकसान की जांच के लिए आंकलन भी शुरू करवा दिया है। पटवारियों से लेकर कानूनगो फील्ड में उतार दिए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि इसी माह पूरे रकबे का आंकलन कर लिया जाएगा जिसके बाद वास्तविक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सोमवार को फसलों में नुकसान पर आवेदन करने के लिए खोला गया ई क्षतिपूर्ति पोर्टल बंद हो गया है। इसके बाद अब रेवेन्यू विभाग के पास इस रकबे का सही आंकलन करना बड़ी चुनौती होगी।
बाढ़ व जलभराव से प्रभावित फसलों के मुआवजे के लिए सरकार ने 1 सितंबर से पहले ही पोर्टल खोल दिया था जिसे बाद में 15 सितंबर तक जारी रखा। दो दिन पहले तक दर्ज आकंड़े के मुताबिक सबसे ज्यादा पिहोवा क्षेत्र का करीब 22974 एकड़ रकबा सामने आया था जबकि शाहाबाद का 16413 एकड़, थानेसर का 15338, इस्माईलाबाद का 11460, बाबैन का 910 व लाडवा का 770 एकड़ रकबा शामिल रहा था।
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इसके बाद 14 व 15 सितंबर को भी किसानों ने आवेदन दर्ज कराए जिसके मुताबिक करीब 11 हजार 800 किसानों ने करीब 76 हजार एकड़ में नुकसान बताया।
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कुरुक्षेत्र। पिछले दिनों आई बाढ़ व जलभराव के चलते करीब 76 हजार एकड़ फसल में नुकसान की सूचना प्रशासन के पास पहुंची है। इसके चलते करीब 11 हजार 800 किसानों ने मुआवजे के लिए ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया है।
प्रशासन ने इस नुकसान की जांच के लिए आंकलन भी शुरू करवा दिया है। पटवारियों से लेकर कानूनगो फील्ड में उतार दिए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि इसी माह पूरे रकबे का आंकलन कर लिया जाएगा जिसके बाद वास्तविक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सोमवार को फसलों में नुकसान पर आवेदन करने के लिए खोला गया ई क्षतिपूर्ति पोर्टल बंद हो गया है। इसके बाद अब रेवेन्यू विभाग के पास इस रकबे का सही आंकलन करना बड़ी चुनौती होगी।
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बाढ़ व जलभराव से प्रभावित फसलों के मुआवजे के लिए सरकार ने 1 सितंबर से पहले ही पोर्टल खोल दिया था जिसे बाद में 15 सितंबर तक जारी रखा। दो दिन पहले तक दर्ज आकंड़े के मुताबिक सबसे ज्यादा पिहोवा क्षेत्र का करीब 22974 एकड़ रकबा सामने आया था जबकि शाहाबाद का 16413 एकड़, थानेसर का 15338, इस्माईलाबाद का 11460, बाबैन का 910 व लाडवा का 770 एकड़ रकबा शामिल रहा था।
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इसके बाद 14 व 15 सितंबर को भी किसानों ने आवेदन दर्ज कराए जिसके मुताबिक करीब 11 हजार 800 किसानों ने करीब 76 हजार एकड़ में नुकसान बताया।