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मिशन एडमिशन : कैसे बढ़ेगा कौशल, जिले के 14 कॉलेजों में से अधिकतर में रोजगारपरक कोर्स नहीं
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कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय। संवाद
कुरुक्षेत्र। उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए आवेदन प्रकिया तीन जून से शुरु हो चुकी है, जिसको लेकर विद्यार्थियों में दाखिला लेने के लिए दौड़ लगी हुई है। विद्यार्थी रोजगारपरक कोर्सों में दाखिला लेने की तलाश में है। लेकिन जिलेभर के 14 कॉलेजों में से छह कॉलेजों में ही ये कोर्स कराए जा रहे हैं, जिनमें से पांच महिला महाविद्यालय है। ऐसे में छात्र रोजगारपरक कोर्सों से वंचित नजर आते हैं और उन्हें शिक्षा के लिए अन्य शहरों में जाना पड़ता है। अधिकतर कॉलेजों में पारंपरिक विषय ही पढ़ाए जा रहे हैं। हालांकि अच्छी शिक्षा के लिए ये विषय आवश्यक साबित हुए हैं लेकिन वर्तमान युग में कौशल आधारित शिक्षा की अधिक मांग है, जिनमें विद्यार्थियों का भी रुझान देखने को मिल रहा है।
वहीं दूसरी ओर सरकार युवाओं में कौशल बढ़ाने पर जोर दे रही है लेकिन धरातल पर युवाओं के कौशल निखारने के लिए किए गए प्रयास नजर नहीं आ रहे। ऐसे कई राजकीय कॉलेज है जो केवल पारंपरिक विषय एवं कोर्स में ही विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने तक ही सीमित हैं, जबकि सेल्फ फाइनेंस और एडेड कॉलेज रोजगारपरक कोर्स संचालित करके युवाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। वहीं रोजगारपरक डिग्री कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों में केवल एकमात्र राजकीय महिला महाविद्यालय पलवल ही राजकीय संस्थान है। जबकि अन्य किसी राजकीय संस्थान में रोजगारपरक कोर्स नहीं है और अन्य संस्थान केवल पारंपरिक पाठ्यक्रम बीए, बीकॉम, बीएससी आदि ही पढ़ाने तक ही सीमित हैं। ऐसे में सरकार के कौशल बढ़ाने के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।
जिले के 14 महाविद्यालयों में से महज ऐसे संस्थान हैं, जहां पर अलग-अलग तरह के रोजगारपरक कोर्स चल रहे हैं लेकिन इन कोर्सों में सीटें सीमित होने के कारण सभी विद्यार्थियों का दाखिला होना असंभव है। जिले के छह कॉलेजों में सात रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र में बीटीएम और बीसीए, आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद में बीएससी फैशन डिजाइनिंग, एमए फाइन आर्ट्स और बीसीए, राजकीय महिला कॉलेज पलवल में बीसीए तथा द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज में बीसीए का कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
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इन कॉलेजों में है ये रोजगारपरक कोर्स संचालित
कोर्स-- -- -- -- -- -- -- -- -- -कॉलेज -- -- -- -- -- -- -- -- -- -सीटें
बैचलर ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट-- -- दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र-- -- 40
बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन-- -- दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र -- -- 40
बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन-- दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र -- -- 60
-बीएससी फैशन डिजाइनिंग-- -- आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद-- -- 40
-एमए फाइन आर्ट्स-- -- आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद-- -- 15
- बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन-- -- आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद-- -- 60
-बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन-- -- राजकीय महिला महाविद्यालय पलवल-- -- 60
-बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन-- -- द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज-- -- 60
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन-- द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज-- -- 60
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन-- सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम महिला कॉलेज-- -- 30
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन-- - इशरजोत महिला डिग्री कॉलेज-- -66
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वहीं दूसरी ओर सरकार युवाओं में कौशल बढ़ाने पर जोर दे रही है लेकिन धरातल पर युवाओं के कौशल निखारने के लिए किए गए प्रयास नजर नहीं आ रहे। ऐसे कई राजकीय कॉलेज है जो केवल पारंपरिक विषय एवं कोर्स में ही विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने तक ही सीमित हैं, जबकि सेल्फ फाइनेंस और एडेड कॉलेज रोजगारपरक कोर्स संचालित करके युवाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। वहीं रोजगारपरक डिग्री कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों में केवल एकमात्र राजकीय महिला महाविद्यालय पलवल ही राजकीय संस्थान है। जबकि अन्य किसी राजकीय संस्थान में रोजगारपरक कोर्स नहीं है और अन्य संस्थान केवल पारंपरिक पाठ्यक्रम बीए, बीकॉम, बीएससी आदि ही पढ़ाने तक ही सीमित हैं। ऐसे में सरकार के कौशल बढ़ाने के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।
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जिले के 14 महाविद्यालयों में से महज ऐसे संस्थान हैं, जहां पर अलग-अलग तरह के रोजगारपरक कोर्स चल रहे हैं लेकिन इन कोर्सों में सीटें सीमित होने के कारण सभी विद्यार्थियों का दाखिला होना असंभव है। जिले के छह कॉलेजों में सात रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र में बीटीएम और बीसीए, आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद में बीएससी फैशन डिजाइनिंग, एमए फाइन आर्ट्स और बीसीए, राजकीय महिला कॉलेज पलवल में बीसीए तथा द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज में बीसीए का कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
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इन कॉलेजों में है ये रोजगारपरक कोर्स संचालित
कोर्स
बैचलर ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट
बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन
बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
-बीएससी फैशन डिजाइनिंग
-एमए फाइन आर्ट्स
- बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन
-बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन
-बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन