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Kurukshetra News: अमेरिका में ठसका मीरांजी के युवक की सड़क हादसे में मौत
Tue, 04 Feb 2025 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 04 Feb 2025 02:15 AM IST
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इस्माईलाबाद(कुरुक्षेत्र)। गांव ठसका मीरांजी से अमेरिका गए एक युवक कृष्ण कुमार की 28 जनवरी को सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक करीब छह माह पहले ही अमेरिका गया था। वह अमेरिका के एक रेस्टोरेंट में कुक का काम करता था। हादसे की सूचना मिलने के बाद गांव में मातम पसर गया है। परिजनों ने शव भारत लाने के लिए परिवार से गुहार लगाई है।
मोहित सैनी ने बताया, उसका चचेरा भाई कृष्ण कुमार (31) करीब आठ माह पहले कनाडा गया था। दो माह वहां रुकने के बाद अमेरिका चला गया था और फिलहाल वह पेंसिल्वेनिया शहर में रह रहा था। इस शहर के नजदीक ही उसकी बुआ का बेटा और जीजा भी रहते हैं। उन्होंने ही कृष्ण को अपने पास बुलाया था। वह रेस्टोरेंट में कुकिंग का काम करता था। 28 जनवरी को वह काम खत्म कर दोस्त के साथ कार से घर लौट रहा था। इस दौरान एक ट्रक ने उसकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में कृष्ण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों को इस हादसे की सूचना 29 जनवरी को मिली। अब परिवार के सदस्य कृष्ण कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए सरकार व प्रशासन से मदद गुहार लगा रहे हैं ताकि पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गांव में किया जा सके। उन्होंने समाजसेवी संगठनों से भी मदद की अपील की है।
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परिवार की आजीविका चलाने वाला इकलौता सहारा था कृष्ण कुमार
परिजनों बताया कि कृष्ण कुमार कर्ज लेकर कनाडा गया था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। कृष्ण के पिता हरि सिंह अधरंग से पीड़ित है। कृषण कुमार का विवाह पिपली की रहने वाली सुनीता के साथ 12 वर्ष पूर्व हुआ था। उसके दो बच्चे 10 साल का बेटा प्रतीक और दूसरा तीन साल का हर्षित है।
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मोहित सैनी ने बताया, उसका चचेरा भाई कृष्ण कुमार (31) करीब आठ माह पहले कनाडा गया था। दो माह वहां रुकने के बाद अमेरिका चला गया था और फिलहाल वह पेंसिल्वेनिया शहर में रह रहा था। इस शहर के नजदीक ही उसकी बुआ का बेटा और जीजा भी रहते हैं। उन्होंने ही कृष्ण को अपने पास बुलाया था। वह रेस्टोरेंट में कुकिंग का काम करता था। 28 जनवरी को वह काम खत्म कर दोस्त के साथ कार से घर लौट रहा था। इस दौरान एक ट्रक ने उसकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में कृष्ण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों को इस हादसे की सूचना 29 जनवरी को मिली। अब परिवार के सदस्य कृष्ण कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए सरकार व प्रशासन से मदद गुहार लगा रहे हैं ताकि पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गांव में किया जा सके। उन्होंने समाजसेवी संगठनों से भी मदद की अपील की है।
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परिवार की आजीविका चलाने वाला इकलौता सहारा था कृष्ण कुमार
परिजनों बताया कि कृष्ण कुमार कर्ज लेकर कनाडा गया था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। कृष्ण के पिता हरि सिंह अधरंग से पीड़ित है। कृषण कुमार का विवाह पिपली की रहने वाली सुनीता के साथ 12 वर्ष पूर्व हुआ था। उसके दो बच्चे 10 साल का बेटा प्रतीक और दूसरा तीन साल का हर्षित है।
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