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Kurukshetra News: मारकंडा उफान पर, ग्रामीण सतर्क
Tue, 03 Sep 2024 07:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 03 Sep 2024 07:35 AM IST
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शाहाबाद। मारकंडा नदी में एक बार फिर उफान आ गया। सोमवार शाम पांच बजे तक मारकंडा में करीब 10 हजार क्यूसेक पानी पहुंच गया था। नदी का जल स्तर बढ़ने से आसपास के गांव के लोग सतर्क हो गए। देर रात मारकंडा में इसमें 18 हजार क्यूसेक पानी पहुंच सकता है।
जानकारी के अनुसार कठवा, मुगल माजरा, तंगौर, मलिकपुर, पाडलू, मदनपुर, गुमटी गांव के लोग मारकंडा नदी पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि नदी में करीब 20 हजार क्यूसेक पानी आने पर इन गांवों की सड़कों और खेतों में पानी भर जाता है। इससे फसलों को काफी नुकसान होता है। इस मानसून में मारकंडा नदी में करीब चार बार पानी आ चुका है। एक बार तो पानी 30 हजार क्यूसेक के आंकड़े को छू चुका है, जिससे दर्जनों गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचा था।
अब सोमवार को अचानक पानी आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मारकंडा में पानी जुलाई के शुरुआती दिनों से शुरू होकर अगस्त माह के बीच तक रहता है, लेकिन सितंबर में पानी आने से किसान परेशान हैं। आसपास बसे लोग यही प्रार्थना कर रहे हैं कि नदी में पानी की मात्रा न बढ़े। उल्लेखनीय है कि मारकंडा बरसाती नदी है। हर वर्ष बरसात के दिनों में यहां पानी आता है। जब नाहन व काला अंब में मूसलाधार बरसात होती हैं तो रून व वेग नदियों में पानी की अधिकता होने के कारण मारकंडा नदी में पानी भर जाता है। शाहाबाद से पीछे हेमा माजरा और मुलाना में भी पानी का प्रभाव रहता है।
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जानकारी के अनुसार कठवा, मुगल माजरा, तंगौर, मलिकपुर, पाडलू, मदनपुर, गुमटी गांव के लोग मारकंडा नदी पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि नदी में करीब 20 हजार क्यूसेक पानी आने पर इन गांवों की सड़कों और खेतों में पानी भर जाता है। इससे फसलों को काफी नुकसान होता है। इस मानसून में मारकंडा नदी में करीब चार बार पानी आ चुका है। एक बार तो पानी 30 हजार क्यूसेक के आंकड़े को छू चुका है, जिससे दर्जनों गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचा था।
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अब सोमवार को अचानक पानी आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मारकंडा में पानी जुलाई के शुरुआती दिनों से शुरू होकर अगस्त माह के बीच तक रहता है, लेकिन सितंबर में पानी आने से किसान परेशान हैं। आसपास बसे लोग यही प्रार्थना कर रहे हैं कि नदी में पानी की मात्रा न बढ़े। उल्लेखनीय है कि मारकंडा बरसाती नदी है। हर वर्ष बरसात के दिनों में यहां पानी आता है। जब नाहन व काला अंब में मूसलाधार बरसात होती हैं तो रून व वेग नदियों में पानी की अधिकता होने के कारण मारकंडा नदी में पानी भर जाता है। शाहाबाद से पीछे हेमा माजरा और मुलाना में भी पानी का प्रभाव रहता है।
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