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Kurukshetra News: रौद्र रूप में मारकंडा, 49 हजार क्यूसेक पहुंचा पानी
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शाहाबाद। भले ही सोमवार दोपहर बाद से जिला में बारिश थम गई है, लेकिन मारकंडा नदी का रौद्र रूप अभी भी शांत नहीं हुआ है। सोमवार को जहां नदी ओवरफ्लो होने के चलते अधिकतर शहर में बाढ़ के हालात बन गए तो वहीं मंगलवार को भी दूसरा किनारा टूटने का खतरा बना रहा। शाम तक 49 हजार क्यूसेक पानी बहने लगा था, जिसके चलते शहरवासियों ही नहीं आसपास के गांवों के लोगों की सांसें अटकी रही। वहीं एनडीआरफ की टीम ने 165 लोगों को रेस्क्यू कर निकाला।
मारकंडा का यह किनारा शाहाबाद के बराड़ा रोड की ओर है जबकि पहले ही दूसरे किनारे ने लाडवा रोड और हुड्डा का इलाका डूबो दिया। मंगलवार को नदी के पानी ने बाजार के रास्ते शहर के पहले क्षेत्र में भी घुसना शुरू कर दिया है। गेज रीडर के मुताबिक मंगलवार देर रात तक और बढ़ेगा, लेकिन बुधवार सुबह से पानी कम होने की उम्मीद है।
सोमवार 12 बजे शुरू हुए जल भराव के बाद मंगलवार सुबह हुड्डा फेस-1 और 2, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, अटारी कॉलोनी, किला सिखा, किशनगढ़ रोड, दीपक विहार, सिद्धार्थ कॉलोनी, विश्वाश कॉम्पलैक्स, हिमगिरी कॉलोनी, लक्की कालोनी, बिजली कॉलोनी, लैंडमार्क कॉलोनी, अनाजमंडी, जोगी विहार सहित कई करीबन आधे शहर में हर गली सड़क में करीब 5 -5 फुट तक पानी भरा है। लाडवा रोड पर पानी की रफ्तार उफान पर है। मारकंडा नदी का पानी जोगीमाजरा और अनाजमंडी से होता हुआ शहर में प्रवेश कर रहा है। यहां सभी घरों में सोमवार शाम तक एक-एक फुट पानी था, लेकिन मंगलवार सुबह घरों में पानी बढ़ने लगा और देर शाम तक हर घर में चार फुट तक पानी आंका गया है।
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बिजली न पानी, छतों पर जिंदगानी
मारकंडा ने रौद्र रूप दिखाया तो शाहाबाद के अधिकतर क्षेत्र के लोगाें के समक्ष जीवन संकट ही खड़ा हो गया। हुड्डा क्षेत्र से लेकर दर्जन भर कॉलोनियों के लोगों के घरों में चार से पांच फीट तक पानी घुस गया, जिसके चलते लोगों ने अपने-अपने घरों की पहली मंजिल पर शरण ली हुई है।
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा के नेतृत्व में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों सहित एनडीआरएफ की टीम और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण और शहरी इलाके में लोगों की जान बचाने में लगे हैं। लेकिन बाढ़ ग्रस्त घरों में आलम यह है कि लगातार बढ़ते पानी के प्रकोप से खाने-पीने के सामान की भी किल्लत होने लगी है। लोग घरों में कैद हो गए हैं। यहां सोमवार से ही बिजली गुल है तो पीने के पानी का भी संकट छा गया है। विशेषकर छोटे बच्चों के लिए दूध आदि की किल्लत से अटारी कॉलोनी व हुड्डा सेक्टर में हाहाकार का माहौल व्याप्त है।
नप प्रशासन बेबस
नगरपालिका और प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए न तो पहले से कोई तैयारी की गई और न ही नगरपालिका के पास इस भयावह स्थिति से निपटने करने के लिए कोई योजना है। हुडा सेक्टर में आई भयंकर बाढ़ के पानी की निकासी प्रबंधन हेतु नगरपालिका प्रशासन बेबस दिखाई दिया। अशोक चड्डा, प्रो. सुनील गुप्ता, सतीश आनंद, रजत सतीजा, गोल्डी खुराना, नरेंद्र गर्ग डिंपू, विशाल कालड़ा एवं अटारी कॉलोनी निवासी व पार्ट 2 निवासी एडवोकेट अशोक वत्स, संजय गर्ग, संजीव शर्मा एवं राकेश गोयल आदि का कहना था कि यहां कोई सुध लेने नहीं पहुंचा। हुडा सेक्टर में सोमवार को आई भारी बाढ़ के चलते जलस्तर कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है।
इस तरह रहा मारकंडा का जलस्तर
गेज रीडर रविंदर कुमार के मुताबिक सोमवार रात को कालाअंब में बारिश के बाद 36 हजार क्यूसेक पानी आंका गया है, जबकि यही मंगलवार की सुबह 17 हजार क्यूसिक पानी आंका गया है। शाहाबाद में पानी आने में 12 घंटे लगते है, इसलिए नदी में रात को पानी और बढ़ेगा, लेकिन बुधवार सुबह पानी की मात्रा काम हो जाएगी।
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मारकंडा का यह किनारा शाहाबाद के बराड़ा रोड की ओर है जबकि पहले ही दूसरे किनारे ने लाडवा रोड और हुड्डा का इलाका डूबो दिया। मंगलवार को नदी के पानी ने बाजार के रास्ते शहर के पहले क्षेत्र में भी घुसना शुरू कर दिया है। गेज रीडर के मुताबिक मंगलवार देर रात तक और बढ़ेगा, लेकिन बुधवार सुबह से पानी कम होने की उम्मीद है।
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सोमवार 12 बजे शुरू हुए जल भराव के बाद मंगलवार सुबह हुड्डा फेस-1 और 2, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, अटारी कॉलोनी, किला सिखा, किशनगढ़ रोड, दीपक विहार, सिद्धार्थ कॉलोनी, विश्वाश कॉम्पलैक्स, हिमगिरी कॉलोनी, लक्की कालोनी, बिजली कॉलोनी, लैंडमार्क कॉलोनी, अनाजमंडी, जोगी विहार सहित कई करीबन आधे शहर में हर गली सड़क में करीब 5 -5 फुट तक पानी भरा है। लाडवा रोड पर पानी की रफ्तार उफान पर है। मारकंडा नदी का पानी जोगीमाजरा और अनाजमंडी से होता हुआ शहर में प्रवेश कर रहा है। यहां सभी घरों में सोमवार शाम तक एक-एक फुट पानी था, लेकिन मंगलवार सुबह घरों में पानी बढ़ने लगा और देर शाम तक हर घर में चार फुट तक पानी आंका गया है।
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बिजली न पानी, छतों पर जिंदगानी
मारकंडा ने रौद्र रूप दिखाया तो शाहाबाद के अधिकतर क्षेत्र के लोगाें के समक्ष जीवन संकट ही खड़ा हो गया। हुड्डा क्षेत्र से लेकर दर्जन भर कॉलोनियों के लोगों के घरों में चार से पांच फीट तक पानी घुस गया, जिसके चलते लोगों ने अपने-अपने घरों की पहली मंजिल पर शरण ली हुई है।
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा के नेतृत्व में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों सहित एनडीआरएफ की टीम और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण और शहरी इलाके में लोगों की जान बचाने में लगे हैं। लेकिन बाढ़ ग्रस्त घरों में आलम यह है कि लगातार बढ़ते पानी के प्रकोप से खाने-पीने के सामान की भी किल्लत होने लगी है। लोग घरों में कैद हो गए हैं। यहां सोमवार से ही बिजली गुल है तो पीने के पानी का भी संकट छा गया है। विशेषकर छोटे बच्चों के लिए दूध आदि की किल्लत से अटारी कॉलोनी व हुड्डा सेक्टर में हाहाकार का माहौल व्याप्त है।
नप प्रशासन बेबस
नगरपालिका और प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए न तो पहले से कोई तैयारी की गई और न ही नगरपालिका के पास इस भयावह स्थिति से निपटने करने के लिए कोई योजना है। हुडा सेक्टर में आई भयंकर बाढ़ के पानी की निकासी प्रबंधन हेतु नगरपालिका प्रशासन बेबस दिखाई दिया। अशोक चड्डा, प्रो. सुनील गुप्ता, सतीश आनंद, रजत सतीजा, गोल्डी खुराना, नरेंद्र गर्ग डिंपू, विशाल कालड़ा एवं अटारी कॉलोनी निवासी व पार्ट 2 निवासी एडवोकेट अशोक वत्स, संजय गर्ग, संजीव शर्मा एवं राकेश गोयल आदि का कहना था कि यहां कोई सुध लेने नहीं पहुंचा। हुडा सेक्टर में सोमवार को आई भारी बाढ़ के चलते जलस्तर कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है।
इस तरह रहा मारकंडा का जलस्तर
गेज रीडर रविंदर कुमार के मुताबिक सोमवार रात को कालाअंब में बारिश के बाद 36 हजार क्यूसेक पानी आंका गया है, जबकि यही मंगलवार की सुबह 17 हजार क्यूसिक पानी आंका गया है। शाहाबाद में पानी आने में 12 घंटे लगते है, इसलिए नदी में रात को पानी और बढ़ेगा, लेकिन बुधवार सुबह पानी की मात्रा काम हो जाएगी।