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सैनिक की विदाई पर उमड़ा जनसैलाब
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:31 AM IST
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सैनिक सुनील सिंह
- फोटो : amar ujala
अहमद नगर में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से हुई मौत के बाद बृहस्पतिवार को सैनिक सुनील सिंह संधू का शव गांव पहुंचा। अंतिम यात्रा में मेघामाजरा और आसपास के इलाके के लोग उमड़ पड़े। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे सेना के नायब सूबेदार जेसीएम राजू अन्य सिपाहियों के साथ सैनिक सुनील का शव लेकर गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों का हुजूम देखने के लिए उमड़ पड़ा। शव के साथ आए आर्मी के सिपाही नरेश कुमार ने बताया कि वे अहमद नगर से फ्लाइट से दिल्ली सुबह तीन बजे पहुंच गए थे। वहां से सैनिक गाड़ी में शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने बताया कि सुनील सिंह संधू ड्यूटी के दौरान 14 जून मंगलवार को सुबह करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। सैनिक की माता शांतिदेवी ने बताया कि उसके पति हरनाम सिंह संधू ने भी आर्मी में रहकर देश की सेवा की थी। वे भी दो साल पहले सिधार गए। उसने देश की सेवा के लिए अपने पति के बाद अपने दो बेटों में से एक को भी सेना में भेजा।
12 साल से कर रहे थे देश सेवा
परिवार के ही पूर्व सरपंच सुखवीर सिंह ने बताया कि सुनील सिंह संधू 12 वर्ष से देश की सेवा में लगे थे। करीब दो माह पहले ही उनकी पोस्टिंग अहमदनगर में होकर उन्हें 71 आर्म्ड में तैनात किया गया था। अहमदनगर पोस्टिंग के बाद वे करीब एक माह की छुट्टी पर गांव आए थे। अभी करीब एक सप्ताह पहले ही वे दोबारा ड्यूटी पर गए थे। उन्होंने बताया कि सुनील सिंह की शादी करीब छह साल पहले यमुनानगर की नीनारानी के साथ हुई थी। तीन साल बाद ही सुनील सिंह की रिटायरमेंट होनी थी।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे सैनिक को अंतिम विदाई दी गई। पुलिस के जवानों ने उनको शस्त्रों के साथ सलामी दी। प्रशासन की ओर से एसडीएम पिहोवा दलवीर सिंह, नायब तहसीलदार पिहोवा ललित जाखड़, डीएसपी पिहोवा अशोक बख्शी, एसएचओ झांसा निर्मल सिंह आदि ने फूल अर्पित कर उनको अंतिम विदाई दी। पिहोवा के विधायक जसविंद्र सिंह संधू ने भी शहीद को श्रद्धांजलि देकर नमन किया।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे सेना के नायब सूबेदार जेसीएम राजू अन्य सिपाहियों के साथ सैनिक सुनील का शव लेकर गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों का हुजूम देखने के लिए उमड़ पड़ा। शव के साथ आए आर्मी के सिपाही नरेश कुमार ने बताया कि वे अहमद नगर से फ्लाइट से दिल्ली सुबह तीन बजे पहुंच गए थे। वहां से सैनिक गाड़ी में शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने बताया कि सुनील सिंह संधू ड्यूटी के दौरान 14 जून मंगलवार को सुबह करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। सैनिक की माता शांतिदेवी ने बताया कि उसके पति हरनाम सिंह संधू ने भी आर्मी में रहकर देश की सेवा की थी। वे भी दो साल पहले सिधार गए। उसने देश की सेवा के लिए अपने पति के बाद अपने दो बेटों में से एक को भी सेना में भेजा।
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12 साल से कर रहे थे देश सेवा
परिवार के ही पूर्व सरपंच सुखवीर सिंह ने बताया कि सुनील सिंह संधू 12 वर्ष से देश की सेवा में लगे थे। करीब दो माह पहले ही उनकी पोस्टिंग अहमदनगर में होकर उन्हें 71 आर्म्ड में तैनात किया गया था। अहमदनगर पोस्टिंग के बाद वे करीब एक माह की छुट्टी पर गांव आए थे। अभी करीब एक सप्ताह पहले ही वे दोबारा ड्यूटी पर गए थे। उन्होंने बताया कि सुनील सिंह की शादी करीब छह साल पहले यमुनानगर की नीनारानी के साथ हुई थी। तीन साल बाद ही सुनील सिंह की रिटायरमेंट होनी थी।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे सैनिक को अंतिम विदाई दी गई। पुलिस के जवानों ने उनको शस्त्रों के साथ सलामी दी। प्रशासन की ओर से एसडीएम पिहोवा दलवीर सिंह, नायब तहसीलदार पिहोवा ललित जाखड़, डीएसपी पिहोवा अशोक बख्शी, एसएचओ झांसा निर्मल सिंह आदि ने फूल अर्पित कर उनको अंतिम विदाई दी। पिहोवा के विधायक जसविंद्र सिंह संधू ने भी शहीद को श्रद्धांजलि देकर नमन किया।