कुरुक्षेत्र। लोटस ग्रीन सिटी में श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष भागवत प्रवक्ता वेदाचार्य अनिल शास्त्री की ओर से कथा शनिवार को भी जारी रही, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथाश्रवण किया। कथा में वेदाचार्य ने कहा कि भगवान वामन 24 अवतारों में से एक अवतार है। भगवान वामन ने लघु रूप धारण कर संदेश दिया कि मनुष्य कितना भी बड़ा हो उसे हमेशा लोक दृष्टि से संसार समाज परिवार में छोटे बनकर रहना चाहिए। छोटे बनकर रहने से कभी भी विकट परिस्थिति में उस प्राणी को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है। विपरीत परिस्थितियों में भी वह सरल सहज भाव से अपना जीवन व्यतीत कर लेता है। इसलिए मनुष्य को हमेशा विनम्रता सरलता सहजता पूर्वक अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए।
भगवान श्री वामन ने समस्त देवताओं के स्वामी होने के होने के बावजूद सभी को संदेश दिया कि हमेशा मनुष्य को छोटा बनकर रहना चाहिए। कथावाचक अनिल शास्त्री ने कहा कि भगवान वामन राजा बलि के यज्ञ को परिपूर्ण कराने के लिए यज्ञशाला में पहुंचे। राजा बलि ने भगवान वामन का षोडशोपचार से पूजन करते हुए भगवान को लोक दृष्टि से बहुत मान किया। इस अवसर डॉ. नरेन्द सिंह, डॉ. ऋषि पराशर, नीरज पराशर विवेक कुमार गंन्ड़ोत्रा, सुमन देवी,राजेश शर्मा शिक्षक, स्वीटी मित्तल, अमनदीप कौर, संगीता देवी, सविता सभरवाल, नीलम सहगल, कैलाश गर्ग, बिमला गर्ग मिरा सिंह, सरिता देवी, कीर्ति सोनी, गोविंद तिवारी आदि मौजूद रहे।