फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Mahapanchayat: Farmers will connect with common man to strengthen the movement

महापंचायत में किसान आंदोलन को मजबूत करने व आजमजन से जोड़ने पर बनाई रणनीति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 01:32 AM IST
विज्ञापन
Mahapanchayat: Farmers will connect with common man to strengthen the movement
किसान महापंचायत में किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। अब इस आंदोलन से आमजन को भी जोड़ा जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को भारत बंद को लेकर बुधवार अनाज मंडी में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें 27 सितंबर भारत बंद को सफल बनाने के लिए मंत्रणा की गई।
विज्ञापन

भारत बंद के दौरान नेशनल, स्टेट हाईवे के साथ रेलवे ट्रैक को भी जाम किया जाएगा। किसान नेताओं ने जनता से सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद में सहयोग देने की अपील की। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस, दमकल, सेना, पुलिस व विदेशी जाने वाले लोगों के वाहन नहीं रोकने का फैसला हुआ।
विज्ञापन

महापंचायत में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चे के समक्ष अपनी समस्याएं भी रखीं। इस महापंचायत में हरियाणा सहित पंजाब से भी भारी संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और बाइकों पर पहुंचे थे। सुबह 8 बजे से ही किसान अनाज मंडी में जमा होने शुरू हो गए थे। बारिश भी किसानों के जज्बे को डिगा नहीं सकी। इस महापंचायत में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

महापंचायत को लेकर किसानों में गजब का उत्साह देखने को मिला। मंच से किसान नेताओं ने आंदोलन और भारत बंद को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने का आह्वान किया। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब समय आ गया है जब देश को बड़े बदलाव की जरूरत है। केवल मात्र कानून रद्द करने से काम बनने वाला नहीं है। किसान आंदोलन सही दिशा में चल रहा है, जिसमें वह जल्द ही सफल भी होंगे, मगर उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीन नए कृषि कानून के आने से पहले भी किसान खुशहाल नहीं था। पहले भी किसान आत्महत्या करने पर मजबूर था। जब किसान के हाथ में कलम होगी तभी वह अपने भविष्य व फसल के दाम को लेकर कानून बना सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर बड़े उद्योगपतियों के हाथों में कलम होगी तो वह अपने हित में कानून बनाएंगे। अब इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है। इस मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. लगनपाल, डॉ. दर्शन पाल, सुरजीत सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, रवि आजाद, सुमन हुड्डा, लक्खा सिधाना, गुरनाम सिंह जम्मू कला, प्रवक्ता राकेश बैंस, जसबीर सिंह, हरभजन सिंह मनक माजरा, सुखविंद्र सिंह औलख, प्रिंस वडैच सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

किसानों ने रखी समस्याएं
महापंचायत में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के समक्ष समस्याओं को भी रखा। किसानों ने कहा कि धान पक कर तैयार हो चुकी है और अगेती फसल की कटाई हो चुकी है। आलू की फसल और गेहूं की फसल के बिजाई के लिए उन्हें डीएपी खाद की जरूरत है लेकिन उन्हें डीएपी खाद नहीं मिल रही। अधिकारी प्रदेश में खाद की कमी बताकर किसानों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। इस पर गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार अगली फसल की बुआई के लिए खाद और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराए। जिन किसानों का फसल पंजीकरण नहीं हुआ उनके लिए पोर्टल खोला जाए, अन्यथा उन्हें मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed