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Kurukshetra News: महंत राजेंद्र पुरी ने बताया सनातन परंपरा में श्री गणेश उत्सव का महत्व
Tue, 02 Sep 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 02 Sep 2025 01:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी की प्रेरणा से श्री गणेश उत्सव के चलते निरंतर पूजन एवं आरती की जा रही है। महंत ने सोमवार को सत्संग में बताया कि सनातन में श्री गणेश उत्सव के त्योहार का विशेष महत्व है। इस विशेष पर्व को प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के प्रति आस्था एवं भक्ति भाव से 10 दिनों तक मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन की मजबूती के लिए अधिक से अधिक युवाओं को आगे आना चाहिए।
महंत ने बताया कि महर्षि वेदव्यास ने भगवान गणेश से महाभारत ग्रंथ लिखने का आग्रह किया था। भगवान गणेश ने बिना रुके लगातार 10 दिनों तक अपने दांत को कलम बना कर महाभारत लिखी। इस दौरान लगातार एक ही स्थान पर लेखन करने की वजह से गणेश जी के शरीर पर धूल और मिट्टी जमा हो गई और 10वें दिन गणेश जी ने सरस्वती नदी में स्नान करके अपने शरीर पर जमी धूल और मिट्टी को साफ किया, तब से गणेश उत्सव के 10वें दिन भगवान गणेश को विदाई दी जाती है।
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कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी की प्रेरणा से श्री गणेश उत्सव के चलते निरंतर पूजन एवं आरती की जा रही है। महंत ने सोमवार को सत्संग में बताया कि सनातन में श्री गणेश उत्सव के त्योहार का विशेष महत्व है। इस विशेष पर्व को प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के प्रति आस्था एवं भक्ति भाव से 10 दिनों तक मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन की मजबूती के लिए अधिक से अधिक युवाओं को आगे आना चाहिए।
महंत ने बताया कि महर्षि वेदव्यास ने भगवान गणेश से महाभारत ग्रंथ लिखने का आग्रह किया था। भगवान गणेश ने बिना रुके लगातार 10 दिनों तक अपने दांत को कलम बना कर महाभारत लिखी। इस दौरान लगातार एक ही स्थान पर लेखन करने की वजह से गणेश जी के शरीर पर धूल और मिट्टी जमा हो गई और 10वें दिन गणेश जी ने सरस्वती नदी में स्नान करके अपने शरीर पर जमी धूल और मिट्टी को साफ किया, तब से गणेश उत्सव के 10वें दिन भगवान गणेश को विदाई दी जाती है।
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