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Kurukshetra News: 56 हजार लीटर गंगाजल से महादेव का किया अभिषेक
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पिहोवा। संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में महाशिवरात्रि मेले के दौरान साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर करीब 56 हजार लीटर गंगाजल से जलाभिषेक किया। अल सुबह से पूरा दिन मंदिर के बाहर दूर-दराज के श्रद्वालुओं की लाइनें लगी रही।
लाइनों में लगे श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए पंचामृत युक्त गंगाजल सेवादल की ओर से उपलब्ध कराया गया। सेवादल के सदस्य बड़े टबों से लोटे में गंगाजल भर का श्रद्धालुओं को थमाते रहे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए गुड़ की भेली, प्रसाद और फूल भी लाइनों में उपलब्ध कराया गया। पूजन के लिए अर्पित की जाने वाली सामग्री को लेकर श्रद्धालुओं को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ा। दो एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बाहर से ही श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर का पूरा नजारा दिखता रहा।
मंदिर के सचिव महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और महाशिवरात्रि दोनों दिन जलाभिषेक का महत्व है। उन्होंने बताया कि इस बार 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर ऐसा बेहद दुर्लभ संयोग बना। 12 शुभ योग और चार राजयोग एक साथ रहे। ऐसे में शिव पूजा से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि शिवपुराण में वर्णन मिलता है कि जब ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ। तब भगवान शिव अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और दोनों का अहंकार शांत किया। ये दिव्य लीला भी महाशिवरात्रि की है।
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फोटो 13
महाशिवरात्रि के अवसर पर जलबेहड़ा में लगाया भंडारा
इस्माईलाबाद। महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में गांव जलबेहड़ा में ग्राम वासियों ने आपसी सहयोग से भंडारे का आयोजन किया। भंडारे में मुख्य रूप से भाजपा नेता जयभगवान शर्मा (डीडी) ने शिरकत कर भंडारे का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की सच्चे मन से भक्ति करने से सभी कामनाएं पूरी होती है।
इस अवसर पर ग्रामवासी बलदेव शर्मा ने कहा कि इस भंडारे का आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग किया गया है। सर्व प्रथम श्री मारकंडेश्वर मंदिर में माथा टेक कर लंगर शुरू किया गया है।
फोटो 14
हर-हर महादेव से गूंजी मारकंडेय नगरी
शाहाबाद। महाशिवरात्रि पर क्षेत्र के प्राचीन ऋषि मारकंडेश्वर महादेव शिव मंदिर में आस्था सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा शहर शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्ति का आलम यह था कि मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो सायं तक तक भी कम नहीं हुईं।
मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान साक्षात स्वरूप शिवलिंग की पूजा-अर्चना पंडित महावीर प्रसाद, सुनील सेमवाल, गिरीश प्रसाद और मनोज शर्मा के सानिध्य में पूरे शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। श्री मारकंडेश्वर महादेव शिव मंदिर सभा के प्रधान जगमोहन मनचंदा, उप-प्रधान संजीव भसीन, सचिव राजीव शर्मा और कोषाध्यक्ष राजकुमार सलूजा ने स्वयं उपस्थित रहकर हर श्रद्धालुओं और कावड़ियों का स्वागत किया।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे श्री शिव शक्ति कावड़ संघ सहित बढ़ी तादाद में कावड़ियों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। प्रधान एडवोकेट जगमोहन मनचंदा ने बताया कि श्रद्धालुओं और कावड़ियों की सुविधा के लिए शिव मंदिर सभा के साथ-साथ शहर की कई संस्थाओं ने योगदान दिया। जय भोलेनाथ मंडल, डेली क्रिकेट क्लब और ऋषि मारकंडेश्वर इंजीनियरिंग कंसल्टेंट ने भंडारे का आयोजन किया। एडवोकेट नीरज गुप्ता, मोहित सेठी और अमन भरेजा ने अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं को संभाला।
प्राचीन मंदिर रामशरण माजरा में भक्तों ने जल चढ़ाकर किया पूजन
बाबैन। महाशिवरात्रि पावन पर्व के प्राचीन शिवालय मंदिर रामशरण माजरा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में आकर शिव मंदिर में पूजा की। शिवालय मंदिर में स्थित शिव लिंग पर शिव भक्तों ने जल चढ़ाकर शिव पूजन किया जिससे मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से दिनभर गूंजता रहा। मंदिर के पुजारी नरेश शर्मा व गांव के पंडित बालकृष्ण शर्मा का कहना है कि शिवालय मंदिर रामशरण माजरा में स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का अपना ही एक विशेष महत्व है। उनका कहना है कि जो भी नव विवाहित जोड़ा इस मेले में आकर शिव मंदिर में आकर सच्चे मन से पुत्र प्राप्ति के लिए मन्नत मांगता हैं उसे पुत्ररत्न की प्राप्ति अवश्य होती हैं।
महाशिवरात्रि के मेले के उपलक्ष्य में दो दिवसीय दंगल का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसका संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता हैं,जिसमें पहलवानों को ग्राम पंचायत की और से इनाम देकर सम्मानित किया जाता है। मेले के दूसरे दिन अमावस्या के उपलक्ष्य में शिव मानस मंदिर प्रबंधक कमेटी द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा हैं, जिसमें मेले में आने वाले भगवान शिव के श्रद्धालु भोजन ग्रहण करते हैं।
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लाइनों में लगे श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए पंचामृत युक्त गंगाजल सेवादल की ओर से उपलब्ध कराया गया। सेवादल के सदस्य बड़े टबों से लोटे में गंगाजल भर का श्रद्धालुओं को थमाते रहे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए गुड़ की भेली, प्रसाद और फूल भी लाइनों में उपलब्ध कराया गया। पूजन के लिए अर्पित की जाने वाली सामग्री को लेकर श्रद्धालुओं को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ा। दो एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बाहर से ही श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर का पूरा नजारा दिखता रहा।
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मंदिर के सचिव महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और महाशिवरात्रि दोनों दिन जलाभिषेक का महत्व है। उन्होंने बताया कि इस बार 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर ऐसा बेहद दुर्लभ संयोग बना। 12 शुभ योग और चार राजयोग एक साथ रहे। ऐसे में शिव पूजा से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि शिवपुराण में वर्णन मिलता है कि जब ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ। तब भगवान शिव अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और दोनों का अहंकार शांत किया। ये दिव्य लीला भी महाशिवरात्रि की है।
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महाशिवरात्रि के अवसर पर जलबेहड़ा में लगाया भंडारा
इस्माईलाबाद। महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में गांव जलबेहड़ा में ग्राम वासियों ने आपसी सहयोग से भंडारे का आयोजन किया। भंडारे में मुख्य रूप से भाजपा नेता जयभगवान शर्मा (डीडी) ने शिरकत कर भंडारे का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की सच्चे मन से भक्ति करने से सभी कामनाएं पूरी होती है।
इस अवसर पर ग्रामवासी बलदेव शर्मा ने कहा कि इस भंडारे का आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग किया गया है। सर्व प्रथम श्री मारकंडेश्वर मंदिर में माथा टेक कर लंगर शुरू किया गया है।
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हर-हर महादेव से गूंजी मारकंडेय नगरी
शाहाबाद। महाशिवरात्रि पर क्षेत्र के प्राचीन ऋषि मारकंडेश्वर महादेव शिव मंदिर में आस्था सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा शहर शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्ति का आलम यह था कि मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो सायं तक तक भी कम नहीं हुईं।
मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान साक्षात स्वरूप शिवलिंग की पूजा-अर्चना पंडित महावीर प्रसाद, सुनील सेमवाल, गिरीश प्रसाद और मनोज शर्मा के सानिध्य में पूरे शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। श्री मारकंडेश्वर महादेव शिव मंदिर सभा के प्रधान जगमोहन मनचंदा, उप-प्रधान संजीव भसीन, सचिव राजीव शर्मा और कोषाध्यक्ष राजकुमार सलूजा ने स्वयं उपस्थित रहकर हर श्रद्धालुओं और कावड़ियों का स्वागत किया।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे श्री शिव शक्ति कावड़ संघ सहित बढ़ी तादाद में कावड़ियों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। प्रधान एडवोकेट जगमोहन मनचंदा ने बताया कि श्रद्धालुओं और कावड़ियों की सुविधा के लिए शिव मंदिर सभा के साथ-साथ शहर की कई संस्थाओं ने योगदान दिया। जय भोलेनाथ मंडल, डेली क्रिकेट क्लब और ऋषि मारकंडेश्वर इंजीनियरिंग कंसल्टेंट ने भंडारे का आयोजन किया। एडवोकेट नीरज गुप्ता, मोहित सेठी और अमन भरेजा ने अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं को संभाला।
प्राचीन मंदिर रामशरण माजरा में भक्तों ने जल चढ़ाकर किया पूजन
बाबैन। महाशिवरात्रि पावन पर्व के प्राचीन शिवालय मंदिर रामशरण माजरा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में आकर शिव मंदिर में पूजा की। शिवालय मंदिर में स्थित शिव लिंग पर शिव भक्तों ने जल चढ़ाकर शिव पूजन किया जिससे मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से दिनभर गूंजता रहा। मंदिर के पुजारी नरेश शर्मा व गांव के पंडित बालकृष्ण शर्मा का कहना है कि शिवालय मंदिर रामशरण माजरा में स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का अपना ही एक विशेष महत्व है। उनका कहना है कि जो भी नव विवाहित जोड़ा इस मेले में आकर शिव मंदिर में आकर सच्चे मन से पुत्र प्राप्ति के लिए मन्नत मांगता हैं उसे पुत्ररत्न की प्राप्ति अवश्य होती हैं।
महाशिवरात्रि के मेले के उपलक्ष्य में दो दिवसीय दंगल का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसका संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता हैं,जिसमें पहलवानों को ग्राम पंचायत की और से इनाम देकर सम्मानित किया जाता है। मेले के दूसरे दिन अमावस्या के उपलक्ष्य में शिव मानस मंदिर प्रबंधक कमेटी द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा हैं, जिसमें मेले में आने वाले भगवान शिव के श्रद्धालु भोजन ग्रहण करते हैं।