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सड़क पर उतरे ग्रामीण, एक घंटा लगाया जाम
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:47 AM IST
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बेकाबू खनन वाहनों के खिलाफ भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
- फोटो : Amar Ujala
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खनन सामग्री से भरे ओवर लोड वाहनों की गतिविधियों से तंग गांव मियांपुर व टपरियों के वासियों ने मंगलवार की सुबह नारायणगढ़ टोका रोड को गांव मियांपुर के पास अवरूद्ध कर अपना रोष जाहिर किया। लगभग एक घंटे तक लगे जाम के चलते सड़क पर ओवरलोड वाहनों की कतारें लग गई। ग्रामीणों का आरोप था कि मनमाने ढंग से हो रहे खनन व ओवरलोड वाहनों बारे वे प्रशासन को कई बार अवगत करवा चुके हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस बारे में गंभीर नहीं है।
मंगलवार की सुबह क्षेत्र के गांव मियांपुर व टपरियों निवासी कर्मचंद, राम करण, मनीष, जरनैल, अमरीक सिंह, रूलदा राम, राम सिंह, राकेश कुमार, गुरमीत सिंह, राम स्वरूप, सुखबीर सिंह, प्रेम सिंह, मंगत राम आदि का कहना था कि इस क्षेत्र में दर्जनों स्क्रीनिंग प्लांट लगे हुए हैं इन प्लांटों से प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन सड़कों पर सभी नियम व कायदों को ताक पर रखकर बेतहाशा दौड़ाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि इन ओवरलोड वाहनों के कारण ग्रामीणों का सड़क पर चलना जहां दूभर हो गया हैं वहीं सड़क की हालत भी खस्ता हो चली हैं। दिन ढलते ही स्थिति और भी भयावह हो जाती हैं। कई बार वाहनों से जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं।
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रात के समय ओवर लोड वाहनों की लंबी कतारों के चलते जाम जैसी स्थिति बन जाती हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि मियांपुर के पास गलत रायल्टी नाका लगाया गया हैं व रूण नदी पर बने पूल के नजदीक से भी खनन किया जा रहा हैं जिससे भविष्य में पूल को भी नुकसान होने का अंदेशा हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव के बीचों से गुजरते वाहनों से उठने वाली धूल मिट्टी व धुएं के कारण जीना मुहाल हो गया हैं।
स्कूल, कॉलेज जाने वाले बच्चों को अपनी जान हथेली में रखकर सड़कों पर उतरना पड़ता हैं। ग्रामीणों को आरोप था कि ओवरलोड वाहन जहां सड़क को नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं यातायात के नियमों को भी सरासर उल्लघंन किया जा रहा हैं। ग्रामीणों की मांग की खस्ता हाल सड़क पर बने बड़े बड़े गड्डों को तुरंत भरा जाए।
उधर जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे रायल्टी कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क पर बने गड्डों में ग्रेवल भरकर उन्हें ठीक कर दिया जाएगा। वहीं अधिकारी सुरेश कुमार व ईश्वर चंद का कहना था कि कंपनी के पास सरकारी अनुमति हैं और नियमों के तहत ही खनन किया जा रहा हैं।
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मंगलवार की सुबह क्षेत्र के गांव मियांपुर व टपरियों निवासी कर्मचंद, राम करण, मनीष, जरनैल, अमरीक सिंह, रूलदा राम, राम सिंह, राकेश कुमार, गुरमीत सिंह, राम स्वरूप, सुखबीर सिंह, प्रेम सिंह, मंगत राम आदि का कहना था कि इस क्षेत्र में दर्जनों स्क्रीनिंग प्लांट लगे हुए हैं इन प्लांटों से प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन सड़कों पर सभी नियम व कायदों को ताक पर रखकर बेतहाशा दौड़ाए जा रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना था कि इन ओवरलोड वाहनों के कारण ग्रामीणों का सड़क पर चलना जहां दूभर हो गया हैं वहीं सड़क की हालत भी खस्ता हो चली हैं। दिन ढलते ही स्थिति और भी भयावह हो जाती हैं। कई बार वाहनों से जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं।
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रात के समय ओवर लोड वाहनों की लंबी कतारों के चलते जाम जैसी स्थिति बन जाती हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि मियांपुर के पास गलत रायल्टी नाका लगाया गया हैं व रूण नदी पर बने पूल के नजदीक से भी खनन किया जा रहा हैं जिससे भविष्य में पूल को भी नुकसान होने का अंदेशा हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव के बीचों से गुजरते वाहनों से उठने वाली धूल मिट्टी व धुएं के कारण जीना मुहाल हो गया हैं।
स्कूल, कॉलेज जाने वाले बच्चों को अपनी जान हथेली में रखकर सड़कों पर उतरना पड़ता हैं। ग्रामीणों को आरोप था कि ओवरलोड वाहन जहां सड़क को नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं यातायात के नियमों को भी सरासर उल्लघंन किया जा रहा हैं। ग्रामीणों की मांग की खस्ता हाल सड़क पर बने बड़े बड़े गड्डों को तुरंत भरा जाए।
उधर जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे रायल्टी कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क पर बने गड्डों में ग्रेवल भरकर उन्हें ठीक कर दिया जाएगा। वहीं अधिकारी सुरेश कुमार व ईश्वर चंद का कहना था कि कंपनी के पास सरकारी अनुमति हैं और नियमों के तहत ही खनन किया जा रहा हैं।