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मकान मालिक अगर किराया मांगेगा तो जाएगा जेल, आदेश जारी
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लॉकडाउन के बीच जिला प्रशासन ने एक जरूरी आदेश जारी किया है। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आदेश के मुताबिक मकान मालिक किरायेदार को किराए के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने मकान मालिकों से कहा है कि वे लॉकडाउन के दौरान एक महीने का किराया न मांगें। अगर कोई मकान मालिक किसी भी किराएदार से किराया लेते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की बैठक लेते हुए अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जिले के प्रवासी मजदूर अपने-अपने गृह जिलों व राज्यों की तरफ पलायन कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इनके इस पलायन पर प्रतिबंध लगाने के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत प्रवासी मजदूरों के ठहरने, खाने, पीने और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं को प्रदान करने के लिए पूरे जिला में कई शेल्टर होम स्थापित किए गए हैं। इसके साथ-साथ ऐसे मजदूर जो किराए पर रह रहे हैं, उनको भी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं। आदेशों में मकान मालिक लॉकडाउन की अवधि में किरायेदारों से किराया नहीं वसूलेगा और न ही उनसे अपना मकान खाली करवाएगा। अगर किसी मकान मालिक ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर कोई मकान मालिक किराया वसूल करता है तो प्रवासी मजदूर उसके खिलाफ जिला प्रशासन को शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा जारी किए हेल्पलाईन नंबर, संबंधित पुलिस स्टेशन, संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। उन्होंने जिले के सभी बीडीपीओ, सरपंचों व ग्राम सचिवों को निर्देश देते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि जिन मकान मालिकों ने अपने घर प्रवासी मजदूरों को किराए पर दिए हुए हैं, उन मजदूरों से लॉकडाउन की अवधि के दौरान किराया वसूली न कि जाए।
किराये के चक्कर में हो रहा था पलायन
बता दें कि कुरुक्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक, छात्र और अन्य लोग किराए के मकान में रह रहे हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर इन सबके सामने खाने-पीने व रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया था, ऐसे में इनके पास पलायन करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था।
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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो होगी कानूनी कार्रवाई
अपुष्ट सूचनाओं से आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा ना हो, इस लिहाज से सरकारी एजेंसियां भी इस बात पर कड़ी निगरानी रख रही हैं कि गलत अथवा आधारहीन सूचनाओं का प्रेषण न हो। कड़ी निगरानी रखने के लिए प्रदेश के सूचना व जनसंपर्क विभाग के निदेशक पीसी मीणा ने राज्यस्तरीय व जिला स्तरीय टीमों का व्यापक गठन किया है जो फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, वेब पोर्टलस, न्यूज चैनल, अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेंगे। इस संदर्भ में राज्य में हरियाणा पुलिस की साइबर सेल इस इस बात पर पहले से नजर रख रही है। आम जन को भी सोशल मीडिया अथवा अन्य कहीं से मिली कोई सूचना भ्रामक अथवा तथ्यों से परे लगती है तो वह इसकी सूचना पुलिस व स्थानीय प्रशासन को दे। सोशल मीडिया पर अफवाह या बिना पुष्टि किये गलत पोस्ट करने या फारवर्ड करने वालों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ साथ आईटी एक्ट व एपिडेमिक एक्ट में मामला दर्ज होगा।
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अधिकारियों की बैठक लेते हुए अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जिले के प्रवासी मजदूर अपने-अपने गृह जिलों व राज्यों की तरफ पलायन कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इनके इस पलायन पर प्रतिबंध लगाने के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत प्रवासी मजदूरों के ठहरने, खाने, पीने और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं को प्रदान करने के लिए पूरे जिला में कई शेल्टर होम स्थापित किए गए हैं। इसके साथ-साथ ऐसे मजदूर जो किराए पर रह रहे हैं, उनको भी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं। आदेशों में मकान मालिक लॉकडाउन की अवधि में किरायेदारों से किराया नहीं वसूलेगा और न ही उनसे अपना मकान खाली करवाएगा। अगर किसी मकान मालिक ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर कोई मकान मालिक किराया वसूल करता है तो प्रवासी मजदूर उसके खिलाफ जिला प्रशासन को शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा जारी किए हेल्पलाईन नंबर, संबंधित पुलिस स्टेशन, संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। उन्होंने जिले के सभी बीडीपीओ, सरपंचों व ग्राम सचिवों को निर्देश देते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि जिन मकान मालिकों ने अपने घर प्रवासी मजदूरों को किराए पर दिए हुए हैं, उन मजदूरों से लॉकडाउन की अवधि के दौरान किराया वसूली न कि जाए।
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किराये के चक्कर में हो रहा था पलायन
बता दें कि कुरुक्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक, छात्र और अन्य लोग किराए के मकान में रह रहे हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए किए गए लॉकडाउन के मद्देनजर इन सबके सामने खाने-पीने व रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया था, ऐसे में इनके पास पलायन करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था।
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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो होगी कानूनी कार्रवाई
अपुष्ट सूचनाओं से आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा ना हो, इस लिहाज से सरकारी एजेंसियां भी इस बात पर कड़ी निगरानी रख रही हैं कि गलत अथवा आधारहीन सूचनाओं का प्रेषण न हो। कड़ी निगरानी रखने के लिए प्रदेश के सूचना व जनसंपर्क विभाग के निदेशक पीसी मीणा ने राज्यस्तरीय व जिला स्तरीय टीमों का व्यापक गठन किया है जो फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, वेब पोर्टलस, न्यूज चैनल, अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेंगे। इस संदर्भ में राज्य में हरियाणा पुलिस की साइबर सेल इस इस बात पर पहले से नजर रख रही है। आम जन को भी सोशल मीडिया अथवा अन्य कहीं से मिली कोई सूचना भ्रामक अथवा तथ्यों से परे लगती है तो वह इसकी सूचना पुलिस व स्थानीय प्रशासन को दे। सोशल मीडिया पर अफवाह या बिना पुष्टि किये गलत पोस्ट करने या फारवर्ड करने वालों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ साथ आईटी एक्ट व एपिडेमिक एक्ट में मामला दर्ज होगा।