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Kurukshetra News: पितरों के पूजन के लिए सरस्वती तीर्थ पर आज जुटेंगे लाखों श्रद्धालु

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2023 01:35 AM IST
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Lakhs of devotees will gather at Saraswati pilgrimage today for the worship of ancestors
कुरुक्षेत्र। रविवार से पितृ मुक्ति का तीन दिवसीय पर्व चैत्र चौदस मेला शुरू होगा। 21 मार्च तक चलने वाले इस मेले में देश के कोने-कोने से पांच लाख से अधिक श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए पूजा अर्चना करने के लिए सरस्वती तीर्थ पर जुटेंगे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा का व्यापक इंतजाम किया है।
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मेले काे आठ सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। मेले की पूर्व संध्या पर घोड़ा गश्त दल ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं एंटी सेबोटेज टीम ने भी मेला क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। सुरक्षा के लिए तीन पुलिस उप-अधीक्षक की अगुवाई में पुलिस व होमगार्ड के 700 जवानों को तैनात किया है। डीएसपी जय सिंह ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवानों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
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जिलाधीश शांतनु शर्मा ने इस संबंध में आदेश दिए कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे मेला क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ सेक्टर सुपरवाइजर भी लगाए गए हैं। यह सफाई, बिजली, टेंट तथा हर प्रकार की व्यवस्था के बारे में ड्यूटी मजिस्ट्रेट को सूचित करेंगे। मेला ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने मोबाइल 24 घंटे ऑन रखेंगे।
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सरस्वती तीर्थ पर पिंडदान से अक्षय मोक्ष की प्राप्ति
मान्यता है कि सरस्वती तीर्थ पर पिंडदान करने से पितरों को अक्षय मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों के अनुसार युधिष्ठिर ने महाभारत के युद्ध में मारे गए अपने सगे संबंधियों का पिंडदान सरस्वती तीर्थ पर कराया था। भगवान श्रीकृष्ण, गुरु नानक देव व गुरु गोबिंद सिंह भी यहां पधारे। महाराजा रणजीत सिंह ने तीर्थ पर अपने माता का पिंडदान कराया था।




400 साल पुराना रिकॉर्ड दर्ज
पिहोवा के तीर्थ पुरोहितों के पास 300 से 400 वर्ष पुराना रिकॉर्ड बहियों में दर्ज हैं। तीर्थ पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं से पुरोहित उनके पिता, दादा, परदादा, पैतृक गांव के साथ उनकी जाति के बारे में पूछकर व्हाट्सएप के जरिए पुरोहितों के ग्रुप में डालते हैं। इस तस्दीक के बाद श्रद्धालुओं को वंशावली और पूर्वजों के हस्ताक्षर दिखाए जाते हैं।



श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए शेड की व्यवस्था
- श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला व अनाज मंडी शेड के नीचे व्यवस्था बनाई गई।
- भोजन की व्यवस्था के लिए विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं लगाएगी भंडारा।
- मेला क्षेत्र में आठ अस्थाई शौचालय लगाए गए।
- 1े20 सफाई कर्मियों पर मेला क्षेत्र में सफाई की जिम्मेदारी रहेगी।
- आगजनी से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में चार दमकल गाड़ियों की तैनाती की गई।
- किसी भी आपातकालीन घटना से निपटने के लिए 10 एंबुलेंस को तैनात किया गया।
- सरस्वती तीर्थ पर 10 बेड का अस्थाई अस्पताल बनाया गया। साथ ही 10 स्वास्थ्य टीमें लगाई गई।
- शहर में 10 जगहों पर पार्किंग स्थल बनाए गए।
- शहर में विभिन्न जगहों पर 24 पुलिस नाके लगाए गए।
- मेले के दौरान भी चलती रहेगी फॉगिंग।
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