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Kurukshetra News: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर लाखों ठगे
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कुरुक्षेत्र। साइबर ठग ने युवती को ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर 9.88 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोपियों ने युवती की आईडी पर बैंक से 9.91 लाख रुपये का लोन भी करा लिया। इसके अलावा एक युवक से 6.17 लाख रुपये भी हड़प लिए गए।
थाना साइबर में दर्ज शिकायत में खेड़ी ब्राह्मणा निवासी युवती ने बताया कि उसके पास गत सप्ताह चार नवंबर को अनजान नंबर से कॉल आई थी। बातचीत करने वाले से उसे बताया कि उसकी आईडी पर मुंबई से ईरान कूरियर जा रहा था। इस कूरियर से ड्रग बरामद हुई है। उसे जांच के लिए मुंबई आना पड़ेगा। उसने कोई भी कूरियर भेजने से मना कर दिया, मगर आरोपी ने उसकी बात को नकारते हुए उसकी कॉल को मुंबई साइबर ब्रांच को ट्रांसफर कर दी। कॉल ट्रांसफर होने के बाद आरोपी ने उसके मोबाइल पर स्काइएप इंस्टॉल कराकर वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।
आरोपी ने उसे बताया कि ड्रग के अलावा उसकी आईडी पर तीन अलग-अलग बैंक अकाउंट भी खोले गए हैं। इन अकाउंट में करीब 9.91 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। इस पर उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी बनेगा। मामले से बचने के लिए उसे आरबीआई के अकाउंट में मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी रकम वापस करनी होगी। आरोपी ने वीडियो कॉल पर ही उसके नेट बैंकिंग शुरू करवाकर उसके अकाउंट से रुपये क्रेडिट करवा लिए। उसके बाद उसके एक बैंक के दो अकाउंट से दो-दो लाख और 98 हजार और दूसरे बैंक अकाउंट से 4.90 लाख रुपये समेत कुल 9.88 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी ने कुछ दिन बाद पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भेजने का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद उसने अपना अकाउंट जांचा तो उसके नाम पर करीब 9.91 लाख रुपये का लोन कराया गया था।
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उधर, तरसेम कुमार निवासी हरिगढ़ भौरख ने बताया कि उसको 30 अक्तूबर को एडमिन ने टेलीग्राम पर ग्रुप में जोड़ा था। आरोपी ने उसे एक वीडियो को लाइक करने के बाद उसका स्क्रीनशॉट मांगा था। उसने वीडियो लाइक करके स्क्रीन शॉट भेज दिया, जिस पर उसे एक लिंक भेज दिया। इस लिंक को खोलने पर उसे 269 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद आरोपी ने उसे 20 टास्क दिए, जिनके पूरा होने पर उसे 600 रुपये भेजे गए। बाद में आरोपी ने उसे रुपये लगाकर 30 फीसदी मुनाफा कमाने का आश्वासन दिया। आरोपी ने उसे दूसरे ग्रुप के साथ जोड़कर एक हजार रुपये से उसकी शुरुआत करा दी। उसे स्क्रीन पर 30 फीसदी का मुनाफा दिखा तो आरोपी ने उससे दो हजार और अगली बार तीन हजार रुपये ट्रांसफर कराए। इस तरह आरोपी ने उसके साथ लेनदेन करते हुए टास्क पूरा कराने के नाम पर 6.17 लाख रुपये ट्रांसफर करवा गया। शिकायत पर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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थाना साइबर में दर्ज शिकायत में खेड़ी ब्राह्मणा निवासी युवती ने बताया कि उसके पास गत सप्ताह चार नवंबर को अनजान नंबर से कॉल आई थी। बातचीत करने वाले से उसे बताया कि उसकी आईडी पर मुंबई से ईरान कूरियर जा रहा था। इस कूरियर से ड्रग बरामद हुई है। उसे जांच के लिए मुंबई आना पड़ेगा। उसने कोई भी कूरियर भेजने से मना कर दिया, मगर आरोपी ने उसकी बात को नकारते हुए उसकी कॉल को मुंबई साइबर ब्रांच को ट्रांसफर कर दी। कॉल ट्रांसफर होने के बाद आरोपी ने उसके मोबाइल पर स्काइएप इंस्टॉल कराकर वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।
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आरोपी ने उसे बताया कि ड्रग के अलावा उसकी आईडी पर तीन अलग-अलग बैंक अकाउंट भी खोले गए हैं। इन अकाउंट में करीब 9.91 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। इस पर उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी बनेगा। मामले से बचने के लिए उसे आरबीआई के अकाउंट में मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी रकम वापस करनी होगी। आरोपी ने वीडियो कॉल पर ही उसके नेट बैंकिंग शुरू करवाकर उसके अकाउंट से रुपये क्रेडिट करवा लिए। उसके बाद उसके एक बैंक के दो अकाउंट से दो-दो लाख और 98 हजार और दूसरे बैंक अकाउंट से 4.90 लाख रुपये समेत कुल 9.88 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी ने कुछ दिन बाद पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भेजने का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद उसने अपना अकाउंट जांचा तो उसके नाम पर करीब 9.91 लाख रुपये का लोन कराया गया था।
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उधर, तरसेम कुमार निवासी हरिगढ़ भौरख ने बताया कि उसको 30 अक्तूबर को एडमिन ने टेलीग्राम पर ग्रुप में जोड़ा था। आरोपी ने उसे एक वीडियो को लाइक करने के बाद उसका स्क्रीनशॉट मांगा था। उसने वीडियो लाइक करके स्क्रीन शॉट भेज दिया, जिस पर उसे एक लिंक भेज दिया। इस लिंक को खोलने पर उसे 269 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद आरोपी ने उसे 20 टास्क दिए, जिनके पूरा होने पर उसे 600 रुपये भेजे गए। बाद में आरोपी ने उसे रुपये लगाकर 30 फीसदी मुनाफा कमाने का आश्वासन दिया। आरोपी ने उसे दूसरे ग्रुप के साथ जोड़कर एक हजार रुपये से उसकी शुरुआत करा दी। उसे स्क्रीन पर 30 फीसदी का मुनाफा दिखा तो आरोपी ने उससे दो हजार और अगली बार तीन हजार रुपये ट्रांसफर कराए। इस तरह आरोपी ने उसके साथ लेनदेन करते हुए टास्क पूरा कराने के नाम पर 6.17 लाख रुपये ट्रांसफर करवा गया। शिकायत पर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी।