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Kurukshetra News: कैशलेस सुविधाओं के लिए कुवि शिक्षक संघ मुखर, प्रदेश सरकार को भेजा मांग पत्र
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) ने कर्मचारियों के लिए कैशलेस सुविधाओं के लिए प्रदेश सरकार को मांग पत्र भेजा है और मिलने का समय भी मांगा है। मांग पत्र में उल्लेख है कि कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी शामिल किया जाए ताकि कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिल सके।
कुटा प्रधान प्रो. दलीप कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू की है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सेवा नियम भी प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के समान हैं, हालांकि वे हाल ही में सरकार द्वारा शुरू किए गए सीसीएचएफ के अंतर्गत नहीं आते हैं। लेकिन प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी सीसीएचएफ में शामिल किया जाए ताकि उन्हें भी चिकित्सा सुविधाएं मिल सके।
इसी के साथ सेवानिवृत शिक्षकों की आयु 65 वर्ष और कुवि को केंद्रीय विवि बनाने की मांग भी संघ ने उठाई है। प्रो. दलीप का कहना है कि सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षण संकाय के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है। सरकार की ओर से कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कुछ शर्तों के साथ 65 वर्ष तक की पुन: नियुक्ति की अनुमति दी गई है। यूजीसी ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की है, जो कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लागू है।
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प्रो. दलीप का कहना है कि ज्यादातर राज्यों ने पहले ही राज्य सरकार के विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्य शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ा चुके हैं। उन्होंने कवि के शिक्षकों की सेवानिवृति आयु बढ़ाने की मांग की है। कुवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा की मांग भी की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य मंत्री सुभाष सुधा से मिलेंगे और उनसे विभिन्न मांगों को पूरा करने पर चर्चा करेंगे।
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कुटा प्रधान प्रो. दलीप कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू की है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सेवा नियम भी प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के समान हैं, हालांकि वे हाल ही में सरकार द्वारा शुरू किए गए सीसीएचएफ के अंतर्गत नहीं आते हैं। लेकिन प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी सीसीएचएफ में शामिल किया जाए ताकि उन्हें भी चिकित्सा सुविधाएं मिल सके।
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इसी के साथ सेवानिवृत शिक्षकों की आयु 65 वर्ष और कुवि को केंद्रीय विवि बनाने की मांग भी संघ ने उठाई है। प्रो. दलीप का कहना है कि सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षण संकाय के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है। सरकार की ओर से कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कुछ शर्तों के साथ 65 वर्ष तक की पुन: नियुक्ति की अनुमति दी गई है। यूजीसी ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की है, जो कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लागू है।
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प्रो. दलीप का कहना है कि ज्यादातर राज्यों ने पहले ही राज्य सरकार के विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्य शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ा चुके हैं। उन्होंने कवि के शिक्षकों की सेवानिवृति आयु बढ़ाने की मांग की है। कुवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा की मांग भी की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य मंत्री सुभाष सुधा से मिलेंगे और उनसे विभिन्न मांगों को पूरा करने पर चर्चा करेंगे।