{"_id":"66342d22d77cfc4fba01269a","slug":"kuvi-established-new-dimensions-in-the-field-of-art-and-culture-prof-sachdeva-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-117614-2024-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुवि ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में स्थापित किए नए आयाम : प्रो. सचदेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुवि ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में स्थापित किए नए आयाम : प्रो. सचदेवा
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुवि के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित चार दिवसीय कला उत्सव कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा रहे। उन्होंने कहा कि कुवि ने कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। कला का व्यावहारिक एवं कौशलात्मक ज्ञान आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों की मूल्यपरक शिक्षा सहित अकादमिक, शोध, खेल एवं सांस्कृतिक विकास सहित रोजगारपरक शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया है। कार्यशाला में कला उत्सव 2024 कैटलॉग का भी विमोचन किया गया।
कुलपति ने कहा कि कुवि ने 37वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में राजकीय विश्वविद्यालयों में प्रथम व ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त कर विवि को गौरवान्वित किया था, जिसमें ललित कला विभाग की भी अहम भूमिका रही। कुवि परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की मूर्ति को निर्मित करने वाली ललित कला विभाग की पूरी टीम की सराहना की।
निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन में विवि कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में बहुआयामी सफलता प्राप्त कर रहा है। विद्यार्थियों के बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक विकास के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उपनिदेशक डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि युवा कलाकार विद्यार्थियों को कला की बारीकियां सिखाकर उन्हें कला के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।
विज्ञापन
रिसोर्स पर्सन कुवि के पूर्व छात्र व हिमाचल प्रदेश विवि के डीन एवं ललित कला विभाग के अध्यक्ष प्रो. हिम चटर्जी ने कहा कि कुवि कला उत्सव कार्यशाला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है तथा यह युवा कलाकार विद्यार्थियों में कौशलात्मक विकास के लिए वरदान साबित होगी। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. राम विरंजन, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. कृष्णा देवी, डॉ. हरविंद्र सिंह, डॉ. पवन कुमार सहित अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद मूर्ति निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को मिला सम्मान
कला उत्सव 2024 कार्यक्रम के दौरान कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ द्वारा कुवि परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की मूर्ति निर्माण में विशेष योगदान के लिए ललित कला विभाग के प्रो. रामविरंजन, डॉ. पवन कुमार, डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. राकेश बाणी, कुलदीप सिंह, अनिल सिंधू, संजीव, साहिल, अमित कुमार व गोल्डी को उनके द्वारा की गई कारीगरी को लेकर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
कुलपति ने कहा कि कुवि ने 37वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में राजकीय विश्वविद्यालयों में प्रथम व ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त कर विवि को गौरवान्वित किया था, जिसमें ललित कला विभाग की भी अहम भूमिका रही। कुवि परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की मूर्ति को निर्मित करने वाली ललित कला विभाग की पूरी टीम की सराहना की।
विज्ञापन
निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन में विवि कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में बहुआयामी सफलता प्राप्त कर रहा है। विद्यार्थियों के बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक विकास के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उपनिदेशक डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कि युवा कलाकार विद्यार्थियों को कला की बारीकियां सिखाकर उन्हें कला के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।
विज्ञापन
रिसोर्स पर्सन कुवि के पूर्व छात्र व हिमाचल प्रदेश विवि के डीन एवं ललित कला विभाग के अध्यक्ष प्रो. हिम चटर्जी ने कहा कि कुवि कला उत्सव कार्यशाला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है तथा यह युवा कलाकार विद्यार्थियों में कौशलात्मक विकास के लिए वरदान साबित होगी। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. राम विरंजन, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. कृष्णा देवी, डॉ. हरविंद्र सिंह, डॉ. पवन कुमार सहित अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद मूर्ति निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को मिला सम्मान
कला उत्सव 2024 कार्यक्रम के दौरान कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ द्वारा कुवि परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की मूर्ति निर्माण में विशेष योगदान के लिए ललित कला विभाग के प्रो. रामविरंजन, डॉ. पवन कुमार, डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. राकेश बाणी, कुलदीप सिंह, अनिल सिंधू, संजीव, साहिल, अमित कुमार व गोल्डी को उनके द्वारा की गई कारीगरी को लेकर सम्मानित किया गया।