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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने गुरुकुल टीम को 1-0 से दी शिकस्त
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय खेल हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को द्रोणाचार्य खेल स्टेडियम में जश्न का माहौल देखने को मिला। कुरुक्षेत्र हॉकी एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस समारोह में खिलाड़ियों ने मैचों के साथ उत्साह और देशभक्ति का संगम पेश किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने हॉकी के मुकाबले में गुरुकुल टीम को 1-0 से शिकस्त दी।
कार्यक्रम में जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य एवं समाजसेवी विनोद गर्ग बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस दौरान लड़कों और लड़कियों के बीच अलग-अलग मुकाबले खेले गए। लड़कों के मैच में साईं की टीम ने द्रोणाचार्य स्टेडियम की टीम को 2-0 से हराया, जबकि लड़कियों के मैच में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने गुरुकुल टीम को 1-0 से मात दी। मैचों के बाद खिलाड़ियों ने हॉकी इंडिया की जय हो, भारतीय हॉकी की जय हो के नारे लगाकर जश्न मनाया।
विनोद गर्ग ने कहा कि हॉकी भारत की शान है, जिसने देश को विश्व पटल पर विशेष पहचान दिलाई। वर्ष 1925 से शुरू हुई हॉकी की यह गौरवमयी यात्रा 100 वर्षों में कई ओलंपिक गोल्ड, वर्ल्ड कप और अनगिनत मेडल अपने नाम कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद, बलबीर सिंह सीनियर, हरमनप्रीत सिंह, संदीप सिंह और रानी रामपाल जैसे खिलाड़ियों ने इस खेल को गर्व और सम्मान का प्रतीक बनाया है। हमें इस विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। गर्व, जुनून और टीम भावना ही हॉकी की असली जीत है।
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कुरुक्षेत्र हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास दीप संधू ने कहा कि खेल समाज की एकता का प्रतीक है। हॉकी का जुनून देश को जोड़ने का काम करता है। महासचिव गुरविंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन सौ वर्षों में भारत ने हॉकी में विश्वस्तर पर एक नई पहचान बनाई है। इस मौके पर जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार, संयुक्त सचिव सुनील मलिक, सेवानिवृत्त डीएसओ यशवीर सिंह, कोच सोहन लाल, नरेंद्र ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य एवं समाजसेवी विनोद गर्ग बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस दौरान लड़कों और लड़कियों के बीच अलग-अलग मुकाबले खेले गए। लड़कों के मैच में साईं की टीम ने द्रोणाचार्य स्टेडियम की टीम को 2-0 से हराया, जबकि लड़कियों के मैच में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने गुरुकुल टीम को 1-0 से मात दी। मैचों के बाद खिलाड़ियों ने हॉकी इंडिया की जय हो, भारतीय हॉकी की जय हो के नारे लगाकर जश्न मनाया।
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विनोद गर्ग ने कहा कि हॉकी भारत की शान है, जिसने देश को विश्व पटल पर विशेष पहचान दिलाई। वर्ष 1925 से शुरू हुई हॉकी की यह गौरवमयी यात्रा 100 वर्षों में कई ओलंपिक गोल्ड, वर्ल्ड कप और अनगिनत मेडल अपने नाम कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद, बलबीर सिंह सीनियर, हरमनप्रीत सिंह, संदीप सिंह और रानी रामपाल जैसे खिलाड़ियों ने इस खेल को गर्व और सम्मान का प्रतीक बनाया है। हमें इस विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। गर्व, जुनून और टीम भावना ही हॉकी की असली जीत है।
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कुरुक्षेत्र हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास दीप संधू ने कहा कि खेल समाज की एकता का प्रतीक है। हॉकी का जुनून देश को जोड़ने का काम करता है। महासचिव गुरविंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन सौ वर्षों में भारत ने हॉकी में विश्वस्तर पर एक नई पहचान बनाई है। इस मौके पर जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार, संयुक्त सचिव सुनील मलिक, सेवानिवृत्त डीएसओ यशवीर सिंह, कोच सोहन लाल, नरेंद्र ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।