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Kurukshetra News: शोध क्षेत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय बन रहा नई मिसाल, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ा रहा कदम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 01:42 AM IST
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Kurukshetra University is setting a new example in the field of research, moving towards self-reliant India
कुरुक्षेत्र। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) महज एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है। हाल ही में विश्वविद्यालय ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फंडिंग (एनआरएफ) के अंतर्गत केंद्र सरकार से 10 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त हुई है। यह फंड उस योजना का हिस्सा है, जिसमें देशभर के सात उच्चस्तरीय शोध संस्थानों को शामिल किया गया है। इसमें हरियाणा से एकमात्र कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को यह गौरव प्राप्त हुआ है।
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इसका प्रमाण है कि कुवि राष्ट्रीय स्तर पर शोध क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा अब तक कुल 63 पेटेंट फाइल किए जा चुके हैं, जिनमें से 34 ग्रांट हो चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों की प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि प्रदेश के लिए भी गौरव की बात है। कुवि केवल थ्योरी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोगात्मक और व्यावसायिक नवाचारों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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10 करोड़ की फंडिंग के तहत करीब साढ़े सात करोड़ की लागत से एक्स-रे फोटोइलेक्ट्रॉन स्पेक्ट्रोस्कोपी अत्याधुनिक उपकरण विश्वविद्यालय में लाया जाएगा, जोकि विदेशी तकनीक होगी। अभी इसकी रूपरेखा तय की जाएगी कि किस देश से इसे मंगवाया जाएगा। इसके लिए अलग प्रयोगशाला बनाई जाएगी, जिसमें विद्यार्थी प्रायोगिक कार्य कर सकेंगे। इससे बायोमास से ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और अत्याधुनिक भंडारण के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। ऐसे प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, जिससे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय आने वाले समय में भारत के अग्रणी अनुसंधान संस्थानों में अपनी जगह पक्की करेगा। अनुसंधान और विकास अधिकारी प्रो. संजीव अग्रवाल और प्रो. सुमन मेहंदिया इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी हैं।
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विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और स्टार्टअप कल्चर से जोड़ना उद्देश्य : प्रो. सचदेवा
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित रखना नहीं है बल्कि प्रैक्टिकल के माध्यम से उन्हें उद्यमी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदार बनने के लिए तैयार करना है। अनुसंधान का यह माहौल विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और स्टार्टअप कल्चर से जोड़ेगा, जो भविष्य में उन्हें नौकरी देने वाला बनाएगा।

कुरुक्षेत्र। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा।

कुरुक्षेत्र। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा।

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