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एक्सपायर अग्निशमन यंत्रों के भरोसे डीएसडब्ल्यू बिल्डिंग
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:18 AM IST
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डीएसडब्ल्यू बिल्डिंग में एक दर्जन से अधिक विभाग है, लेकिन इसकी सुरक्षा के लिए लगाए गए अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं। भवन में लगे 16 अग्निशमन यंत्र लगे हैं और सभी की तारीख निकल चुकी हैं। यदि ऐसे में बिल्डिंग में कोई हादसा हो जाए, तो उस पर काबू पाने के लिए इस समय कोई व्यवस्था नहीं है।
इस बिल्डिंग में केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर का भी कार्यालय है। इसके बाद ही प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। इन यंत्रों को एक्सपायर हुए दो माह से ऊपर हो चुके हैं। लेकिन, किसी को भी इन्हें सही करवाने की चिंता नहीं है।
ये विभाग हैं इमारत में
डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स, डीन फैकल्टी ऑफ साइंस, डीन फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस, को-ऑर्डिनेअर एफपीएआई क्लब, जनरल ब्रांच, डायरेक्टर पीआरओ, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, चीफ सिक्योरटी ऑफिस, इंटरनल ऑडिट, आईटी सेल, प्रॉक्टर रूम और बिजली कंट्रोल रूम।
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पहले भी किया था खुलासा
अमर उजाला ने इसी बिल्डिंग में वर्ष-2012 में एक्सपायर अग्निशमन यंत्रों की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद केयू प्रशासन हरकत में आया था और इन यंत्रों को रिफिल करवाया गया था। अब फिर इन यंत्रों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
हो चुके हैं कई हादसे
केयू में आग लगने के कई हादसे हो चुके हैं। फिर भी केयू प्रशासन इस बारे में सतर्क नहीं है। बता दें कि केयू के ऑडिटोरियम में पिछले दिनों आग लग गई थी। इससे पूरा ऑडिटोरियम जलकर राख हो गया था। इतना ही नहीं केयू के गेस्ट हॉऊस के कमरे में भी आग चुकी है।
केयू में अग्निशमन यंत्र एक्सपायर होने की कोई सूचना नहीं है। यदि वे एक्सपायर हो चुके हं,ै तो उन्हें जल्द ही बदल दिया जाएगा।
डॉ. प्रवीण सैनी, केयू कुलसचिव
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इस बिल्डिंग में केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर का भी कार्यालय है। इसके बाद ही प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। इन यंत्रों को एक्सपायर हुए दो माह से ऊपर हो चुके हैं। लेकिन, किसी को भी इन्हें सही करवाने की चिंता नहीं है।
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ये विभाग हैं इमारत में
डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स, डीन फैकल्टी ऑफ साइंस, डीन फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस, को-ऑर्डिनेअर एफपीएआई क्लब, जनरल ब्रांच, डायरेक्टर पीआरओ, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, चीफ सिक्योरटी ऑफिस, इंटरनल ऑडिट, आईटी सेल, प्रॉक्टर रूम और बिजली कंट्रोल रूम।
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पहले भी किया था खुलासा
अमर उजाला ने इसी बिल्डिंग में वर्ष-2012 में एक्सपायर अग्निशमन यंत्रों की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद केयू प्रशासन हरकत में आया था और इन यंत्रों को रिफिल करवाया गया था। अब फिर इन यंत्रों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
हो चुके हैं कई हादसे
केयू में आग लगने के कई हादसे हो चुके हैं। फिर भी केयू प्रशासन इस बारे में सतर्क नहीं है। बता दें कि केयू के ऑडिटोरियम में पिछले दिनों आग लग गई थी। इससे पूरा ऑडिटोरियम जलकर राख हो गया था। इतना ही नहीं केयू के गेस्ट हॉऊस के कमरे में भी आग चुकी है।
केयू में अग्निशमन यंत्र एक्सपायर होने की कोई सूचना नहीं है। यदि वे एक्सपायर हो चुके हं,ै तो उन्हें जल्द ही बदल दिया जाएगा।
डॉ. प्रवीण सैनी, केयू कुलसचिव