फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   King Bali remained firm on his resolve even in adverse circumstances: Shastri

विपरित परिस्थितियों में भी संकल्प पर अड़िग रहे राजा बलि : शास्त्री

Sat, 16 May 2026 03:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 16 May 2026 03:03 AM IST
विज्ञापन
King Bali remained firm on his resolve even in adverse circumstances: Shastri
कुरुक्षेत्र। सेक्टर-8 में कथा के दौरान मंच पर हाजिरी लगाते श्रद्धालु। स्वयं
कुरुक्षेत्र। सेक्टर-8 के गौरी शंकर मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भागवत प्रवक्ता कथावाचक अनिल शास्त्री ने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। उन्होंने भक्तों को बताया कि भगवान विष्णु ने सतयुग में अपना पांचवां अवतार वामन का लिया था। भगवान वामन ॠषि कश्यप तथा उनकी पत्नी अदिति के पुत्र थे।
विज्ञापन

शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा सुनने वाला मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है। भागवत कथा का ज्ञान मनुष्य को मिलते रहना चाहिए। इससे समाज सद्मार्ग के रास्ते पर चलता है। भागवत कथा के अनुसार राजा बलि ने इंद्र का देवलोक हड़प लिया था। इंद्र को देवलोक पर अधिकार दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया। भगवान वामन एक बौने ब्राह्मण के वेश में विरोचन के पुत्र तथा प्रह्लाद के पौत्र राजा बलि के पास गए। भगवान वामन ने बलि से अपने रहने के लिए तीन पग भूमि मांगी। असुरों के गुरू शुक्राचार्य ने बली को दान देने से रोका चेताया कि ये कोई साधारण ब्राह्मण नहीं। यह स्वयं भगवान विष्णु है, जो कि तुम्हें छलने आया है।
विज्ञापन

राजा बली को पता लगा कि भगवान स्वयं उसके द्वार पर आए हैं, उसने भगवान वामन को तीन पग भूमि देने का वचन दे दिया। इसके बाद भगवान वामन ने अपना विशाल स्वरूप धारण कर लिया। पहले पग में पूरा भूलोक (पृथ्वी) और दूसरे में देवलोक नाप लिया। तीसरे कदम के लिए कोई भूमि नहीं बची तो बली ने अपने वचन-धर्म पथ पर अड़िग रहकर तीसरे पग के लिए सिर सामने कर स्वयं समर्पित कर दिया। भगवान वामन बलि की वचनबद्धता से प्रसन्न हुए। उन्होंने उसे पाताल लोक देने का निश्चय किया। उन्होंने तीसरा पग बली के सिर पर रखा, जिससे वह पाताल लोक में पहुंच गए। इस प्रकार भगवान वामन ने देवताओं को उनका देवलोक वापस दिलाया और बलि के भय से मुक्ति प्रदान की। इस अवसर पर नरेश गर्ग, संरक्षक जयनारायण शर्मा, पूर्व प्रधान श्याम सुंदर तिवारी, सूरजभान कटारिया, अशोक गर्ग, सरोज सैनी, राकेश सैनी और मीनू गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed