{"_id":"624366b8f1b3c911f23f8a9b","slug":"journalists-wrote-the-truth-for-freedom-kurukshetra-kurukshetra-news-knl1033090118","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्रकारों ने आजादी के लिए सच लिखा : प्रो. सचदेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्रकारों ने आजादी के लिए सच लिखा : प्रो. सचदेवा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्रकारों ने आजादी के लिए सच लिखा : प्रो. सचदेवा
केयू के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में संगोष्ठी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सच्चाई को लोगों को तक पहुंचाने वाले वर्तमान काल के पत्रकार वास्तविक स्वतंत्रता सेनानी हैं। पत्रकारों ने भारतीय स्वाधीनता संघर्ष में अपने देश की आजादी के लिए सच्चाई के साथ लिखा। यह कहना है कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का। वे जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान एवं हरियाणा ग्रंथ अकादमी पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
श्रीमद्भगवद गीता सदन के सीनेट हॉल में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय पत्रकारिता-ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य एवं वर्तमानकालिक संदर्भ था। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली वरिष्ठ अधिष्ठता प्रो. गोविंद सिंह ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने वर्तमान स्थिति तक पहुंचने के लिए बहुत ही ज्यादा पड़ाव देखे है, जिनसे भावी पत्रकारों को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
एक समाचार पत्र के सहायक संपादक अरुण नैथानी ने कहा कि क्षेत्रीय पत्रकारिता स्थानीय समाज की अभिव्यक्ति का प्रतिबिंब है, जो सामूहिक संवाद को नई दिशा देता है। क्षेत्रीय पत्रकारिता से ही समाज को सशक्त रूप से समझा जा सकता है। संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में हिमाचल प्रदेश विवि के प्रो. विकास डोगरा ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय पत्रकारिता एक मिशन के रूप में की जाती थी। वर्तमान समय में पत्रकारिता पर सोशल मीडिया पूर्ण रूप से हावी हो चला है।
विज्ञापन
कम्युनिकेशन मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी हिसार के चेयरमैन प्रो. एन सुशील कुमार ने कहा कि मीडिया में आ रहे तकनीकी बदलाव को समझ कर उसके अनुरूप खुद को डालना होगा। संस्थान की निदेशक प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसके संबंध में जानना, समझना और उसे पत्रकारों एवं भावी पत्रकारों के लिए अहम है।
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार विनोद जिंदल, सौरभ चौधरी, जिला सूचना जन संपर्क अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने भी विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार, डॉ. रोमा सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. दीपक राय, डॉ. मधुदीप सिंह, डॉ. आबिद अली, डॉ. अभिनव, डॉ. रोशन मस्ताना, सुनीता, रितु, गौरव, सचिन वर्मा, कंचन शर्मा, अर्पणा शर्मा, राहुल अरोड़ा, मोनिका, डॉ. अजय कुमार, डॉ. जोगिंद्र शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
केयू के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में संगोष्ठी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सच्चाई को लोगों को तक पहुंचाने वाले वर्तमान काल के पत्रकार वास्तविक स्वतंत्रता सेनानी हैं। पत्रकारों ने भारतीय स्वाधीनता संघर्ष में अपने देश की आजादी के लिए सच्चाई के साथ लिखा। यह कहना है कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का। वे जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान एवं हरियाणा ग्रंथ अकादमी पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
श्रीमद्भगवद गीता सदन के सीनेट हॉल में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय पत्रकारिता-ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य एवं वर्तमानकालिक संदर्भ था। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली वरिष्ठ अधिष्ठता प्रो. गोविंद सिंह ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने वर्तमान स्थिति तक पहुंचने के लिए बहुत ही ज्यादा पड़ाव देखे है, जिनसे भावी पत्रकारों को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
विज्ञापन
एक समाचार पत्र के सहायक संपादक अरुण नैथानी ने कहा कि क्षेत्रीय पत्रकारिता स्थानीय समाज की अभिव्यक्ति का प्रतिबिंब है, जो सामूहिक संवाद को नई दिशा देता है। क्षेत्रीय पत्रकारिता से ही समाज को सशक्त रूप से समझा जा सकता है। संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में हिमाचल प्रदेश विवि के प्रो. विकास डोगरा ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय पत्रकारिता एक मिशन के रूप में की जाती थी। वर्तमान समय में पत्रकारिता पर सोशल मीडिया पूर्ण रूप से हावी हो चला है।
विज्ञापन
कम्युनिकेशन मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी हिसार के चेयरमैन प्रो. एन सुशील कुमार ने कहा कि मीडिया में आ रहे तकनीकी बदलाव को समझ कर उसके अनुरूप खुद को डालना होगा। संस्थान की निदेशक प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसके संबंध में जानना, समझना और उसे पत्रकारों एवं भावी पत्रकारों के लिए अहम है।
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार विनोद जिंदल, सौरभ चौधरी, जिला सूचना जन संपर्क अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने भी विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार, डॉ. रोमा सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. दीपक राय, डॉ. मधुदीप सिंह, डॉ. आबिद अली, डॉ. अभिनव, डॉ. रोशन मस्ताना, सुनीता, रितु, गौरव, सचिन वर्मा, कंचन शर्मा, अर्पणा शर्मा, राहुल अरोड़ा, मोनिका, डॉ. अजय कुमार, डॉ. जोगिंद्र शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।